बिजनेस स्टैंडर्ड - मिलों में ट्रक से आ रही है कच्ची चीनी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, July 06, 2022 09:15 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

मिलों में ट्रक से आ रही है कच्ची चीनी
अजय मोदी / नई दिल्ली January 23, 2010

उत्तर प्रदेश की कई चीनी मिलें राज्य सरकार की तरफ से कच्ची चीनी के आयात पर लगाई गई पाबंदी के बावजूद ट्रकों के जरिए चीनी की ढुलाई कर रही हैं।

पिछले साल नवंबर की शुरुआत में मायावती सरकार ने राज्य में आयातित कच्ची चीनी लाने पर रोक लगा दी थी, ताकि किसानों को नई पैदावार की अच्छी कीमत मिल सके। इसके लिए सरकार ने रेलवे को निर्देश दिया था कि गन्ने की पेराई शुरू होने तक राज्य में कच्ची चीनी की ढुलाई न करे।

उत्तर प्रदेश के एक चीनी मिल मालिक का कहना है, 'सड़कों के रास्ते चीनी की ढुलाई में प्रति क्विंटल 250-260 रुपये का खर्च आता है। रेलवे से ढुलाई काफी सस्ती है। इसमें महज 120 रुपये का खर्च पड़ता है, पर सरकार ने हमारे पास कोई दूसरा कोई चारा नहीं छोड़ा है। आयातित चीनी नवंबर से बंदरगाहों पर अटकी हुई है।'

मिलों को बंदरगाहों पर चीनी के सुरक्षित भंडारण के लिए 250 रुपये प्रति टन तक का खर्च उठाना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश की मिलों द्वारा आयातित करीब 9,00,000 टन कच्ची चीनी विभिन्न बंदरगाहों पर फंसी है। इस चीनी का सौदा 520-550 डॉलर प्रति टन पर हुआ है।

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर मिलों को चीनी के आयात पर प्रति टन 690-700 डॉलर की लागत आई है। चीनी मिलें अभी तक सड़कों के जरिए 70,000-80,000 टन चीनी बंदरगाहों से निकालने में सफल हो गई हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से लगाई गई रोक की वजह से चीनी का परिशोधन रुका हुआ है। इससे 2,50,000 टन से भी ज्यादा परिशोधित चीनी बाजार में नहीं आ पा रही है। बढ़ती कीमतों को इससे भी बल मिल रहा है। सीधे मिलों से निकली चीनी का भाव राज्य में 4,300 रुपये प्रति क्विंटल के रिकार्ड स्तर तक जा चुका है।

हालांकि अब यह घटकर 3,950 रुपये पर आ गया है। चीनी की खुदरा कीमतें भी 45-46 रुपये प्रति किलो के रिकार्ड तक पहुंच चुकी हैं। शरद पवार की तरफ से भी राज्य सरकार से रोक हटाने की गुजारिश की गई थी, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हो सका। इस वजह से केंद्र सरकार को उत्पाद शुल्क के मामले में थोड़ी नरमी बरतनी पड़ रही है। केंद्र ने उत्तर प्रदेश की मिलों को अपनी चीनी का परिशोधन दूसरे राज्यों में करने की अनुमति दी है।

घरेलू उत्पादन में कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। राज्य की चीनी कंपनियां जैसे बजाज हिन्दुस्तान, बलरामपुर चीनी, सिंभावली और धामपुर चीनी के शुल्क मुक्त आयात के लिए सौदे कर चुकी हैं। 

उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र के बाद चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। सितंबर 2009 को खत्म हुए साल 2008-09 में चीनी का घरेलू उत्पादन 42 फीसदी घटकर 1.5 करोड़ टन रह गया था। इस वजह से चीनी की खुदरा कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो गईं। देश में चीनी का उपभोग अनुमान 2.3 करोड़ टन है। 

राज्य सरकार के प्रतिबंध के बावजूद मिलें मंगा रही हैं आयातित चीनी

सड़क के रास्ते ढुलाई में प्रति क्विंटल 250-260 रुपये का आता है खर्च
उत्तर प्रदेश की मिलों द्वारा आयातित करीब 9,00,000 टन कच्ची चीनी फंसी है बंदरगाहों पर
इससे 2,50,000 टन से भी ज्यादा परिशोधित चीनी नहीं आ पा रही है बाजार में
सितंबर 2009 में खत्म हुए साल 2008-09 में चीनी का घरेलू उत्पादन 42 फीसदी घटकर 1.5 करोड़ टन रह गया

Keyword: uttar pradesh, sugar mills, raw sugar, loading of sugar through trucks, CM mayawati, ports,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या हालिया विमानन घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा जांच हो और सख्त?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.