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जेट एयरवेज : नकदी संकट से मिली राहत
दिशासूचक
विशाल छाबड़िया और सुनयना वासुदेव /  December 28, 2009

जेट एयरवेज को अपनी बैलेंसशीट में सुधार करने का मौका मिला है।

आखिरकार 3 महीने की ऊहापोह के बाद जेट एयरवेज को सीसीईए ने पात्र संस्थागत प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिये 40 करोड़ डॉलर उगाही के लिए मंजूरी दे दी। इस इक्विटी के जरिये नकदी के संकट से जूझ रहे एयरलाइन को फंडिंग से राहत मिलेगी क्योंकि इस साल 31 मार्च तक इसका शुद्ध डेट-इक्विटी अनुपात 7 से ज्यादा था।

हालांकि कुल मौजूदा कर्ज में भुगतान की वजह से सुधार हुआ और यह 3.2 अरब डॉलर हो गया। कंपनी के पास करीब 18 करोड़ डॉलर नकद है और इसका शुद्ध डेट-इक्विटी अनुपात करीब 4.25 है। फंड उगाही के जरिये इसमें और भी कमी आ सकती और यह 2.7 के स्तर तक जा सकता है।

हालांकि इसके 560.48 रुपये पाक्षिक औसत कीमत को मानते हुए इसकी इक्विटी में करीब 40 फीसदी तक की कमी दिखती है। हालांकि आगे के ब्योरे का अभी इंतजार है। लेकिन ईंधन की स्थिर कीमतों के बीच अभी कारोबारी माहौल में सुधार नजर आ रहा है और साथ ही यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी दिख रही है।

इस वक्त हॉलिडे सीजन चला रहा है ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि एयरलाइन 7 तिमाहियों तक नुकसान में रहने के बाद इस तिमाही में ब्रेक-इवन पर पहुंचेगा। घरेलू यात्रियों के आवागमन में सालाना 33 फीसदी तक की उछाल आई और यह 7.6 लाख से ज्यादा हो गया। वहीं अंतराष्ट्रीय आवागमन में भी 19 फीसदी तक की तेजी आई। 

प्रति किलोमीटर भरी हुई सीट के मुकाबले उपलब्ध सीट के अनुपात में भी घरेलू स्तर पर सालाना 14 फीसदी तक का सुधार हुआ और यह 72 फीसदी हो गया जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसमें 18 फीसदी की तेजी आई और यह 82 फीसदी हो गया। जिस तरह के रु झान दिख रहे हैं उससे यह संकेत मिलता है कि टिकट की कीमतें भी धीरे-धीरे बाजार में अपनी पैठ बना रही हैं।

कई विमान कंपनियां ने पिछले साल में अपनी क्षमता में सुधार किया है और अब उनका जोर बाजार हिस्सेदारी पर मुनाफा पाने पर है। निश्चित तौर पर अब ऐसा लगता है कि सस्ती हवाई टिकटों का जमाना लद गया है।

जेट प्रबंधन भी यह उम्मीद करता है कि सितंबर तिमाही की मुश्किलों के बाद घरेलू कमाई में भी अब 10-15 फीसदी तक की तेजी आएगी। पिछले साल इसके शेयर ने 230 फीसदी रिटर्न दिया। लेकिन पिछले महीने सेंसेक्स के मुकाबले पर इसके शेयरों का प्रदर्शन 26 फीसदी अधिक रहा हालांकि बीच में इसमें गिरावट भी आई।

मंजूरी मिलने के बाद शेयर 2 फीसदी उछाल के साथ 553 रुपये पर बंद हुआ और विश्लेषकों के मुताबिक 2010-11 के अनुमान के मुताबिक इसका कारोबार प्राइस टु बुक मूल्यांकन के हिसाब से 3 गुना पर किया जा रहा है।

Keyword: jet airways, QIP, equity, cash crisis, debt-equity ratio,
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