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किफायती विमानन सेवाओं का रहेगा बोलबाला
हवाई यात्रियों की बढती संख्या के चलते विमानन कंपनियों ने वर्ष 2009 में बढ़ाया किफायती सेवाओं का दायरा
मिहिर मिश्रा / नई दिल्ली December 30, 2009

चालू वित्त वर्ष में विमानन कंपनियों की तरफ से कम लागत वाले मॉडल की तरफ बढ़ते रुझान के नए साल में भी जारी रहने की उम्मीद है।

चालू वर्ष के अंतिम महीनों में नई शामिल हुई या बदली गई क्षमताओं का 80 फीसदी हिस्सा कम लागत में से है। भारत में विमानन कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 6 महीनों में अपनी क्षमता के लगभग 58 फीसदी हिस्से की कटौती की थी, लेकिन इसी साल की दूसरी छमाही में कंपनियों ने 40 फीसदी क्षमताओं को जोड़ा भी है।

विमानन कंपनियों ने जून में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा देखने के बाद जुलाई से अपनी क्षमताओं में इजाफा करना शुरू किया है। इस साल लगभग 80 फीसदी क्षमताएं किफायती विमानन कंपनियों के क्षेत्र में है और उनमें बड़ा हिस्सा तब्दीली के बाद देखने को मिला है।

एक ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल, यात्रा डॉट कॉम की हवाई यात्रा कारोबार की प्रमुख भावना अग्रवाल का कहना है, 'इस साल लगभग 80 फीसदी क्षमता किफायती विमानन सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी या तब्दील हुई है। इसमें बड़ा हिस्सा जेट ऐयरवेज और किंगफिशर के अपनी क्षमताओं के कम लागत वाली सेवाओं में तब्दील करने से देखने को मिला है। जेट और किंगफिशर की लगभग 75 फीसदी क्षमताएं किफायती विमानन सेवाओं में हैं।'

उनका कहना है कि  देश में फिलहाल मौजूद किफायती विमानन कंपनियों (एलसीसी) ने भी इस साल अपनी क्षमताओं में इजाफा किया है, पर यह काफी कम है। एक अन्य ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल, मेकमाईट्रि डॉट कॉम के ऑनलाइन बिक्री के प्रमुख मोहित श्रीवास्तव का कहना है, 'क्षमताओं में इजाफे का बड़ा हिस्सा तब्दीली की वजह से देखने को मिला है। वर्ष की पहली छमाही में जिन विमानन कंपनियों ने अपने हवाई जहाजों को बेड़े में बंद कर दिया था, उन्होंने अब किफायती सेवाओं के रूप में इन्हें उड़ाना शुरू किया है।'

विशेषज्ञों का मानना है कि नए साल में किफायती विमानन सेवाओं के क्षेत्र में चालू वर्ष के मुकाबले और अधिक विस्तार होते हुए देखा जाएगा। साथ ही फुल-सर्विस क्षेत्र में यह इजाफा काफी कम होगा।

देश में विमानन उद्योग की शीर्ष  संस्थाओं में से एक ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव अजय प्रकाश का कहना है, 'किफायती विमानन सेवाओं के क्षेत्र में में साल की पहली छमाही में इजाफा होते हुए देख रहा हूं और फुल सर्विस क्षेत्र में कोई इजाफा है भी तो वह अगले साल जून या जुलाई के बाद होगा।'

मांग में इजाफे के सीधे अनुपात में जैसे किराये बढ़ रहे हैं, वैसे ही हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में किफायती सेवाओं की तरफ बढ़ते रुझान के साथ सुधार हो रहा है। जेट एयरवेज के कार्यकारी निदेशक सरोज दत्ता का कहना है, 'कम लागत की तरफ बढ़ने से किराये भी घट रहे हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या बढ़ी है, जिससे आखिरकार कमाई हो रही है।'

श्रीवास्तव का कहना है, 'विमानन कंपनियों की कमाई का लगभग 40 फीसदी दोबारा यात्रा करने वालों से हासिल होता है। यह आंकड़ा कुल यात्रियों का 15 फीसदी है।'

इस साल की दूसरी छमाही में विमानन कंपनियों ने अपनी क्षमताओं में 40 फीसदी का इजाफा किया है।
साल के दौरान लगभग 80 फीसदी क्षमताएं किफायती विमानन कंपनियों के क्षेत्र में हैं।
जेट और किंगफिशर की लगभग 75 फीसदी क्षमताएं किफायती विमानन सेवाओं में हैं।

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