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शेयर बाजार की फुहार में आई बोनस की बौछार
बोनस ऑफर
विशाल छाबडिय़ा और राम प्रसाद साहू /  July 25, 2010

पिछले पांच सप्ताहों में चार प्रमुख निजी कंपनियों आईटीसी, बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर्स और सरकार के स्वामित्व वाली एमएमटीसी ने अपने शेयरधारकों को बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव की घोषणा की है। ये कदम अन्य कंपनियों के विश्वास को भी प्रदर्शित करते हैं।

बढ़ते मुनाफे और राजस्व की वजह से पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा कंपनियां बोनस शेयर जारी कर रही हैं। इसलिए क्या यह समय निवेशकों के लिए खुश होने का है?

बढ़ती तरलता
जब बोनस को कंपनी के शेयरधारकों द्वारा मंजूरी मिल जाती है तो शेयरों को मौजूदा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुपात में जारी किया जाता है। हालांकि बोनस शेयर का निर्गम कंपनी के फंडामेंटल में किसी बदलाव का संकेत नहीं होता है, लेकिन यह रुझान का संकेतक होता है और कुछ हद तक इससे शेयर की खरीदारी क्षमता में सुधार आता है।

हालांकि ऐसी पहल को बहुत ज्यादा सकारात्मक नहीं माना जा सकता। कई प्रबंधक भी इससे प्रभावित नहीं हैं। आईएनजी इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के सीआईओ के रामनाथन कहते हैं, 'बोनस इश्यू फंडामेंटल पहलू से संबद्घ नहीं होता है। इसे लेकर खुदरा निवेशकों की सोच यह रहती है कि ऐसे निर्गम उनका आधार बढ़ाते हैं, कीमतें कम होती हैं और इसलिए तरलता बढ़ती है।'

आईडीएफसी म्युचुअल फंड के निदेशक (इक्विटीज) त्रिदीब पाठक का भी मानना है कि बोनस शेयरों के निर्गम का मतलब कंपनी के फंडामेंटल में बदलाव नहीं होता है। वे कहते हैं, 'यह विकास के संदर्भ में अधिक विश्वास और उच्च संभावना का संकेत देता है।'उन चार कंपनियों के परिदृश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है जिन्होंने हाल ही में बोनस शेयर प्रस्तावों की घोषणा की है।

बजाज ऑटो
बजाज ऑटो का शेयर 14 जुलाई से 4 फीसदी चढ़ चुका है। कंपनी ने 14 जुलाई को घोषणा की थी कि वह बोनस इश्यू पर विचार करेगी। 1:1 का बोनस जून तिमाही के शानदार नतीजों के बाद आया है। जून तिमाही में कंपनी का राजस्व साल दर साल 68 फीसदी की वृद्घि के साथ 3,972 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी का शुद्घ लाभ दोगुनी वृद्घि के साथ 590 करोड़ रुपये रहा।

कच्चे माल की कीमतों में वृद्घि के बावजूद उसका परिचालन लाभ मार्जिन 20 फीसदी पर स्थिर रहा। आगामी समय में जहां कारोबार मजबूत रहने की संभावना है वहीं मुनाफा वृद्घि थोड़ी कमजोर हो सकती है, क्योंकि बेस प्रभाव कमजोर हुआ है। 2,490 रुपये पर यह शेयर अपनी 2010-11 की आय के 15 गुना पर कारोबार कर रहा है। गिरावट पर खरीदें।

टीवीएस मोटर्स
यह शेयर बुधवार को तब 7 फीसदी चढ़ गया जब कंपनी ने 1:1 के अनुपात में बोनस देने और वित्तीय परिणाम घोषित करने की घोषणा की। अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तरह टीवीएस भी मजबूत मांग की सवारी कर रही है जिससे इसे कारोबार, राजस्व और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली है। जून तिमाही में कारोबार में 33 फीसदी का इजाफा हुआ वहीं राजस्व साल दर साल 38.5 फीसदी बढ़ कर 1,369 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी को नए लॉन्च (वेगो और जीव) से भी इस तिमाही में प्राप्तियों में 6 फीसदी तक सुधार लाने में मदद मिली। शुद्घ लाभ दोगुना बढ़ कर 40 करोड़ रुपये रहा। चालू वित्त वर्ष में कंपनी को बिक्री में 20 लाख यूनिट के लक्ष्य को हासिल कर लेने की उम्मीद है। 133 रुपये पर यह शेयर 2010-11 की अनुमानित ईपीएस के 15.8 गुना पर कारोबार कर रहा है। गिरावट पर खरीदें।

आईटीसी
आईटीसी द्वारा 1:1 के बोनस की घोषणा के बाद शुक्रवार को इस शेयर ने अपनी 52 सप्ताह की ऊंचाई को छुआ। पिछले तीन दशकों में यह इसका सातवां बोनस है। कंपनी इस साल अगस्त में देश में अपने परिचालन के 100 वर्ष पूरे कर रही है और इसी को ध्यान में रखते हुए उसने बोनस शेयर की घोषणा की है। जून तिमाही के लिए आईटीसी का शुद्घ लाभ लगभग 20 फीसदी बढ़ कर 1,070 करोड़ रुपये रहा जबकि इसका कारोबार 16 फीसदी की बढ़त के साथ 4,817 करोड़ रुपये रहा।

सभी व्यावसायिक खंडों में मजबूती की वजह से इसके कारोबार में यह बढ़त दर्ज की गई है। इसका सिगरेट व्यवसाय 12 फीसदी बढ़ कर 2,284 करोड़ रुपये का रहा। कंपनी के कुल राजस्व में सिगरेट व्यवसाय की भागीदारी लगभग 50 फीसदी की है। 298 रुपये पर यह शेयर 2011-12 की अनुमानित आय के 18 गुना पर कारोबार कर रहा है। दो साल की अवधि को ध्यान में रख कर निवेशक गिरावट पर इस शेयर को खरीद सकते हैं।

एमएमटीसी
एमएमटीसी वर्ष 2009-10 में 45,124 करोड़ रुपये के कारोबार के साथ भारत की सबसे बड़ी ट्रेडिंग कंपनी है। इसके राजस्व का बड़ा हिस्सा लौह अयस्क निर्यात और स्वर्ण आयात से हासिल होता है। इसके वैश्विक ट्रेड नेटवर्क की 11 लाख टन के इस्पात संयंत्र (विद्युत संयंत्र एवं बड़े लौह अयस्क भंडारों तक पहुंच शामिल) में लगभग 50 फीसदी की हिस्सेदारी है।

शेयर विभाजन (10:1) और बोनस ऑफर (1:1) की ताजा घोषणा का मुख्य उद्देश्य शेयर की खरीद क्षमता और तरलता बढ़ाना है। विश्लेषक 29,924 रुपये पर इस शेयर को महंगा (2009-10 की ईपीएस के 689 गुना पीई) मान रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि योजनाबद्घ विनिवेश के बाद तरलता में सुधार आने के साथ इसके मूल्यांकन में भी कमी आएगी।

Keyword: ITC, Bajaj Auto, TVS Motors, MMTC,
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