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वितरकों के गले में केवाईसी का फंदा
वंदना / मुंबई March 06, 2010

म्युचुअल फंड वितरकों के लिए समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं।

इक्विटी की बिक्री में गिरावट और मार्जिन में लगतार कमी से जूझ रहे इन वितरकों को अब रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के पास नो योर कस्टमर (के वाईसी) दस्तावेज सौंपने के काम भी निपटाने होंगे।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस कार्य के लिए 1 अप्रैल तक की समय सीमा तय की है। सेबी ने पिछले साल 11 दिसंबर को जारी अपने दिशानिर्देश में कहा था कि केवाईसी सहित निवेशकों से जुड़ी जानकारियां आरटीए और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों के पास उपलब्ध होनी चाहिए।

सेबी ने फंड कंपनियों को इस बात की तसल्ली करने के लिए कहा है कि वे निवेशकों से जुड़े दस्तावेज दुरुस्त रख रहे हैं। सेबी के  इस नए दिशानिर्देश पर म्युचुअल फंड वितरकों को कहना है कि इससे उनके ऊपर काम का बोझ बढ़ गया है जिससे निवेश संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

बोनांजा पोर्टपोर्टफालियो से जुड़े एक म्युचुअल फंड वितरक राकेश गोयल ने कहा 'आंकड़ों और दस्वावेज खोजने में काफी समय बर्बाद होता है। इसके अलावा इनको सौंपने का बोझ भी हम पर लाद दिया गया है। ऐसे निवेशक जो पिछले  5-8 सालों से निवेश कर रहे हैं, उनसे जुड़े कागजातएकत्रित करने में काफी परेशानियां आ रही हैं।

केवाईसी दस्तावेज खो जाने की स्थिति में क्या किया जाए, इस बारे में हमें कुछ भी नहीं बताया गया है। लिहाजा, फंडों की बिक्री के बजाय हमारा ज्यादातर समय इन्हीं कार्यों पर जाया हो रहा है।' इस काम के पूरा होने तक सेबी ने कमीशन और ब्रोकरेज के भुगतान पर रोक लगा दी है।

इस आदेश के बाद फंड कंपनियां वितरकों को पिछले दो महीनों से कमीशन का भुगतान नहीं कर रही हैं। प्रवेश अधिभार समाप्त किए जाने के बाद कमीशन में वैसे भी गिरावट आई है, सेबी के इस दिशानिर्देश के बाद वितरकों की नींद हराम हो गई है।

उल्लेखनीय है कि निवेशक  द्वारा कागजात सौंपे जाने के बाद निवेशकों को स्वतंत्र रूप से अपने स्तर पर आरटीए, सीएएमएस, कार्वे और इनटाइम स्पेक्ट्रम के साथ इसकी पुष्टि करनी होती है। इसके बाद ही कंपनी वितरकों को कमीशन का भुगतान कर सकती हैं।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के उत्पाद और वितरण प्रमुख विनीत अरोड़ा कहते है 'यह बात पूरी सच है कि जब तक फंड वितरण सभी केवाईसी दस्तावेज आरटीए को मुहैया नहीं कराते हैं, तब तक इन्हें कमीशन का भुगतान नहीं किया जाता है।

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