बिजनेस स?टैंडर?ड - सोने-चांदी और शेयर बाजार से बेहतर रहे हल्दी और ग्वार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, December 03, 2022 08:28 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम निवेश खबर

सोने-चांदी और शेयर बाजार से बेहतर रहे हल्दी और ग्वार
सुशील मिश्र / मुंबई December 09, 2009

निवेशकों को मालामाल करने वाले शेयर बाजार, सोना-चांदी और प्रॉपर्टी प्रमुख विकल्प माने जाते रहे हैं, लेकिन पिछले एक साल में निवेशकों के लिए कारोबारी लिहाज से सबसे बड़ा फायदे का सौदा कृषि जिंस कारोबार साबित हुआ है।

इस दौरान शेयर बाजार में निवेश करने वालों को करीबन 78 फीसदी, सोने के दीवानों को 28 फीसदी और चांदी में चांदी काटने वालों को 52 फीसदी, प्रॉपर्टी के सौदागारों को मुश्किल से 10-15 फीसदी का रिटर्न प्राप्त हुआ है, जबकि प्रमुख जिंसों हल्दी, ग्वार सीड, सोयाबीन में किस्मत अजमाने वालों को उम्मीद से बेहतर 160 फीसदी, 81 फीसदी और 42 फीसदी का रिटर्न मिला है।

8 दिसंबर 2008 से 09 दिसंबर 2009 के बीच निवेशकों के लिए सबसे बड़ा फायदा का सौदा कृषि जिंस साबित हुआ है। इस दौरान सबसे ज्यादा हल्दी में निवेश करने वालों को फायदा हुआ है। 8 दिसंबर 2008 को प्रति क्ंविटल हल्दी 3630 रुपये में बिक रही थी जो 9 दिसंबर 2009 तक 160 फीसदी बढ़कर 9440 रुपये प्रति क्ंविटल पर पहुंच गई।

वित्त वर्ष 2008-09 में हल्दी का उत्पादन 41 लाख बोरी (एक बोरी बराबर 70 किलो) का था, जबकि 2007-08 में 45 लाख बोरी का उत्पादन हुआ था। इसके अलावा असमय हुई बरसात के कारण इस सीजन में भी फसल कमजोर होने की खबर ने हल्दी को सोना बना दिया। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्दी की मांग ज्यादा और उत्पादन कम होने के साथ सटोरियों की सक्रियता ने हल्दी के दाम आसमान पर पहुंचा दिए हैं।

बेहतर मुनाफा देने के मामले में दूसरा नंबर ग्वारसीड का आता है। एक साल में ग्वार ने 80 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। ग्वारसीड का कारोबार हमेशा भारी उतार चढ़ाव वाला रहा है। 2008 में ग्वारसीड की कीमतें पिछले 2 साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी इसके बाद तीन साल के न्यूनतम स्तर पर दिखाई देने लगी। लेकिन दिसंबर से दिसंबर के बीच इसमें फायदा देने के मामले में ग्वार छुपा रुस्तम निकला।

चालू सीजन में लगभग 30-35 लाख बोरी पैदावार होने की संभावना जताई जा रही है जबकि पिछले साल 85-90 लाख बोरी था। कम उत्पादन को देखते हुए इस बार भी ग्वारसीड की आयात मांग 2-3 फीसदी अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। सोयाबीन की कीमतों में भी 42 फीसदी का इजाफा देखने को मिला और इस बार भी सोयाबीन की पैदावार कम ही आकी जा रही है।

सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री ऐंड ट्रेड के अनुमान के अनुसार पिछले साल के 89 लाख टन की तुलना में इस बार सोयाबीन का उत्पादन 85 लाख टन ही रहने वाला है। इसके अलावा एक साल के अंदर काली मिर्च ने 42 फीसदी, जीरा 37 फीसदी और चना से 22 फीसदी रिटर्न प्राप्त हुआ।

ऐंजल ब्रोकिंग के कमोडिटी रिसर्च हेड अमर सिंह का कहना है पिछले एक साल में रिटर्न देने के मामले में एग्री कमोडिटी से दूसरे निवेश के विकल्प कोसों दूर नजर आते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बाजार के मूलभूत सिध्दांत मांग और आपूर्ति में गड़बड़ी रही है। मॉनसून की खराबी के कारण फसल कमजोर होने से उत्पादन प्रभावित हुआ था।

इसके अलावा उत्पादन कम होने की आशंका से लोगों ने माल रोककर रख लिया जिससे बाजार की जो मांग थी वह पूरी नहीं हो पा रही थी ऐसे में कीमतों को ऊपर तो जाना ही था। लोगों की प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की वजह से लोगों की लाइफ स्टाइल में भी बदलाव आ रहा है जो कीमतों को प्रभावित करती है।

आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी होने की गुंजाइश से अमर सिंह इनकार करते हैं। उनके अनुसार इस समय कृषि जिंसों की कीमतें अपने चरम पर है और रबी सीजन में फसल अच्छी रहने की खबर मिल रही है जिसको देखते हुए कहा जा सकता है कि कीमतों में बहुत ज्यादा अब परिवर्तन नहीं होने वाला है।

एक साल के दौरान कीमतों की चाल

जिंस                         8 दिसंबर-08        9 दिसंबर-09           परिवर्तन (%)
हल्दी                            3630                  9440                       160
ग्वारसीड                      1455                  2640                         81
सोयाबीन                      1690                  2400                         42
काली मिर्च                 10600               15000                         42
जीरा                           10600               14500                         37
चना                              2060                 2520                         22
कीमतें रुपये प्रति क्विंटल में

Keyword: share market, gold-silver, property, agri commodities, turmeric, guar seed,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या गुणवत्ता नियंत्रण आदेश से आयात पर लगेगा लगाम
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.