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अब मोबाइल बैंकिंग के जरिए ग्राहकों को लुभा रहे हैं बैंक
एजेंसियां / मुंबई May 22, 2008
अब तक देशी बैंक केवल अलर्ट और प्रमोशनल एसएमएस भेजने के लिए ही मोबाइल नेटवर्क का उपयोग कर रहे थे,लेकिन देश में इंटरनेट यूजर्स की तुलना में कहीं अधिक गति से बढ़ रहे इस नेटवर्क का लाभ उठाने के लिए बैंक फंड ट्रांजेक्शन में भी इसका उपयोग कर रहे हैं।
बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों के अनुसार बैंक अपने ग्राहकों को बेहद कम कीमत पर अधिक सक्रिय ट्रांजेक्शन सेवा देने के लिए मोबाइल की ओर रुख कर रहा है। यस बैंक के कंट्री हेड(केश मैनजमेंट व डायरेक्ट बैंकिंग) रविशंकर ने बताया कि वे इसे नए चैनल के विकल्प के रूप में देखते हैं। इससे एक पूरे नए बाजार के द्वार खुल रहे हैं। अब से दो साल बाद मोबाइल ट्रांजेक्शन वर्तमान में प्रचलित कई ट्रांजेक्शन के विकल्पों की जगह ले लेगा।

एक बार इस पर केंद्रीय बैंक के दिशा-निर्देश सामने आने के बाद यह क्षेत्र मोबाइल ट्रांजेक्शन तेजी से लोकप्रिय होगा। भारतीय बैंको ने तकनीकी को लागत घटाने के लिए शाखाओं के विकल्प के तौर पर अपनाया है। ब्रॉडबैंड की संख्या कम होने के कारण वे मोबाइल बैंकिंग को इसी तरह का एक बेहतर विकल्प मानते हैं। क्लीयरिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक सैय्यद शहाबुद्दीन ने बताया कि भारत में हाल-फिलहाल 8 प्रतिशत बैंकिंग ट्रांजेक्शन ही ऑनलाइन होता है।

मोबाइल ट्रांजेक्शन काफी उम्मीदों वाला है,लेकिन यह कब तक चलन में आ पाएगा, यह अभी कहना मुश्किल है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार मार्च में भारत में कुल मोबाइल धारकों की संख्या 30 करोड़ हो गई और वह दुनिया का दूसरे सबसे बड़ा वायरलेस नेटवर्क वाला देश बन गया। स्मार्ट फोन का घरेलू बाजार में 40 प्रतिशत हिस्सा है।

शंकर कहते हैं कि वर्तमान औसतन हर बैंक शाखा को प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर 50 रुपये की लागत आती है। एमटीएम पर यह लागत घटकर 15-20 रुपये हो जाती है, अगर 10 रुपये हो जाए तो बैंक अपनी लागत को आधी करने की स्थिति में होंगी। मोबाइल फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का कारोबार कर रही एमचेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय स्वामी ने बताया कि केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2007 तक देश में 32,342 एटीएम थे।

देश की सबसे बड़ी निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने मोबाइल बैंकिंग की शुरुआत की है। इसके जरिए वह अपने ग्राहकों को मैसेजिंग, डाउनलोड मीनू और जीपीआरएस जैसे कई चैनलों के जरिए सेवा उपलब्ध करा रही है। प्रायवेट क्षेत्र की एक अन्य बैंक कोटक महिंद्रा बैंक के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर विक्रम सूद ने बताया कि उनकी बैंक मोबाइल सेवा के दायरे में विस्तार कर रही है।
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