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दुबई बैठक में किफायती मकानों पर रहेगा जोर
संजय जोग / मुंबई December 14, 2009

दुबई के रियल एस्टेट क्षेत्र के हालिया संकट के बावजूद कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) दुबई में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने के मूल योजना पर कायम है।

यह आयोजन 23 से 25 जनवरी तक दुबई में किया जाना प्रस्तावित है। इस सम्मेलन में भारत के रियल एस्टेट और रिटेल क्षेत्र के करीब 850 प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है, जो किफायती मकान और दुबई के अनुभवों के सकारात्मक और नकरात्मक पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

एक्जिक्यूटिव समिति के सदस्य (राष्ट्रीय) रंजीत नाईकनवरे ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि दुबई में रियल्टी क्षेत्र में खासी तेजी थी और यह एक बुलबुला था जिसे फूटना ही था। हालांकि दुबई ने रियल्टी, होटल और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है, जिससे हमें सीख लेकर उसे भारत में लागू करना चाहिए।

दुबई की चर्चा अक्सर बड़ी और ऊंची इमारतों-टावरों के चलते होती रही है, लेकिन उसने किफायती मकान के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया है। हालांकि इसे ज्यादा प्रचारित नहीं किया गया। दुबई में किफायती हाउसिंग परियोजनाओं के योजना के तहत करीब 5,000 से 10,000 मकान बनाए गए हैं। भारत में भी इस तरह की योजना को लागू करने की जरूरत है।

क्रेडाई के मुताबिक, भारत के शहरी क्षेत्रों में ही करीब 2.5 करोड़ किफायती मकानों की जरूरत है, जिस पर रियल एस्टेट डेवलपरों को ध्यान देने की जरूरत है। नैशनल अर्बन हाउसिंग ऐंड हैबिटेट पॉलिसी, 2007 के तहत सरकार ने भी सबके लिए मकान पर जोर दिया है। वैसे, शुरुआत में सरकारी क्षेत्रों की ओर से एलआईजी और ईडब्ल्यूएस तबके कि लिए मकान बनाने की शुरुआत की गई। लेकिन पिछले कुछ सालों से निजी भी इस ओर ध्यान दे रहा है।

क्रेडाई के मुताबिक, निजी क्षेत्र के डेवलपर किफायती मकान योजना में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने को तैयार हैं, लेकिन राहत उतनी आसान नहीं है। जमीन की सीमित उपलब्धता, रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए नियम, कम लागत वाली तकनीक और कच्चा माल आदि को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

परियोजनाओं के लिए फंड जुटाना भी कठिन काम है। प्रस्तावित बैठक में डेवलपर इन्हीं सब मुद्दों पर विचार करेंगे और इसका समाधान निकालने की कोशिश करेंगे।

Keyword: confederation of real estate developers association of India (CREDAI), national summit in Dubai, retail sector, affordable housing scheme, realty sector,
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