बिजनेस स्टैंडर्ड - ...बजट से नाउम्मीद है शेयर बाजार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, January 19, 2021 06:22 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

...बजट से नाउम्मीद है शेयर बाजार
बीएस संवाददाता / मुंबई February 20, 2010

प्रत्येक वर्ष जब वित्त मंत्री बजट की तैयारी कर रहे होते हैं तो बाजार उनसे काफी उम्मीदें लगाए बैठा होता है।

बाजार को आशा रहती है कि वित्त मंत्री करों में रियायत, उद्योगों को प्रोत्साहन आदि देंगे और बाद में इन आशाओं को डिस्काउंट करना शुरू करता है। हालांकि यह साल कुछ अलग है क्योंकि शीर्षस्थ ब्रोकरेज हाउस और फंड कंपनियों को बजट से ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं। इसका नतीजा इस महीने बेंचमार्क सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी, के एक संकुचित दायरे में जाने से स्पष्ट नजर आता है।

बाजार प्रतिभागियों का कहना है कि वित्त मंत्री इस बजट में राजकोषीय घाटे पर अधिक ध्यान देंगे। यूरोपीय देशों के हालिया ऋण संकट को देखते हुए ऐसे ही कदम उठाए जाने की उम्मीद की जा रही है। बाजार प्रतिभागियों के बीच इस बात को लेकर सर्वसम्मति है कि राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 5.5 से 5.8 प्रतिशत रहना चाहिए।

नोमुरा फाइनैंशियल एडवाइजरी ऐंड सर्विसेज के इक्विटी प्रमुख (भारत) और प्रबंध निदेशक पंकज वैश का कहना है, 'सरकार को अगले वर्ष के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के लिए खाका तैयार करने की भी चर्चा करनी चाहिए।'

राजकोषीय घाटा कम करने की एक स्पष्ट घोषणा बाजार के मूड को बदल सकती है। एवेंडस कैपिटल के प्रबंध निदेशक कौशल अग्रवाल ने कहा, 'बाजारों के ऊपर जाने की संभावना प्रबल हो जाएगी अगर सरकार राजकोषीय घाटे का ढंग से प्रबंधन करने से संबंधित मजबूत कदम उठाने के संदेश देती है। दीर्घावधि के अधिकांश निवेशकों के लिए राजकोषीय घाटा काफी महत्वपूर्ण है।'

घाटे को कम करने का एक तरीका तो यह है कि जिन क्षेत्रों को प्रोत्साहन पैकेज दिया गया है, जैसे ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी आदि, उसे समाप्त कर दिया जाए और सेवा कर में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए। बाजार उत्पाद कर में भी 2 प्रतिशत इजाफे का अनुमान कर रहा है। लेकिन अगर इन उपायों की घोषणा की जाती है तो बाजार पर उसका प्रभाव काफी कम होगा क्योंकि पहले ही बाजार ऐसा मान कर चल रहा है।

इंडिया इन्फोलाइन के अध्यक्ष निर्मल जैन ने कहा, 'शेयर बाजार तभी अपनी प्रतिक्रिया देंगे जब उत्पाद करों में महत्वपूर्ण रूप से बढ़ोतरी की जाती है।' हालांकि, एडलवाइस कैपिटल के अध्यक्ष राजेश शाह का मानना है कि सरकार प्रोत्साहन पैकेज में ज्यादा कटौती नहीं करेगी। उन्होंने कहा, 'बाजार को उत्पाद करों में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है।'

यह भी अनुमान किया जा रहा है कि बजट कुछ क्षेत्रों पर खर्च बढ़ाने पर ध्यान देगा। इंडिया इन्फोलाइन के जैन ने कहा, 'ऐसी उम्मीद की जा रही है कि बजट बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर कुछ अधिक ही ध्यान देगा और ऊर्जा क्षेत्र को कुछ सुविधाएं मिलेंगी।' इससे निर्माण, सड़क, ऊर्जा और उपकरण कंपनियों को फायदा होगा।

एजेंडा में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में विनिवेश के भी शामिल होने का अनुमान है। टाटा म्युचुअल फंड के प्रबंध निदेशक वेद प्रकाश चतुर्वेदी ने कहा, 'हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2010-11 में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का विनिवेश किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में विनिवेश की चर्चा की जाएगी।' लेकिन नोमुरा के वैश का मानना है कि सरकार बजट में जुटाई जाने वाली राशि के बड़े आंकड़े शामिल करने से बचेगी।

कुछ का मानना है कि शेयर बाजारों पर बजट का महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं होगा और इस पर वैसा ही कारोबार चालेगा जैसा कि आम दिनों होता है। हीलियॉस कैपिटल मैनेजमेंट के फंड प्रबंधक समीर अरोड़ा ने कहा, 'इस बार शेयर बाजारों पर बजट का प्रभाव पड़ने की संभावना कम है। बाजार को प्रोत्साहित करने के उपाय इस बार सरकार के पास सीमित हैं।'

उन्होंने कहा कि बजट के बाद बाजारों में कमजोरी रहेगी और यह वैश्विक संकेतों से ज्यादा प्रभावित होगा। रिलायंस म्युचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी मधुसूदन केला ने कहा कि उन्हें बजट से ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं।

Keyword: Finance Minister, share markets, stimulation package, budget, analyst,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

वोडाफोन-एयरटेल के शेयर में रिलायंस से ज्यादा तेजी

Investmentsबेहद प्रतिस्पर्धी दूरसंचार क्षेत्र में एक नए चक्र की शुरुआत देखने को मिली

बैंकों के फंसे कर्ज पर बाजार की राय जुदा

इस साल स्मॉल-कैप, मिड-कैप में तेजी के आसार

एफपीआई ने दिसंबर में किया 55 हजार करोड़ रुपये निवेश

आरआईएल के शेयर में कमजोरी के आसार

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.