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हरियाणा में ऊर्जा बचत क्षमता पर जोर
विकास शर्मा / चंडीगढ़ December 26, 2009

हरियाणा रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (हरेडा) ने राज्य के लघु एवं मझोले उद्यम (एसएमई) क्लस्टरों के लिए ऊर्जा बचत वाली तकनीकों का एक रोडमैप तैयार करने की योजना बनाई है।

राज्य में लघु उद्योग अपर्याप्त बिजली आपूर्ति की लगातार शिकायत करते रहे हैं। इस कार्य को नैशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (एनपीसी) के सहयोग से अंजाम दिया जाएगा। इस योजना के तहत पांच जिन पांच क्षेत्रों में ऊर्जा बचत क्षमता का अध्ययन किया गया, उनमें  कृषि क्षेत्र, वाणिज्यिक क्षेत्र, नगरपालिकाएं, एसएमई क्लस्टर और घरेलू क्षेत्र शामिल हैं।

हरियाणा में एसएमई के लिए ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीशिएंसी (बीईई) की ओर से एनपीसी द्वारा इस संबंध में अध्ययन किया गया है। अनुमानों के मुताबिक पांच एसएमई क्लस्टरों की सालाना ऊर्जा बचत क्षमता 89.715 मिलियन यूनिट (एमयू) या 3,621 टन तेल के बराबर (टीओई) है।

जिन पांच क्लस्टरों का अध्ययन किया गया, उनमें यमुनानगर में प्लाईवुड क्लस्टर, जगाधरी में बर्तन क्लस्टर, फरीदाबाद में लाइट इंजीनियरिंग क्लस्टर, करनाल में राइस मिल क्लस्टर और पानीपत में पावरलूम क्लस्टर शामिल हैं।

हरेडा के अधिकारियों ने कहा है कि अगला कदम प्रत्येक उप-क्षेत्र में ऊर्जा बचत क्षमता का आकलन करना और उन तरीकों की पहचान करना होगा जिनके जरिये इसमें सफलता हासिल की जा सके।

इस अध्ययन से जुड़े एनपीसी के अधिकारियों का कहना है कि निष्कर्ष के आधार पर प्रत्येक क्लस्टर में ऊर्जा बचत क्षमता का पता लगाया जाएगा और एसएमई को परामर्श मुहैया कराए जाने के प्रयास के तहत एक कंसल्टेंट की सेवा ली जाएगी ताकि ऊर्जा बचत के उपायों के कार्यान्वयन को आसानी से अंजाम दिया जा सके।

नैशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल के उप निदेशक (चंडीगढ़) एस एस भुल्लर ने कहा कि यह अध्ययन इस क्षेत्र के एसएमई के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि ऊर्जा बचत के जरिये उन्हें बिजली कटौती से पैदा होने वाली समस्याओं से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

ऊर्जा-कुशल एसएमई बन कर न सिर्फ इन उद्यमियों के ऊर्जा खर्च में कमी करने में मदद मिलेगी बल्कि वे बेहद किफायती भी बन सकेंगे।

Keyword: hariyana renewable energy development agency (HAREDA), SMEs, power saver, agriculture sector, commercial sector, clusters,
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