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शेयर बाजारों में फियर फैक्टर गहराया
दिशासूचक
आकाश जोशी और उज्जवल जौहरी /  May 26, 2010

लगता है कि वैश्विक एवं घरेलू दोनों बाजारों में भय बढ़ता जा रहा है। इसका एक स्पष्ट संकेत वोलेटिलिटी इंडेक्स यानी वीआईएक्स में तेज वृद्धि से मिलता है।

यह इंडेक्स पहली बार 1993 में शिकागो बोर्ड ऑफ एक्सचेंज या सीबीओई द्वारा बनाया गया। यह इंडेक्स अगले 30 दिनों के लिए बाजार में संभावित अस्थिरता को दर्शाता है। इस संकेतक की गणना बाजार में कॉल एवं पुट दोनों के आधार पर की जाती है और इसे फियर इंडेक्स के रूप में भी जाना जाता है।

यह फियर इंडेक्स भारत में भी वृद्धि कर रहा है। जब यह इंडेक्स 30 अंक के स्तर को पार कर जाता है तो विश्लेषक बाजार को अस्थिर मानते हैं। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडिया वीआईएक्स इस सीमा को पार कर चुका है।

वैश्विक स्तर पर भी सीबीओई वीआईएक्स ने सोमवार को 45-अंक के अवरोध को तोड़ दिया है। इससे पहले यह इंडेक्स इस स्तर तक तब पहुंचा था जब बाजार में 11 सितंबर की आतंकवादी घटना, डॉटकॉम संकट और लॉन्ग-टर्म कैपिटल मैनेजमेंट (एलटीसीएम) संकट का नकारात्मक असर पड़ा था।

इन घटनाओं के दौरान फियर इंडेक्स 45 अंक के स्तर से ऊपर पहुंच गया था। विश्लेषकों के अनुसार हालांकि तकनीकी रूप से सीबीओई और इंडिया वीआईएक्स के बीच कोई संबंध नहीं है, लेकिन वे समान दिशा में काम करते हैं।

हालांकि यूरोपीय संकट के बीच भारत काफी हद तक सुरक्षित दिख रहा है। लेकिन वैश्विक निवेशकों की बिकवाली से कुछ समय के लिए नकदी का दबाव बढ़ेगा। वैश्विक निवेशकों ने पिछले महीने में लगभग 8,480 करोड़ बाजार से निकाले थे।

इसके अलावा क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप बढ़ कर 3 फीसदी की तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया है। क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप टॉप रेटिंग वाली भारतीय कंपनियों के लिए क्रेडिट जोखिम की आशंकाओं का संकेत देता है। म्युचुअल फंड मौजूदा समय को अनिश्चित मान रहे हैं और उन्होंने अपना नकदी स्तर बढ़ा कर 10 फीसदी कर लिया है जो कुछ महीने पहले लगभग 4 फीसदी था।

दरअसल, इन फंडों ने इस महीने अब तक 498 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की है। वित्त वर्ष 2010 की पिछली तिमाही में अपने शेयरों को गिरवीं रखने में अधिक दिलचस्पी दिखाई। सिर्फ बीमा कंपनियां ही सेकेंडरी बाजार की मदद करती दिख रही हैं। ये सब अनिश्चित रुझान के स्पष्ट संकेत हैं और यह स्थिति तब तक बरकरार रह सकती है जब तक कि कोई स्पष्टता और स्थिरता नहीं देखी जाती। 

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