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तेल विपणन कंपनियां भी पाइप लाइन बिछाएंगी
आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने जीएसपीसी के साथ संयुक्त उपक्रम बनाया
अजय मोदी और ज्योति मुकुल / नई दिल्ली August 06, 2010

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल), ने गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) के साथ एक संयुक्त उपक्रम का निर्माण किया है।

चारों कंपनियों ने एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत संयुक्त उपक्रम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) द्वारा पाइपलाइन परियोजनाओं के लिए आमंत्रित निविदाओं में संयुक्त रूप से बोली लगाएगा।

एचपीसीएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एस रॉय चौधरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि तेल विपणन कंपनियों ने जीएसपीसी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जहां जीएसपीसी गैस पाइपलाइन क्षेत्र में प्रमुख कंपनी है। अगर कोई निविदा मिलती तो सभी कंपनियां संयुक्त उपक्रम के रूप में काम करेंगी।

इन कंपनियों का यह गठजोड़ मल्लावरम (आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के निकट)-भोपाल-भीलवाड़ा (राजस्थान)-विजयपुर (मध्य प्रदेश के गुना के निकट) पाइपलाइन के लिए दौड़ में शामिल है। गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (जीएसपीसीएल) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन में गैस की खोज की थी।

जीएसपीसीएल की सहायक कंपनी जीएसपीएल ने मुख्य रूप से इस गैस के लिए पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा था। नियामक पीएनजीआरबी ने पिछले माह इसके लिए निविदा आमंत्रित की थी। मजेदार बाद यह है कि इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गेल ने भी पाइपलाइन के लिए बोली लगाई है।

30 जून 2010 को समाप्त हुई तिमाही में तीनों तेल विपणन कंपनियों ने कुल 6,990 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया। इस क्षेत्र में गैस विपणन और ट्रांसपोर्टेशन एक उभरता हुआ क्षेत्र है।

एचपीसीएल की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए एक उपक्रम बनाने की योजना है, लेकिन रॉय चौधरी कहते हैं कि इस क्षेत्र में कंपनी अकेले उतरेगी या फिर किसी अन्य कंपनी से साझेदारी करेगी।

उन्होंने बताया कि यह संयुक्त उपक्रम केवल देश के भीतर पाइपलाइन बिछाने के लिए है, जिस पर काफी निवेश की जरूरत होगी। गैस व्यवसाय में उतरने के औचित्य एचपीसीएल चेयरमैन ने कहा कि एक पेट्रोलियम रिटेलिंग के क्षेत्र में कंपनी के डीजल व पेट्रोल को सीएनजी गैस से सीधे प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। अगर कंपनी सीएनजी व्यवसाय में नहीं उतरती है तो उसके डीलर ऐसे ही घाटा उठाते रहेंगे।

Keyword: IOC, BPCL, HPCL, GSPC, PNGRB,
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