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फेसबुक बन गई है बिक्री की दुकान
प्रियंका जोशी और शिवानी शिंदे /  August 26, 2010

मार्केटिंग के बाद अब फेसबुक के जरिये बिक्री भी जोर पकड़ रही है। कुछ महीने पहले तक बिगट्री एंटरटेनमेंट के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी आशीष हेमरजनी को अपने फेसबुक मित्रों के साथ किसी फिल्म को देखने की योजना बनाते और टिकट बुक कराने के बाद उन्हें हर किसी को इत्तिला करने में भी खासी मुश्किल झेलनी पड़ती थी। उनकी कंपनी बुक माई शो डॉट कॉम का भी संचालन करती है। हेमरजनी कहते हैं, 'मुझे उनमें से हर एक को कॉल करना पड़ता था और बताना पड़ता था कि किस दिन फिल्म देखना बेहतर रहेगा।'

आखिरकार इस मुश्किल ने इस कारोबारी को नया रास्ता तलाशने को मजबूर किया और इसमें मदद की फेसबुक ने। हेमरजनी ने एक फेसबुक ऐप्लीकेशन तैयार किया जिसमें सभी एक साथ जुड़कर फिल्म का स्टेटस देख सकते हैं, खुद ही टिकट खरीद सकते हैं। मेन साइट पर जाए बिना भी इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सकता है। बुकमाईशो अब अगले हफ्ते अपना फेसबुक टिकटिंग ऐप्लीकेशन पेश करने जा रही है।

ऑनलाइन टिकट मुहैया कराने वाली यह कंपनी पहले ही एक 'टिकट बडी' नाम का एक अन्य फेसबुक ऐप्लीकेशन इंटरनेट पर उतार चुकी है। इसमें खरीदार बिना अग्रिम भुगतान के भी टिकट बुक करा सकता है। हेमरजनी कहते हैं, 'बस उपभोक्ता को इतना भर करना होता है कि वह कौन सी फिल्म किस इलाके में देखना चाहता है। इसके लिए उन्हें तीन थियेटरों, तीन तारीखों और अपनी प्राइस रेंज का जिक्र करना होता है। जब फिल्म रिलीज होती है तब हम उन्हें कॉल कर टिकट बुक कराने के लिए कहते हैं।'

फेसबुक की अंतरराष्ट्रीय विपणन प्रबंधक मीनल बालर का कहना है कि लोग कई मामलों में अपने दोस्तों की राय पर कुछ ज्यादा ही भरोसा करते हैं। खासतौर से फिल्म देखने और छुट्टियां मनाने के बारे में तो यह बात काफी ज्यादा लागू होती है। बालर का कहना है, 'फेसबुक पर इस तरह की काफी बातें होने लगी हैं और अब कंपनियां भी इस चलन को समझ रही हैं। वह एक माध्यम की तलाश में हैं जहां पर लोग एक दूसरे की बातें सुनते हों, समझते हों और उस पर विचार करते हों।'

सोशल रिटेलर्स
केवल बुकमाईशो अकेली ही ऐसी कंपनी नहीं है जो सोशल मीडिया का फायदा उठा रही है। टिकट बुक करने, फिल्मों पर चर्चा करने और लोगों को फिल्म देखने की दावत भेजने के लिए पीवीआर ने भी एक फेसबुक ऐप्लीकेशन तैयार किया हुआ है। पीवीआर सिनेमाज में वरिष्ठï उपाध्यक्ष (परिचालन) राहुल सिंह का कहना है, 'हमने इस ऐप्लीकेशन को तकरीबन एक साल पहले विकसित किया था। सोशल नेटवर्किंग से काफी फायदे हैं और हमने इन्हीं फायदों के मद्देनजर इसे तैयार किया।'

सिंह बताते हैं कि पिछले साल फेसबुक ने इसे दूसरा सबसे इनोवेटिव ऐप्लीकेशन करार दिया था। वह कहते हैं कि यह बताना तो मुश्किल है कि फेसबुक ऐप्लीकेशन के जरिये कितनी मात्रा में टिकट बुक होते हैं लेकिन वह बात को जरूर मानते हैं कि इसके जरिये ब्रांड का ग्राहकों के साथ रिश्ता मजबूत हुआ है। सिंह कहते हैं, 'कुछ शहरों में हमारी कुल आमदनी का 25 फीसदी ऑनलाइन बुकिंग के जरिये आता है। वहीं फेसबुक ऐप्लीकेशन से भी हर महीने करीब 15 लाख लोग गुजरते हैं।'

फिलहाल ग्राहक क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या फिर अपने नेट बैंकिंग खाते से फेसबुक ऐप्स के जरिये टिकट बुक करा सकते हैं। पीवीआर सिनेमाज अपने ग्राहकों के लिए गिफ्ट कार्ड और लॉयल्टी कार्ड जैसे तोहफे भी पेश करने की तैयारी में है। सिंह के इरादे साफ हैं वह ऑनलाइन माध्यम से कंपनी की बिक्री में इजाफा करना चाहते हैं।

फेसबुक के बाद वह माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर की शोहरत का भी फायदा उठाने की फिराक में हैं।  इस साल की शुरुआत में फेसबुक ने डेवलपर्स को कारोबारी के फैन पेज पर सीधे ही शॉपिंग ऐप्लीकेशन तैयार करने की इजाजत दी थी। अब इसका चलन बढ़ता जा रहा है। रिसर्च एनालिस्ट फर्म फॉरेस्टर रिसर्च के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा कंपनियां अपनी विपणन नीतियों को धार देने और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही हैं।

भारत में भी यह हकीकत तेजी से आकार लेती जा रही है। कॉम स्कोर के केदार गवने कहते हैं, 'ज्यादातर कंपनियां अपने ब्रांड को चमकाने के लिए फेसबुक ऐप्लीकेश तैयार कर रही हैं। वहीं उपभोक्ताओं का आधार बढ़ाने के लिए स्वतंत्र ऐप्लीकेशन विकसित किए जा रहे हैं। जैसे-जैसे उपभोक्ताओं का दायरा बढ़ता जाएगा वैसे-वैसे देसी बाजार की जरूरत के हिसाब से ऐप्लीकेशन भी तैयार होते जाएंगे।'

पिछले कुछ वर्षों में फेसबुक ने खुद की पहचान एक सोशल नेटवर्किंग साइट से कहीं बढ़कर गढ़ी है। इसके ताजा बदलाव ने इसे एक दुकान के रूप में भी तब्दील करने का काम किया है। सर्च मार्केटिंग फर्म पिन्सटॉर्म के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी महेश मूर्ति का कहना है, 'जैसे-जैसे ऑनलाइन शॉपिंग का दायरा बढ़ेगा वैसे-वैसे सोशल नेटवर्किंग साइट्स की भूमिका का भी विस्तार होगा।'

Keyword: Facebook, Social Retailers,,
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