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एनएसई और बीएसई में बॉन्ड मंच को लेकर तकरार
आशीष रुखाइयार / मुंबई February 08, 2010

भारत के दो अग्रणी स्टॉक एक्सचेंजों, बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बीच चल रहा शीत युध्द जल्द ही समाप्त होता नजर नहीं आता। इस बार यह कॉर्पोरेट बॉन्ड की क्लियरिंग और निपटान को लेकर है।

यह मुद्दा फिक्स्ड इनकम मनी मार्केट ऐंड डेरिवेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (फिमडा) मंच को लेकर है जो एनएसई के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह मंच पहुंच के मामले में बीएसई की अपेक्षा एनएसई को लाभ दे रहा है और यही वजह है कि बीएसई इसके विरुध्द है।

इस समस्या की शुरुआत पिछले साल हुई जब अक्टूबर में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक परिपत्र जारी कर कहा कि दिसंबर 2009 के बाद कॉर्पोरेट बॉन्डों की क्लियरिंग और निपटान क्लियरिंग कॉर्पोरेशन के माध्यम से होनी चाहिए।

बाजार प्रतिभागियों को दो विकल्प दिए गए- एनएसई का नैशनल सिक्योरिटीज क्लियरिंग कॉर्पोरेशन (एनएससीसीएल) और बीएसई का इंडियन क्लियरिंग कॉर्पोरेशन (आईसीसीएल)। इससे पहले दो एक्सचेंज फिमडा के साथ कॉर्पोरेट बॉन्ड के  कारोबार से जुड़ी सूचनाएं एकत्र करने के लिए रिपोर्टिंग प्लैटफॉर्म बनाने के लिए अधिकृत थे।

सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान के बाद एनएसई की मुश्किले बढ़ती नजर आई। एक सूत्र के अनुसार अधिकारी ने कहा था, 'एनएसई प्रणाली में बदलाव लाए ताकि फिमडा मंच तक पहुंच के मामले में दोनों एक्सचेंजों को बराबर का मौका मिले।' इस बाबत एनएसई को भेजे ई-मेल का अभी तक कोई जबाव नहीं आया है।

यह मुद्दा जनवरी में नैशनल इंस्टीटयूट ऑफ पब्लिक फाइनैंस ऐंड पॉलिसी द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में उठाया गया था। यह जानकारी बैठक में मौजूद एक सूत्र ने दी। इस सम्मेलन में बड़े सरकारी अधिकारी, भारतीय रिजर्व बैंक तथा सेबी के प्रतिनिधि, स्टॉक एक्सचेंजों के अधिकारी, बैंकर और मुद्रा बाजार केडीलर शामिल थे।

इस बैठक से जुड़े एक अन्य सूत्र के मुताबिक बीएसई फिमडा मंच तक अपनी पहुंच बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। सूत्र ने कहा, 'आरबीआई चाहता है कि सभी कॉर्पोरेट सौदे की जानकारी फिमडा को दी जाए। एनएसई मंच से इसके संबध्द होने की वजह से काई भी व्यक्ति बॉन्ड का निपटान इस माध्यम से आसानी से कर सकता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति यही कारोबार बीएसई के जरिए करना चाहता है तो उसे वेबसाइट पर जाकर सारी जानकारियां देनी होती हैं।'

आंकड़े खुद ही बोलते हैं। सेबी के अनुसार, जनवरी 2010 में एनएसई मंच के जरिए 31,397 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट का निपटान किया गया। जबकि बीएसई पर इसी अवधि के दौरान 1,244 करोड़ रुपये के सौदों को अंजाम दिया गया।

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