बिजनेस स्टैंडर्ड - भुगतान के इंतजार में गन्ना किसान
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, August 15, 2020 09:48 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

भुगतान के इंतजार में गन्ना किसान
राजीव कुमार / नई दिल्ली May 05, 2010

गाजियाबाद के गदाना गांव के गन्ना किसान हरेंद्र नेहरा को अभी 80 हजार रुपये का भुगतान नहीं मिला है।

उनकी ही तरह भदौला गांव के गन्ना किसान अनुराग तेवतिया भी चीनी मिल से 2 लाख रुपये मिलने का इंतजार कर रहे हैं। गांव काजिमपुर के गन्ना किसान किरण सिंह का तो 2.5 लाख रुपये अटका पड़ा है। इस प्रकार के सैकड़ों किसानों में से किसी को अपनी बेटी की शादी करनी है तो किसी को अगली फसल की तैयारी।

किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेने वाले किसानों को मई तक अपना कर्जा भी चुकाना है। गेहूं की कटाई एवं नई फसल की जुताई की तैयारी में मशगूल इन किसानों के पास बार-बार मिलों का चक्कर काटने के लिए समय का भी अभाव है। दूसरी तरफ मिलर्स चीनी की लागत के मुकाबले कीमत नहीं मिलने का रोना रो रहे हैं। चीनी की कीमत कम होने से उन्हें गन्ना किसानों को भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं।

गाजियाबाद की तरह मुरादाबाद के सैकड़ों गन्ना किसान भुगतान के इंतजार में हैं। अमियापुर गांव के धर्मवीर सिंह का चीनी मिल पर 40 हजार रुपये का बकाया है। गन्ने की खेती के लिए उन्होंने ब्याज पर पैसे लिए थे। अब समय से नहीं चुकाने पर उन्हें अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा।

नेहरा कहते हैं, 'मेरे पास किसान क्रेडिट कार्ड है और अब बैंक अपने पैसे के लिए बार-बार टोक रहा है। हम किसानों को कर्ज पर 10 फीसदी ब्याज का भुगतान करना होता है।' गन्ना मूल्य के भुगतान का इंतजार कर रहे इन किसानों को इस बात का रंज है कि उन्हें भुगतान में देरी पर कोई ब्याज नहीं मिलता है। उन्हें इस बात की भी कोई जानकारी नहीं है कि उनका भुगतान छह माह बाद होगा या दो साल बाद।

मुरादाबाद के किसान हरपाल चौधरी कहते हैं, 'गन्ने मूल्य के भुगतान में विलंब होना कोई नई बात नहीं है। पर तय अवधि से अधिक का समय लगने पर किसानों को ब्याज मिलना चाहिए।' वे बताते हैं कि मुरादाबाद के कुछ किसानों को एक चीनी मिल से अदालत के आदेश पर दस साल बाद गन्ने मूल्य का भुगतान किया गया, लेकिन कोई ब्याज नहीं दिया गया।

किसानों ने बताया इन दिनों गेहूं की कटाई, भूस की ढुहाई, ईख की बुआई जैसे कई काम खेतों में होते हैं। इस लिहाज से अगले दो महीनों तक किसानों के पास समय की भारी कमी होती है। इसलिए वे चीनी मिलों के पास बार-बार अपने भुगतान के लिए भी नहीं जा सकते हैं।

दूसरी तरफ चीनी मिलर्स का कहना है कि चीनी की कीमतें गिरकर 3000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। जो कि उनकी लागत के बराबर है। परिष्कृत चीनी का आयात शुल्क मुक्त होने से कीमत में कोई बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है।

सहारनपुर स्थित दया शुगर के सलाहकार डीके शर्मा कहते हैं, 'ऐसी स्थिति में निश्चित रूप से मिलों को गन्ने मूल्य के भुगतान में दिक्कतें हो रही हैं। सरकार को चाहिए कि तुरंत परिष्कृत चीनी के आयात पर शुल्क लगाए।'

उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों ने 2009-10 के पेराई सत्र के दौरान किसानों को लगभग 12,229 करोड़ रुपये की अदायगी की है। पिछले साल लगभग 5,925 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया गया था जबकि 2006-07 के सत्र के दौरान किया गया कुल भुगतान लगभग 4,000 करोड़ रुपये था।

गन्ना किसानों को लगभग 7000 करोड़ रुपये की रकम का भुगतान किया जाना अभी बाकी है। राज्य सरकार का कहना है कि जल्द ही इस बकाया राशि की अदायगी कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि पिछले वर्षों का लगभग सभी बकाया गन्ना भुगतान किया जा चुका है।

Keyword: sugarcane, farmers, ghaziabad, payments,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या आरबीआई के लाभांश से खजाने पर कम होगा बोझ?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.