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पुलिस बीमा पर नक्सली गाज!
दंतेवाड़ा हमले के बाद पुलिस बलों के बीमा पर ज्यादा प्रीमियम वसूलेंगी बीमा कंपनियां
नम्रता आचार्य / कोलकाता April 09, 2010

नक्सलियों ने मंगलवार को दंतेवाड़ा में केंद्रीय रिजर्व पुसिल बल (सीआरपीएफ) पर जो हमला किया, उसका खामियाजा पूरे देश के पुलिस बल को देखना पड़ सकता है।

दरअसल उनकी सामूहिक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसियों का नवीकरण होना है और इस बार कंपनियां उनसे पहले से बहुत ज्यादा प्रीमियम वसूल सकती हैं। बीमा कंपनियों के मुताबिक प्रीमियम में 200 से 300 फीसदी का इजाफा हो सकता है।

नैशनल इंश्योरेंस को पिछली बार तकरीबन 2 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा उस वक्त देने पड़े थे, जब इसी साल 15 फरवरी को शिल्दा में पूर्वी सीमांतर रायफल्स के शिविर पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। उस हमले में 24 जवान शहीद हो गए थे। पॉलिसी का नवीकरण होना है और बीमा कंपनी उस घाटे की भरपाई के लिए प्रीमियम बढ़ाने की मंशा जता रही है।

कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, 'नवीकरण के वक्त शायद हम ज्यादा प्रीमियम वसूलेंगे। नक्सल प्रभावित राज्यों में प्रीमियम ज्यादा होना स्वाभाविक है। इस साल वैसे भी दावे ज्यादा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में हम पॉलिसी के एवज में 3 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुके हैं।'

घाटा हुआ ज़बरदस्त

छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस को 5-6 साल पहले व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा देने वाली एक सरकारी बीमा कंपनी ने एक ही वर्ष में दावों की संख्या 500 फीसदी बढ़ती देख पॉलिसी ही खत्म कर दी थी।

उस कंपनी के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर बताया, 'हमारा बीमा प्रीमियम तकरीबन 4 करोड़ रुपये था, लेकिन एक साल में हमने 17 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसके बाद हमें आलाकमान से साफ ताकीद कर दिया गया कि इस तरह की पॉलिसी प्रीमियम में भारी भरकम इजाफे के बाद ही दोबारा की जाएंगी।

खराब अनुभव के बाद हमने पॉलिसी खत्म कर दी। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में खतरे से सभी वाकिफ हैं, तो कोई भी बीमा कंपनी उसके लिए कवर क्यों देगी?'

नक्सली समस्या से इतने जिले प्रभावित हैं कि यह समस्या केवल पूर्वी भारत में सीमित नहीं रह गई है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस को यही बीमा देने वाली ओरियंटल इंश्योरेंस के लिए विदर्भ में 2008-09 के दौरान नक्सल हमले के बाद घाटा 300 फीसदी हो गया।

कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, 'समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के दावे अप्रत्याशित रूप से बढ़े हैं। घाटा पाटने के लिए प्रीमियम में भी इजाफा करना पड़ेगा क्योंकि केवल कुछ मौतों से पूरी पॉलिसी नुकसान में आ जाती है। यह समस्या दूसरे राज्यों में भी है।'

पुलिस से नुकसान

पुलिस कर्मियों के मामले में व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसियों में प्रीमियम आम दुर्घटना पॉलिसियों के मुकाबले 50 फीसदी अधिक होता है।

न्यू इंडिया ऐश्योरेंस के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एम रामदास ने कहा, 'पुलिस कर्मियों के मामले में दावे ज्यादा होते हैं। हम प्रीमियम ज्यादा लेते हैं ताकि घाटे की भरपाई हो सके। अगर घाटा 300 फीसदी होता है, तो प्रीमियम में इजाफा भी उतना ही होता है। '

बढ़ते दावों से परेशान बीमा कंपनियां बढ़ाएंगी प्रीमियम
प्रीमियम में 200 से 300 फीसदी इज़ाफे की संभावना
पुलिस बल का बीमा प्रीमियम आम तौर पर होता है ज्यादा

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