बिजनेस स्टैंडर्ड - केसोराम: बेटी को सौंपी कमान
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केसोराम: बेटी को सौंपी कमान
मंजूश्री खेतान कंपनी की वाइस चेयरमैन और कुमार मंगलम बिरला होंगे चेयरमैन
बीएस संवाददाता / कोलकाता 07 01, 2010

बसंत कुमार बिरला की केसोराम इंडस्ट्रीज बदलाव का इंतजार कर रहा है। उद्योगपति बिरला परिवार के मुखिया बसंत कुमार बिरला ने केसोराम इंडस्ट्रीज में उत्तराधिकारी की योजना बनाई है। इसके तहत उनके बाद उनकी बेटी मंजूश्री खेतान कंपनी की वाइस चेयरमैन होंगी जबकि पोते कुमार मंगलम बिरला चेयरमैन होंगे।

बिरला की बेटी मंजूश्री खेतान, बसंत कुमार के पोते कुमार मंगलम बिरला की देख-रेख में केसोराम इंडस्ट्रीज की कमान संभालेंगी। कंपनी की सालाना आम बैठक के बाद बसंत कुमार बिरला ने बताया कि मंजूश्री कंपनी के काम-काज को देखेंगी और कुमार मंगलम बिरला उनका मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि कुमार मंगलम बिरला को मैं कंपनी के चेयरमैन पद पर देखना चाहता हूं और मंजूश्री वाइस चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभालेंगी।

पिछले साल एक शेयरधारक ने सुझाव दिया था कि खेतान को कंपनी का वाइस चेयरमैन बनाना चाहिए, लेकिन उस समय बिरला ने कहा था कि वह इस पर विचार करेंगे। उन्होंने यह स्पष्टï किया कुमार मंगलम बिरला कंपनी के वारिस होंगे। कंपनी के उत्तराधिकार योजना में बदलाव के बारे में पूछने पर बिरला ने कहा कि मेरी सभी कंपनियों का उत्तराधिकारी कुमार मंगलम होंगे और उनकी बेटी को इसमें एक हिस्सा मिलेगा।

बिरला के बयान से इस बात का पता नहीं चलता है कि केसोराम इंडस्ट्रीज के उत्तराधिकार में कोई और बदलाव होगा, लेकिन इस बात का संकेत जरूर मिलता है कि बिरला सेवानिवृत्त हो सकते हैं। बिरला के आज के बयान से कंपनी में मंजीश्री की भूमिका स्पष्टï हो गई है। बदलाव की पुष्टिï करते हुए खेतान ने पहली बार शेयरधाकरों को संबोधित किया और कंपनी के बारे में बात की।

खेतान ने कहा कि केसोराम इंडस्ट्रीज 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कंपनी बन सकती है। इसके लिए उन्होंने लंबी अवधि को ध्यान में रखकर रणनीति बनाने की बात कही है। 2010 के अंत तक केसोराम इंडस्ट्रीज का कारोबार करीब 5,000 करोड़ रुपये का रहा। बोर्ड ने आज कंपनी की विस्तार योजना के लिए 1,125 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी भी दी।

जुलाई 2004 को बिरला ने कहा था कि उनकी कंपनी का उत्तराधिकारी ऐसा व्यक्ति होगा जो कंपनी के दैनिक कार्यों पर ध्यान दे सके। इसके तहत मंजूश्री खेतान को केसोराम इंडस्ट्रीज और जयश्री मोहता को जयश्री टी ऐंड इंडस्ट्रीज सौंपा गया। हालांकि बाद में उन्होंने इस योजना में बदलाव करते हुए कहा कि उनकी सभी बड़ी कंपनियां- सेंचुरी टेक्सटाइल्स, सेंचुरी एनका और केशोराम इंडस्ट्रीज कुमार मंगलम बिरला के हिस्से जा सकता है।

बीके बिरला मंगलम सीमेंट और मंगलम टिंबर के विलय की योजना बना रहे हैं। हालांकि इस योजना का कुछ निदेशक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुनाफा कमाने वाली एक कंपनी में घाटे वाली कंपनी का विलय उचित नहीं होगा। बिरला इन दोनों कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 40 फीसदी करने की योजना बना रहे हैं।

Keyword: Birla Industries, Kesoram Industries, Manjushree Khetan,
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