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बैंकों के शुल्क कम करने की दिशा में क्या हों हमारे कदम
बैंक शुल्क : बैंकों के लेन देन शुल्क कम करने के कई तरीके हैं। मजे की बात है कि बैंक यह सुविधा खुद ही उपलब्ध कराते हैं
अर्णव पंडया /  January 24, 2010

बैंकों से लेन-देन करना खर्चीला साबित हो सकता है।

छोटे-छोटे लेन-देन पर कई तरह के शुल्क लगाए जाते हैं और खाताधारक इन बातों से अनभिज्ञ होते हैं। कुछ खास कदम उठाकर सुनिश्चित तरीके से इन खर्चों को कम किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए कुछ होमवर्क करना जरूरी है।

कई लोग यह कह कर हार मान लेते हैं कि इन शुल्कों से बचना नामुमकिन है। आपको पता ही होगा कि अतिरिक्त चेक बुक हो या बैंक स्टेटमेंट की प्रतिलिपि, इसे हासिल करने के लिए शुल्कों का भुगतान करना होता है। लेकिन भले ही इनसे पूरी तरह बचना संभव नहीं हो, इन्हें कम करने के उपाय तो किए जा सकते हैं। आइए कुछ उदाहरणों के जरिए इसे समझते हैं।

बाहरी चेक

बाहरी चेक के जरिए जमा कराई जाने वाली रकम पर बैंक कुछ शुल्क वसूलते हैं। चेक से जमा कराई जाने वाली राशि से यह शुल्क काटा जाता है। उदाहरण के लिए, अगर दिल्ली में जारी किए गए चेक को मुंबई में जमा कराया जाता है तो मुंबई में ग्राहक से शुल्क वसूला जाता है। इस शुल्क को कम करने के कुछ उपाय हैं।

वैसे खाते से बाहरी चेक स्वीकार कीजिए जिसमें एट-पार सुविधा हो। एट-पार सुविधा वाले चेक के मामले में शुल्क स्थानीय चेक की तरह वसूला जाता है। परिणामस्वरूप इस पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाता है।

अगर भुगतान करने वाले व्यक्ति या इकाई के पास एट-पार सुविधा वाला खाता नहीं है तो फिर उसे उसी शहर में जमा करवाइए जहां इसे जारी किया गया है। इसमें भी आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा। लेकिन इस प्रक्रिया को पूरी करने में, खास तौर से छोटे कारोबारी इकाइयों को, थोड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड सकता है अगर उन्हें विभिन्न शहरों से चेक मिल रहा हो।

चेक बाउंस

जमा कराए जाने वाले चेक में एक जोखिम है। आज कल चेक बाउंस होने पर जमाकर्ता से भी शुल्क वसूला जाता है। इसका मतलब हुअ कि अगर आपके नाम पर जारी किया गया चेक बाउंस करता है तो आपको दंड के रूप में शुल्क का भुगतान करना होगा।

इससे बचने के लिए आप संबंधित व्यक्ति या संस्था से मांग पत्र या डायरेक्ट क्रेडिट की व्यवस्था करवा सकते हैं। बड़ी राशि होने के मामले में इसे एक नियम की तरह अपनाएं। बड़ी राशि का 0.05 या 0.1 प्रतिशत राशि भी कम नहीं होती।

चेक बुक शुल्क

जब आप बैंक से एक नया चेक बुक जारी करने के लिए कहते हैं तो बैंक चेक के प्रत्येक पन्ने के लिए आपसे एक निश्चित राशि लेता है। हालांकि, कभी-कभार ये चेक मुफ्त में भी उपलब्ध कराए जाते हैं। लेकिन चेक का अधिक इस्तेमाल करने पर आपको अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सेता है।

इस खर्च को कम करने के लिए आप फोन और बिजली के जमा करने के लिए ऑनलाइन बैंकिंग को इइस्तेमाल में लाइए। क्रेडिट कार्ड के बिल भी इंटरनेट बैंकिंग के जरिए भरे जा सकते हैं। अधिकांश बैंक अब भौतिक बैंक स्टेटमेंट तिमाही आधार पर जारी करते हैं।

डुप्लिकेट स्टेटमेंट के लिए आपको 50 से 200 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है। इस खर्च को कम करने के लिए पहले यह सुनिश्चित कर लें आपके पास इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा है। आवधिक तौर पर यहां से जब चाहे स्टेटमेंट डाउनलोड कर सकते हैं।

Keyword: banks, charges, facility, transaction, bank statement,
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