बिजनेस स?टैंडर?ड - चंदेरी की साड़ियों को मिली नई सहेली
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चंदेरी की साड़ियों को मिली नई सहेली
शशिकांत त्रिवेदी / भोपाल December 17, 2009

मध्य प्रदेश की मशहूर चंदेरी साड़ियां बनाने वाले बुनकरों की दयनीय स्थिति के खिलाफ इस बार बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर ने आवाज उठाई है।

करीना का कहना है कि ये बुनकर रोजाना आठ से नौ घंटे काम करते हैं और उसके बाद भी उन्हें बहुत कम मेहनताना मिलता है। भोपाल से करीब 300 किमी की दूरी पर अशोक नगर जिले में बुनकरों के एक छोटे से शहर चंदेरी से करीना ने एक सुनहरे-काले रंग की साड़ी खरीदी थी।

करीना ने जब बुनकरों की इन समस्याओं को सामने रखा तो उन्होंने यही साड़ी पहन रखी थी। यही नहीं, उन्होंने इस मौके पर खुद को चंदेरी साड़ियों का अनौपचारिक ब्रांड एंबेसडर तक कह डाला। हालांकि राज्य सरकार ने करीना के इस बयान को बचकाना करार दिया है।

दरअसल अपनी आने वाली फिल्म 'थ्री इडियट्स' के प्रचार के लिए करीना चंदेरी के प्राणपुर गांव आई हुई थीं। यहां उन्होंने बीते सोमवार की शाम कुछ घंटे बुनकरों के परिवारों के साथ बिताए। बुनकरों की इस हालत को देखते हुए करीना ने कहा कि बेचारे मुश्किल से 50 से 60 रुपये रोज कमाते हैं। करीना ने लोगों को सिंथेटिक की जगह हाथ से बुने कपड़े खरीदने की सलाह दी।

करीना ने कहा, 'बुनकरों की दयनीय हालत पर ध्यान दिया जाना चाहिए।' मध्य प्रदेश हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक दीपाली रस्तोगी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'मेहनताने को लेकर उन्होंने जो बयान दिया, वह बेहद बचकाना है और सरकार इस मसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। बुनकरों को हर चंदेरी साड़ी की गुणवत्ता और काम के हिसाब से भुगतान किया जाता है।'

एक उदाहरण देते हुए रस्तोगी ने बताया कि अगर कोई साड़ी 5,000 रुपये में बिकती है तो बुनकरों को अधिक मेहनताना मिलता है और अगर कोई साड़ी 1,500 में बिकती है तो उसके लिए उन्हें कम भुगतान किया जाता है। रस्तोगी ने कहा कि बुनकरों का मेहनताना तय कर दिया जाए तो हर साड़ी का दाम बढ़ जाएगा और हो सकता है कि महंगी होने की वजह से फिर इन साड़ियों को बाजार में खरीदार ही न मिल पाएं।

बुनकरों की हालत पर रस्तोगी ने कहा, 'करीना से तुलना करने पर बुनकरों के रहन सहन का स्तर नीचा हो सकता है।' हालांकि उन्होंने बताया कि चंदेरी के बुनकरों के लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि बुनकरों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 27 करोड़ रुपये की एक योजना को मंजूरी दी गई है।

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