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आईसीईएक्स में जल्द ही होगा नई कृषि जिंसों का कारोबार
दिलीप कुमार झा / मुंबई March 10, 2010

इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) एक महीने के भीतर कुछ और कृषि जिंसों के वायदा सौदे शुरू करने की तैयारी में है। इसमें रैपसीड, सरसों, सोयाबीन और हल्दी के सौदे शामिल होंगे।

इस समय एक्सचेंज उन कृषि जिंसों पर ध्यान दे रहा है, जिन जिंसों का कारोबार पहले से हो रहा है। खासकर हाल ही में लॉन्च प्राकृतिक गैस और सीसे के सौदों पर ध्यान दिया जा रहा है। करीब 2 महीने पहले प्राकृतिक गैस और सीसे के सौदे शुरू हुए थे, लेकिन ये सौदे कारोबारियों का ध्यान खींचने में असफल रहें।

एक्सचेंज के सीईओ अजित मित्तल ने कहा, 'हमें रैपसीड, सरसों, सोयाबीन और हल्दी के वायदा कारोबार की मंजूरी बाजार नियामक वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) से पहले ही मिल चुकी है। इस समय हम तकनीकी समस्याओं को सुलझा रहे हैं।'

उन्होंने कहा कि एक बार जब तकनीकी सुधार कर लिए जाएंगे, हम अपने कृषि जिंसों के कारोबार का विस्तार कर देंगे। इसके साथ ही इस समय हम अपनी गतिविधियां उन सौदों में बढ़ा रहे हैं, जिनके सौदे पहले से ही हो रहे हैं। हल्दी और सरसों की फसलें इस समय तैयार होने वाली हैं।

इस समय स्थानीय स्रोतों से उपलब्धता बढेग़ी, जिसकी वजह से वायदा बाजार में कीमतों में गिरावट के आसार हैं। इस समय किसान अपना माल सीधे आढ़तियों को बेचते हैं, जो इस जिंस का संग्रह कर 1-2 महीने बाद बेचते हैं, जब किसानों के पास बिक्री के लिए माल खत्म हो जाता है। इसके बाद असल उत्पादन की स्थिति भी स्पष्ट हो जाती है।

डॉयरेक्टर आपरेशंस, वाईएन भार्गव ने कहा कि इसमें 1 माह का वक्त लगेगा। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि तकनीकी सुविधाएं करीब पूरी हो चुकी हैं। 27 नवंबर को आईसीईएक्स ने कारोबार शुरू किया था और अब इस समय रोजाना का औसत कारोबार 1500 करोड़ रुपये का है।

उचित मूल्य दिलाने की कवायद के साथ आईसीईएक्स किसानों को भी आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। ऑनलाइन वायदा कारोबार में इस समय किसानों की सीधी उपस्थिति प्रतिबंधित है। बहरहाल बड़ी मंडियों में टिकर के माध्यम से उन्हें कीमतों के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिससे उन्हें परोक्ष रूप से फायदा मिल रहा है।

संचालन शुरू होने के पहले तीन महीनों में एक्सचेंज तमाम कारोबारियों और भागीदारों को आकर्षित करने में सफल रहा है। सोने और चांदी के साथ साथ एक्सचेंज ने मूल धातुओं और ऊर्जा का कारोबार शुरू किया। मूल धातुओं में तांबा, सीसा, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस शामिल हैं। पहले चरण में कृषि जिंसों में ग्वारसीड और रिफाइंड सोया तेल का कारोबार शुरू किया गया।

नया विस्तार

रैपसीड, सरसों, हल्दी और सोयाबीन के वायदा सौदे होंगे शामिल
वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) से नई जिंसों के कारोबार को मिल चुकी है मंजूरी
ग्वारसीड और रिफाइंड सोया तेल का पहले से होता है कारोबार
प्राकृतिक गैस और सीसे के सौदों में कारोबारियों को लुभाने की एक्सचेंज कर रहा है कोशिश

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