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अगवा कवर तो क्या डर
शिल्पी सिन्हा / मुंबई June 23, 2010

अगवा करने की घटनाएं बढ़ने से आम जनता को परेशानी तो हुई ही है, तमाम कंपनियां भी परेशान नजर आ रही हैं।

अपने कर्मचारियों के लिए तमाम कंपनियों को अगवा और फिरौती बीमा कराना पड़ रहा है। बीमा कंपनियों का कहना है कि इस खास बीमा की बिक्री पिछले साल भर में दोगुनी हो गई है। इस खास बीमा योजना में बीमा कंपनी कर्मचारी के अगवा होने की सूरत में फिरौती की रकम तो अदा करती ही है, पता बताने या छुड़ाने वाले को पुरस्कार भी देती है।

इसके अलावा दुर्घटना, कॉस्मेटिक सर्जरी और कानूनी खर्च का बोझ भी उसे ही उठाना पड़ता है। फिलहाल 5 कंपनियां यह बीमा दे रही हैं। इनके नाम न्यू इंडिया ऐश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया, टाटा एआईजी, आईसीआईसीआई लोंबार्ड और एचडीएफसी एर्गो हैं।

न्यू इंडिया एश्योरेंस के महाप्रबंधक आई एस फुकेला ने कहा, 'जब भी ऐसी कोई दुर्घटना होती है, हम एक जोखिम नियंत्रण समूह बनाते हैं और कॉल्स की निगरानी करने के साथ ही बाकी चीजों पर भी ध्यान देना शुरू कर देते हैं। हम अपहरणकर्ताओं से बात करते हैं और उन्हें पकड़ने में मदद करने वाले को पुरस्कार राशि की भी घोषणा करते हैं।'

ग्राहकों के लिए गोपनीयता बेहद जरूरी होती है, इसीलिए बीमा कंपनियां इस श्रेणी के बीमा आंकड़ों को साझा नहीं करती हैं। इस कारण इस बाजार की सही कीमत का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। लेकिन उद्योग सूत्रों के अनुसार ऐसे मामलों में बीमा राशि 2 करोड़ रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये रहती है।

फुकेला ने बताया कि इस तरह की अधिकतर पॉलिसी  देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में परिचालन कर रही कंपनियां कराती हैं, क्योंकि वहां कर्मचारियों के अगवा होने के हादसे अधिक होते हैं। देश के कुछ हिस्सों में यह कवर बेहद जरूरी भी है। बीमा कंपनियों का कहना है कि नक्सलवाद या आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे अधिकतर लोग यह कवर लेते हैं। 

आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस के प्रमुख (जोखिम एवं रिइंश्योरेंस) राजीव कुमारस्वामी ने कहा, 'पिछले एक साल में ऐसी पॉलिसी की संख्या दोगुनी हो गई है। शुरुआत में ठेके पर काम करने वाली कंपनियां ही यह कवर लेती थीं। लेकिन हाल ही में समुद्रीय परिचालन कंपनियों ने भी यह कवर खरीदना शुरू कर दिया है। सोमालिया के समुद्री डाकुओं के डर के कारण शिपिंग कंपनियां अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई हैं।'

कोई करे न अगवा

अगवा और फिरौती का बीमा पकड़ रहा ज़ोर
तमाम कंपनियां कर्मचारियों को दिलाती हैं यह कवर
साल भर में दोगुनी हो गई इस बीमा की बिक्री
5 बड़ी बीमा कंपनियां दे रही हैं अभी यह कवर
अपहृत की फिरौती और अन्य खर्च देती है बीमाकर्ता

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