बिजनेस स्टैंडर्ड - मंदी से बीमा कंपनियों का विस्तार भी हुआ धीमा
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मंदी से बीमा कंपनियों का विस्तार भी हुआ धीमा
शिल्पी सिन्हा / मुंबई December 14, 2009

मंदी खत्म होने की चर्चा भले ही की जा रही हो, लेकिन जीवन बीमा कंपनियों के लिए मंदी का भूत अभी पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रहा है।

ऐसे में जीवन बीमा कंपनियां लागत पर नियंत्रण करने के लिए नई रणनीति बना रही हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान 22 लाइसेंस प्राप्त जीवन बीमाकर्ताओं ने 91,000 एजेंटों को नौकरी दी जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले आधी से भी कम है।

लाइफ इंश्योरेंस काउंसिल के आंकड़े यह दिखाते हैं कि पिछले साल 200,000 एजेंटों को रखा गया था। नए केंद्रों के विस्तार में भी मंदी का आलम छाया रहा। वर्ष 2009-10 की पहली छमाही में कंपनियों ने 86 शाखाएं खोली जबकि इससे पिछले साल की समान अवधि में कंपनियों ने 1,806 शाखाएं खोली थीं। धीमे विस्तार की वजह बीमा पॉलिसियों की बिक्री में कमी आनी ही है।

नई पॉलिसी की बिक्री से उद्योग की प्रीमियम आय में 12.85 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। निश्चित तौर पर इस बढ़ोतरी की वजह भारतीय जीवन बीमा निगमको अपना लक्ष्य पूरा करना था। हालांकि दूसरे बड़े खिलाड़ी मसलन आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, रिलायंस लाइफ और बजाज आलियांज की पहली प्रीमियम आय में गिरावट देखी गई।

रिलायंस लाइफ के मुख्य कार्याधिकारी मलय घोष का कहना है, 'यह मंदी का ही प्रभाव है। ऐसे में कंपनियों को यह मौका मिला है कि वे खुद को मजबूत करें और मुनाफे पर जोर दें। हमारी कंपनी चार साल पुरानी है और हम एजेंटों को रख रहे हैं और नई शाखाएं भी खोल रहे हैं। अगले साल तक 200 नई शाखाएं खोलने की हमारी योजना है।' वैसे पूरे उद्योग की नई और पुरानी जीवन बीमा कंपनियों के विस्तार में मंदी का रुझान देखा गया है।

आईडीबीआई फोर्टिस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी जी वी नागेश्वर राव का कहना है, 'आर्थिक मंदी के बाद बाजार की वृद्धि में कमी आ रही थी, इसी वजह से हमने विस्तार की रफ्तार को भी धीमा कर दिया। लेकिन पिछले कुछ महीनों से हमने इसमें कुछ तेजी आती दिख रही है। हम 20 नई शाखाएं खोलने की सोच रहे हैं और हमारा इरादा बाजार में तेजी आने पर नए एजेंटों को जोड़ने का भी है।'

हालांकि इस बीमा कंपनी ने अब तक कोई नई शाखा नहीं खोली है लेकिन इसने 2,000 एजेंटों को जरूर जोड़ा है। पुराने खिलाड़ी मसलन एसबीआई लाइफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने बाजार में अपनी जो जगह बनाई है, वे उसे ही मजबूती से बरकरार रखने की कोशिश कर रही हैं।

इसके अलावा आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और एचडीएफसी लाइफ जो इस महीने के बाद अपने 9 साल के परिचालन की राह को पूरा कर रही है, उसे भी अपने पहले मुनाफे की रिपोर्ट देनी है।  एगॉन रेलीगेयर लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी राजीव जामखेडकर का कहना है, 'हम तेजी से विस्तार कर रहे हैं लेकिन उद्योग में समेकन की स्थिति बन रही है।'

एगॉन रेलीगेयर ने सितंबर 2008 में अपना परिचालन शुरू किया और मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में इसने 5,000 एजेंटों को अपने नेटवर्क से जोड़ा। स्टार यूनियन दायची ने इस साल फरवरी में अपना परिचालन शुरू किया जिसका जोर बैंक के जरिये इंश्योरेंस कराने पर है जिसे कम लागत वाला मॉडल समझा जाता है। 

यह अपनी पॉलिसी की बिक्री बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की 7,000 शाखाओं के जरिये करती है। हाल ही में इस उद्योग में दखल देने वाले इस खिलाड़ी ने शुरुआत से 900 एजेंटों को रखा है।

स्टार यूनियन दायची के अध्यक्ष एम बालचंद्रन का कहना है, 'हमारा बिजनेस मॉडल बहुत अलग है। विस्तार उन कंपनियों के लिए जरूरी है जो अपने ग्राहकों को सेवाएं नहीं दे सकते हैं। हालांकि हम ज्यादा निवेश की जरूरत इस वक्त नहीं समझते। हम एजेंट मॉडल के जरिये विस्तार की योजना बना सकते हैं। वैसे चरणबद्ध तरीके से 20 क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की भी हमारी योजना है।'

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान नए कारोबार में धीमी वृद्धि की वजह से जितनी पूंजी का निवेश किया गया था उसमें 66 फीसदी की कमी  देखी गई। बीमा कंपनियों को नए कारोबार की जिम्मेदारी लेने के लिए पूंजी और नई शाखाओं को खोलने की जरूरत होती है।

तयशुदा नियमों के मुताबिक बीमा कंपनियों को 150 फीसदी सॉल्वेंसी मार्जिन बनाए रखना होता है। वहीं इन्हें 100 रुपये की पॉलिसी के लिए उन्हें 150 रुपये की पूंजी की जरूरत होती है।

धीमी हुई विस्तार की रफ्तार

अप्रैल-सितंबर                           2008              2009               फीसदी बदलाव
नया प्रीमियम (रु. करोड़)     34599            39046                 12.85
पूंजी निवेश (रु. करोड़)            4556              1537                -66.26
नई शाखाएं                               1806                  86                 -95.24
एजेंट नियुक्ति                       206541           91035                -55.92

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