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फंड कंपनियों के लाभ में आई उछाल
वंदना / मुंबई February 23, 2010

पिछले साल से इक्विटी बाजार में तेजी आने से परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एमएमसी) की किस्मत भी चमकने लगी है।

5 फंड कंपनियों की मूल कंपनी के आंकड़े मौजूदा वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए बेहतर मुनाफा वृद्धि दर्शाते हैं जिसमें से कुछ पिछले साल के नुकसान की भरपाई करने में जुटी हुई हैं। अगस्त से प्रवेश प्रभार पर प्रतिबंध लगने और दूसरे नियामक उपायों के बावजूद भी मुनाफे पर कोई असर पड़ता हुआ दिखाई नहीं पड़ता।

वैल्यू रिसर्च ऑनलाइन के सीईओ धीरेंद्र कुमार का कहना है, 'अब फंड कंपनियां मुनाफे बनाने में कामयाब होने लगी हैं ऐसे में आंकड़ें बहुत बड़े नहीं हो सकते। पुरानी फंड कंपनियों को खर्च करने की क्षमता और कैश रिजर्व के लिहाज से काफी फायदा हुआ।' उनका कहना है कि फंड कंपनियों को मुनाफा के लिए अब भी थोड़ा संघर्ष करना होगा।

उनका कहना है, 'लेकिन मुझे लगता है कि इस साल 5-7 फंड कंपनियां मुनाफे में आ जाएंगी।' रिलायंस म्युचुअल फंड के शुद्ध लाभ में 86 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और दिसंबर की तिमाही में यह एक साल पहले के 25.7 करोड़ रुपये की तुलना में 47.9 करोड़ रुपये हो गया।

इस आय में 115 फीसदी की तेजी आई और यह एक साल पहले के 91.5 करोड़ रुपये के मुकाबले 196.4 करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस म्युचुअल फंड के पास जनवरी 2010 के अंत तक औसत प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति 1,17,248.6 करोड़ रुपये तक की है।

उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, 'मुनाफे पर असर नहीं पड़ा है। लेकिन भविष्य में नियमन की वजह से कुछ असर पड़ सकता है।' उनका कहना है कि शेयर बाजार में तेजी की वजह से एएमसी की इक्विटी की वैल्यू में भी तेजी आई है जिससे फीस में भी बढ़ोतरी हुई और उनके मुनाफे में भी इजाफा हुआ। फंड कंपनियों के लिए वर्ष 2008 अच्छा  नहीं रहा और उस वक्त मुनाफे में कमी आई।

आईसीआईसीआई बैंक की एक सहयोगी कंपनी आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल म्युचुअल फंड ने दिसंबर 2008 की तिमाही में 14 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज करने के बाद मुनाफा पाने की स्थिति में आई। इस फंड कंपनी ने मौजूदा वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में 40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड के सीईओ नीलेश शाह का कहना है, 'दिसंबर 2008 की तिमाही एक असामान्य तिमाही थी जब उद्योग का मुनाफा अनिश्चित था। भविष्य में प्रवेश प्रभार के लिए उठाए गए कदमों का कोई असर नहीं देखता।

इक्विटी ऐसेट के लिए मार्क टु मार्केट, फंड कंपनियों के लिए बेहतर रही। हमने पहले 6 महीने में एनएफओ लॉन्च किया और 800 करोड़ रुपये जुटा लिए। हम अपने डेट पोर्टफोलियो के मोर्चे पर बहुत रुढ़िवादी रहे हैं। जो नियमन आए हैं वह उद्योग के लिए बेहद सकारात्मक हैं क्योंकि इससे जोखिम कम होगा।'

बिड़ला सन लाइफ म्युचुअल फंड पांचवी सबसे बड़ी फंड कंपनी हैं जो घाटे से उबरी है। फंड कंपनी ने दिसंबर 2008 की तिमाही में 4.6 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था लेकिन इसने दिसंबर 2009 को खत्म हुई तिमाही में 16.1 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। इसकी कमाई में 92 फीसदी का इजाफा हुआ और एक साल पहले की तुलना में दिसंबर की तिमाही में यह 82.6 करोड़ रुपये हो गया।

बिड़ला सनलाइफ म्युचुअल फंड के सिप की संख्या में सालाना 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 2 लाख के मुकाबले 2.7 लाख हो गई। कोटक म्युचुअल फंड के शुद्ध लाभ में 281 फीसदी की उछाल आई और दिसंबर की तिमाही में यह एक साल पहले के 6 करोड़ रुपये के मुकाबले 22.9 करोड़ रुपये हो गया।

एसबीआई म्युचुअल फंड, भारतीय स्टेट बैंक और सोसियाते जेनराली का एक संयुक्त उपक्रम है और इसके शुद्ध लाभ में सालाना 17 फीसदी की वृद्धि देखी गई और यह वित्त वर्ष 2008-09 की तीसरी तिमाही के 52.53 करोड़ रुपये से मौजूदा वित्त वर्ष में 61.55 करोड़ रुपये हो गया।

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