बिजनेस स्टैंडर्ड - बंदरगाह परियोजनाओं की बढ़ेगी रफ्तार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, August 09, 2022 05:08 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

बंदरगाह परियोजनाओं की बढ़ेगी रफ्तार
कात्या नायडू / मुंबई May 22, 2010

इस साल सिर्फ हाईवे परियोजनाएं ही इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की पसंदीदा परियोजनाएं नहीं होंगी बल्कि बंदरगाह क्षेत्र में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं की तादाद भी बढ़ रही है।

इस साल लगभग 17 बड़ी बंदरगाह परियोजनाएं आवंटित किए जाने की योजना है। इन बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) परियोजनाओं के दायरे में नए टर्मिनलों के निर्माण से लेकर कारगो बर्थ का निर्माण और संयंत्रों के कामकाज का मशीनीकरण आदि शामिल हैं। इन परियोजनाओं में से कम से कम आठ परियोजनाएं बड़े आकार हैं जो 500 करोड़ रुपये से 7,000 करोड़ रुपये की रेंज में हैं।

सरकार नए मंगलूर लौह अयस्क टर्मिनल, विजाग बंदरगाह पर अतिरिक्त बर्थ, गोवा कोल बर्थ और कुड्डालोर के लंगर बंदरगाह में इसी तरह की छोटी परियोजनाओं के निर्माण आदि के लिए बोली पहले ही आमंत्रित कर चुकी है।

एस्सार शिपिंग, पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स के निदेशक वी अशोक ने कहा, 'पिछले साल मंदी के बावजूद बंदरगाह क्षेत्र में विकास गतिविधियां देखी गईं। इस साल सरकार इसमें तेजी लाना चाहती है। हम अगले दो-तीन साल में इस क्षेत्र में गतिविधियों में काफी इजाफा देखेंगे।'

वित्तीय हालात में सुधार और बंदरगाह यातायात में बदलाव की वजह से परियोजनाओं की घोषणाओं में इजाफा हुआ है। 2008 में अमेरिका और यूरोप में मंदी के बाद बंदरगाह यातायात और दरों में काफी कमी आ गई थी।

बंदरगाह यातायात में आई तेजी ने कंपनियों और निवेशकों को बंदरगाह ढांचा विकास में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया है। पिछले महीने कंटेनर कारगो 23 फीसदी, लौह अयस्क कारगो 13 फीसदी तक बढ़ा। पिछले महीने पेट्रोलियम कारगो भी पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 1.3 फीसदी तक बढ़ा।

केपीएमजी के लीडर (इन्फ्रास्ट्रक्चर) अरविंद महाजन ने कहा, 'बंदरगाह यातायात में काफी सुधार आया है, क्योंकि आयात और निर्यात दोनों में विदेशी व्यापार की भागीदारी बढ़ी है। हमें यह ध्यान में रखना होगा कि जीडीपी की प्रतिशतता के रूप में विदेशी व्यापार अन्य देशों की तुलना में बेहद छोटा है। इसमें तेजी आएगी।'

मालवाहन गतिविधि में इजाफा होने की उम्मीद है, खासकर बिजली क्षेत्र द्वारा इस्पात निर्यात व्यापार और कोयला आयात की बढ़ती मांग की वजह से ड्राई बल्क सेगमेंट में इसमें इजाफा होगा।

जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर के संयुक्त प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी बी जे वी के शर्मा ने कहा, 'वर्ष 2012 तक बल्क कारगो यानी थोक माल में 10-12 फीसदी तक का इजाफा होगा। अगर बिजली क्षमता में वृद्धि के 60 फीसदी के अनुमानित लक्ष्य को हासिल कर लिया जाता है तो हम 2017 तक 17 करोड़ टन कोयला आयात की संभावना तलाशेंगे।

Keyword: highway projects, port projects, infrastructure companies, PPP Model, BOT projects, iron-ore terminal, logistics, shipping,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 बिजली वितरण में बदलाव से उपभोक्ताओं को होगा फायदा
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.