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क्रेडिट कार्ड उद्योग ने ली राहत की सांस
सुदीप जैन / मुंबई December 15, 2009

देश की चार सबसे बड़ी कार्ड जारीकर्ता कंपनियों में से एक एसबीआई कार्ड्स की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) कुल परिसंपत्तियों के मुकाबले घट कर 9.77 प्रतिशत रह गई हैं (30 सितंबर 2009 के अनुसार)।

पिछले साल की समान अवधि में यह 10.5 प्रतिशत थी। मंदी के शीर्ष स्तर पर होने के दौरान एसबीआई काड्र्स का एनपीए 16.28 प्रतिशत के स्तर पर था। यह कंपनी घाटे को भी नियंत्रित करने में सफल रही। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक, सितंबर 2009 में जहां यह घाटा 91 करोड़ रुपये का था वहीं साल 2008-09 की पहली छमाही में यह 96 करोड रुपये का था।

एसबीआई काड्र्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'निश्चित ही अब हमारी स्थिति बेहतर है और उद्योग औसत की तुलना में हमारी डेलिन्क्वेंशीज भी कम है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए जारी किए कार्डों की डिफॉल्ट दर काफी कम है। अब हमें अपने कार्ड का आधार बढ़ाना है। अप्रैल की तुलना में हम अब 50 प्रतिशत अधिक कार्ड प्रति महीने जारी कर रहे हैं।'

ऋण नियमों से सख्ती के बाद और आर्थिक हालात सुधरने के क्रम में लाभ कमाने वाली कुछ कंपनियों में एसबीआई काड्र्स भी शामिल है। क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली अन्य कंपनियां भी बाजार की संभावनों को लेकर उत्साहित हैं।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में क्रेडिट कार्ड के प्रमुख आर एल प्रसाद ने कहा, 'आने वाली कुछ तिमाहियों में बाजार में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। हमारा एनपीए नियंत्रण में है और यही स्थिति बनी रहनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि सुधार की स्थिति जारी रहने की दशा में कार्ड जारी करने में अगले छह से नौ महीनों के दौरान तेजी आएगी। फिलहाल, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के 13 लाख कार्ड बाजार में हैं।

देश की सबसं बड़ी कार्ड जारीकर्ता कंपनी आईसीआईसीआई बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हमारे क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो का प्रदर्शन बेहतर हुआ है।' हालांकि, उन्होंने आंकड़े बताने से इनकार कर दिया। एक समय आईसीआईसीआई बैंक के 90 लाख कार्ड बाजार में थे लेकिन वर्तमान में इसका आधार 52 लाख कार्डों का है।

एचएसबीसी और सिटीबैंक, जो बाजार के शीर्ष पांच खिलाड़ियों में शामिल हैं, को भेजे गए प्रश्नों का जवाब नहीं मिल पाया। मंदी के दौरान बेंकों को एक शिक्षा मिली कि वर्तमान बचत खाते के ग्राहक कार्ड के लिए ज्यादा सुरक्षित हैं। देश में सबसे बड़े नए कार्ड जारीकर्ता कंपनी एचडीएफसी बैंक ने एक नीति बनाई है जिसके तहत वह अपने वर्तमान ग्राहकों में से 85 प्रतिशत को क्रेडिट कार्ड जारी करती है।

इस निर्णय के बाद एचडीएफसी बैंक ने नया कार्ड जारी करने का सिलसिला बनाए रखा है जबकि अन्य खिलाड़ी अपने क्रेडिट आधार को घटा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, एचडीएफसी बैंक प्रति महीने 70,000 से 80,000 नए क्रेडिट कार्ड जारी करता है और हाल ही में इसने उधारी के नियमों में सख्ती भी की है। फिलहाल इसके 47 लाख कार्ड बाजार में हैं।

स्टैंडर्ड चार्टर्ड के प्रसाद ने कहा, 'हमारा ध्यान पिछले तीन सालों से प्रीमियम श्रेणी पर है और इस श्रेणी से होने वाला नुकसान अन्य की तुलना में कम है।' प्रीमियम ग्राहकों की संख्या काफी कम है। धनाढय वर्ग के लोग क्रेडिट कार्ड के जरिए अधिक खर्च करते हैं। एक बड़े विदेशी बैंक के क्रेडिट कार्ड प्रमुख ने कहा, 'मैं 20,000 प्रीमियम श्रेणी के ग्राहकों की जगह 5,000 धनाढय ग्राहकों को तरजीह दूंगा।'

Keyword: credit card industry, SBI cards, NPA, recession phase, standard chartered bank,
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