बिजनेस स्टैंडर्ड - आधी-अधूरी तैयारी से कैसे होगा दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन!
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, October 17, 2021 03:08 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिंस खबर

आधी-अधूरी तैयारी से कैसे होगा दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन!
प्रारंभिक योजना के मुताबिक अब तक पूरा हो जाना चाहिए था काफी काम
रुचिका चित्रवंशी / नई दिल्ली July 28, 2010

दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेल शुरू होने में ढाई महीने से भी कम समय बचा है लेकिन इसके आयोजन के लिए अभी भी तैयारी पूरी नहीं हो सकी है। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बनाए जा रहे कई स्टेडियमों का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है और समय धीरे धीरे हाथ से निकलता जा रहा है।

अब भी आप अगर दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस चले जाएं तो आपका सामना यहां धूल भरी आंधी से होगा। दरअसल इस इलाके को नई शक्लो सूरत देने का काम चल रहा है। मगर कई दूसरी परियोजनाओं की तरह ही कनॉट प्लेस को नया रूप देने का काम भी अपने तय समय से पीछे चल रहा है।

भले ही दिल्ली सरकार यह कहती आ रही हो कि अगस्त के आखिर तक सारा काम पूरा कर लिया जाएगा मगर मजदूर कुछ अलग ही कहानी कह रहे हैं। एक परियोजना स्थल पर काम करने वाला मजदूर अनिल कहता है, 'हम रोज सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक काम कर रहे हैं। अब भी काफी काम बचा हुआ है। काम इतना ज्यादा है कि इसे दो महीनों में पूरा कर पाना भी मुश्किल है।'

कई परियोजनाओं को पूरा करने की मियाद बढ़ाकर अगस्त कर दी गई है। राष्ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होना है और इसे जोडऩे वाली सड़क बारापुल्लाह नुल्लाह की मरम्मत का काम अब भी काफी बचा हुआ है। दिल्ली के मुख्य सचिव राकेश मेहता कहते हैं, 'यह सड़क पुरातात्विक महत्त्व वाले स्थलों के काफी नजदीक है और यही वजह है कि इसे काफी विवाद का सामना करना पड़ा था।

हमें कुछ तकनीकी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा और इस वजह से भी कुछ देरी हुई है पर मुझे पूरा विश्वास है कि अगस्त तक सारा काम पूरा कर लिया जाएगा।' हालांकि अगर आरंभिक योजना पर नजर डालें तो अब तक उन परियोजनाओं की सूची काफी लंबी होगी जिनका काम अब तक पूरा हो जाना चाहिए था। मेहता कहते हैं, 'हमें 20 से 30 फीसदी मजदूरों की कमी भी उठानी पड़ रही है।

मॉनसून शुरू हो चुका है और काफी संख्या में मजदूर खेती के लिए अपने गांव वापस जा चुके हैं। हमें अब उन्हीं संसाधनों में काम पूरा करना है जो हमारे पास बचे हुए हैं।' विश्लेषकों का मानना है कि परियोजनाओं को पूरा करने में विलंब होने की एक वजह यह भी है कि जब इनके लिए ठेके दिए जा रहे थे तो केवल इस बात पर ध्यान दिया गया कि किस कंपनी ने सबसे कम की बोली लगाई है, चाहे वह परियोजना कितनी ही बड़ी क्यों न हो।

इस कारण से छोटी, कम अनुभवी और कम संसाधनों वाली कंपनियों की झोली में भी कई परियोजनाएं चली गई हैं। दिलचस्प रूप से राष्ट्रमंडल खेलों के दो आयोजन स्थल- जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और भारोत्तोलन स्टेडियम का काम अब तक अटका पड़ा है जबकि मेहता ने मार्च में ही बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया था कि जून के आखिर तक इनका काम पूरा कर लिया जाएगा।

फेडरेशन ऑफ होटल्स ऐंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार कहते हैं, 'हो सकता है कि आखिरी वक्त में हम किसी तरह सारा काम पूरा भी कर लें मगर जब हम इतने बड़े उत्सव का आयोजन करने जा रहे हैं तो हमें 6 महीने पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए थीं।'

एक और बड़ी चिंता खेलों के दौरान आने वाले पर्यटकों को ठहराने को लेकर है। इस दौरान शहर में करीब 1 लाख पर्यटकों के आने की संभावना है। मगर दिल्ली सरकार का कहना है कि शहर और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुल मिलाकर 35,000 कमरे ही उपलब्ध हैं। मेहता कहते हैं, 'जिन 35 होटलों को तैयार किया जाना था उनमें से 13 का ही काम पूरा होने की कगार पर है जिनसे करीब 2,500 कमरे और उपलब्ध होंगे। बाकी का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। तैयार होटलों को मंजूरी देने के काम में तेजी लाई जा रही है।'

और तो और खेल आयोजन समिति अब तक कैटरर का इंतजाम भी नहीं कर पाई है। वहीं आयोजन के लिए बजट को लेकर भी माथापच्ची चल रही है। सरकार आयोजन समिति को पहले ही खेलों के लिए 1,600 करोड़ रुपये दे चुकी है जबकि आयोजक सरकार से अतिरिक्त 720 करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं।

Keyword: incomplete preparation, Commonwealth Games, Delhi,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सरकार को बिटकॉइन का नियमन करना चाहिए?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.