बिजनेस स्टैंडर्ड - मजबूत बुनियाद की ऊंची उड़ान
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, October 17, 2021 03:05 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

मजबूत बुनियाद की ऊंची उड़ान
छोटा निवेश : अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट का पिछला रिकॉर्ड बेहतर रहा है और अब कंपनी नए मौकों की तलाश में है ताकि वह भविष्य में बेहतर वृद्धि दर को बरकरार रख सके
जितेंद्र कुमार गुप्ता /  March 28, 2010

मझोले स्तर की कंस्ट्रक्शन कंपनी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट को बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सुनियोजित निवेश से फायदा मिलने की उम्मीद है खासतौर पर शहरी बुनियादी ढांचे से। कंपनी के पास करीब 5,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं और अगले 2-3 सालों के लिए बेहतर कमाई के संकेत भी मिल रहे हैं।

कंपनी बुनियादी ढांचे के निर्माण से जुड़े क्षेत्रों मसलन ऊर्जा, सड़क और जल से जुड़ रही है और इन क्षेत्रों से मिलने वाले ऑर्डर और कमाई को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले सालों में बेहतर वृद्धि हो सकती है। कंपनी के पास अच्छी खासी नकदी है ऐसे में यह दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े खिलाड़ियों के बीच मजबूत बनी रहेगी।

कैसी है क्षमता

अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट की मूल क्षमता बिल्डिंग निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा कराना है जो आकार में बेहद बड़े नहीं होते लेकिन इनमें बेहतर गुणवत्ता की बात की जाती है।

कुछ अच्छी परियोजनाओं का काम कंपनी ने स्वतंत्र रूप से पूरा किया है जिनमें मुंबई में आईटीसी ग्रैंड होटल, करीब 1,000 करोड़ रुपये का कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज, दिल्ली मेट्रो की परियोजना और दूसरी परियोजनाएं शामिल हैं।

फिलहाल कंपनी व्यावसायिक, आवासीय, संस्थागत और रिटेल सेगमेंट के लिए बिल्डिंग निर्माण के जरिये अपनी करीब 70 फीसदी कमाई करती है। दिलचस्प बात है कि कंपनी अपने ग्राहकों और क्षेत्रों के लिहाज से पोर्टफोलियो में विविधता बरकरार रखने में सफल रही है।
 
विविधतापूर्ण रणनीति

फिलहाल कंपनी के कुल ऑर्डर में बुनियादी ढांचे के निर्माण से जुड़ी परियोजनाएं मसलन मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, जल, शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े कामों का हिस्सा महज 20 फीसदी है।

हालांकि कंपनी इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं पर जोर देना चाहती है क्योंकि इसमें बहुत मौके हैं और सरकार ने भी इसमें बड़े निवेश की योजना बनाई है मसलन वॉटर ट्रीटमेंट, ऊर्जा संयंत्र और सड़कों में बड़े निवेश की बात की गई है। कंपनी इसमें पहले से ही क्वॉलिफाई कर चुकी है और इसने कुछ हाइवे परियोजनाओं की बोली के लिए आवेदन किया है।

अधिग्रहण की योजना

कंस्ट्रक्शन के कारोबार में अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए कंपनी एक इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी का अधिग्रहण करना चाहती है और इसके लिए कंपनी 90 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट के सीएमडी बिक्रमजीत अहलूवालिया का कहना है, 'हम इन्फ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट की कंपनियों का अधिग्रहण कर सकते हैं जिन्होंने सड़क और दूसरे सेगमेंट मसलन जल के क्षेत्र में काम किया हो। हम कुछ ऐसी कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं। इसे हम अगले कुछ महीने में अंतिम रूप देने की सोच रहे हैं।'

इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कंपनी बीओटी परियोजनाओं पर जोर दे रही है और इसकी योजना ऊर्जा संयंत्र के निर्माण के क्षेत्र में प्रवेश करने की है क्योंकि ऊर्जा क्षेत्र में बड़े मौके हैं। कंपनी फिलहाल रिलायंस पावर, इंडियाबुल्स पावर और दूसरे खिलाड़ियों के साथ बातचीत कर रही है।

अगर कंपनी इस सेगमेंट में कुछ प्रोजेक्ट का प्रबंधन कर लेती है तो इसे सकारात्मक तौर पर देखा जाना चाहिए और इससे ज्यादा कमाई होने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि ऊर्जा संयंत्र की परियोजनाएं अपेक्षाकृत बड़े आकार की होती हैं।

कमाई के मौके

कंपनी के पास फिलहाल 5,300 करोड़ रुपये का ऑर्डर है जो वर्ष 2008-09 की कमाई का 4.4 गुना है और इससे अगले दो सालों के लिए वृद्धि की संभावनाएं दिखती हैं।  दिलचस्प बात है कि कंपनी के पास पहले से ही अलग-अलग सेगमेंट में करीब 2,000 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर है।

इस ऑर्डर को देखते हुए कंपनी को उम्मीद है कि अगले 2 सालों में सालाना करीब 30 फीसदी की वृद्धि होगी। अगर कंपनी को सड़क और ऊर्जा सेगमेंट में परियोजनाएं मिल जाती हैं तो वृद्धि दर ज्यादा हो सकती है।

कंपनी को यकीन है कि इनके पास ज्यादा इंक्वॉयरी आ रही है, ऐसे में कंपनी को अगले साल ऐसी स्थिति में होना चाहिए कि इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार से कुछ कंस्ट्रक्शन ऑर्डर भी मिल जाए।

Keyword: infrastructure, ahluwalia contract, building developing, delhi metro, commonwealth games village, CMD bikramjit ahluwalia,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सरकार को बिटकॉइन का नियमन करना चाहिए?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.