बिजनेस स?टैंडर?ड - नए दाम बदल सकते हैं बाल्को की किस्मत
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, September 28, 2022 02:52 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम कंपनिया खबर

नए दाम बदल सकते हैं बाल्को की किस्मत
सार्वजनिक कंपनी में बची हुई 49 फीसदी के लिए सरकार करा सकती है स्वतंत्र मूल्यांकन
अभिनीत कुमार / मुंबई December 03, 2009

भारत एल्युमीनियम कंपनी (बाल्को) में बची हुई 49 फीसदी हिस्सेदारी को स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को बेचने के लंबे समय से लटके मामले पर सरकार बीच का रास्ता अपना सकती है।

उम्मीद है कि इस मामले में सरकार एक स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता की ओर से बाल्को के लिए नया मूल्यांकन कराएगी। यह मामला अभी सर्वोच्च न्यायालय के तीन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक पीठ के समक्ष प्रस्तुत है और यह पीठ 23 दिसंबर से शुरू होने वाली तीन दिनों की सुनवाई के दौरान सरकार और कंपनियों के पक्ष और दलीलों को सुनेगी।

तीन न्यायाधीशों के पीठ ने गुरुवार को सुनवाई की थी। पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज का प्रतिनिधित्व किया था और सरकार का पक्ष पीठ के सामने रखने के लिए महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम की जगह वरिष्ठ अधिवक्ता ए के गांगुली ने ली।

इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति का कहना है, 'इस मामले में अगर सरकार के पक्ष में फैसला नहीं सुनाया जाता तो उसे बाकी की हिस्सेदारी शेयरधारक करार में बताई गई असल कीमत के मुकाबले 25 फीसदी कम दाम में बेचनी होगी।'

उसका यह भी कहना है, 'यह सरकार के लिए वित्त घाटा होगा, इसलिए सरकार बीच के रास्ते पर चलते हुए समाधान निकालने की कोशिश में है, जहां वह एक स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता से बची हुई हिस्सेदारी के लिए ताजा मूल्यांकन करा सकती है।'

सूत्रों के मुताबिक गोपाल सुब्रमण्यम ने सरकार को अदालत के बाहर ही मामले मामले को निपटाने की कोशिश के लिए कहा था, क्योंकि यह आंशका है कि पीठ का फैसला सरकार के पक्ष में नहीं भी हो सकता। सरकार 23 दिसंबर को शुरू होने वाली पीठ की सुनवाई के दौरान ही ताजा मूल्यांकन की पेश भी कर सकती है।

लंदन में सूचीबध्द वेदांत समूह की सहायक कंपनी स्टरलाइट ने मार्च 2001 में 552 करोड़ रुपये के साथ बाल्को में 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी। यह उस वक्त की बात है जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में सरकारी हिस्सेदारी के विनिवेश का फैसला लिया था।

स्टरलाइट के पास एल्युमीनियम निर्माता कंपनी में तीन साल की अवधि के बाद बाकी की हिस्सेदारी खरीदने का भी अधिकार है, लेकिन कंपनी के मूल्यांकन को लेकर उसका सरकार के साथ मतभेद चल रहा है। स्टरलाइट ने मार्च 2004 को तीन साल की अवधि के समाप्त होने के साथ बाल्को में बची हुई हिस्सेदारी खरीदने के लिए सरकार को एक कॉल नोटिस और 1,099 करोड़ रुपये का चेक कंपनी के शेयरधारक करार के तहत भेजा था।

सरकार के साथ बाल्को में बची हुई हिस्सेदारी में मूल्यांकन पर मतभेद मई 2004 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार के बनने के बाद फिर से सामने आया और तब इस मामले को महान्यायविद के पास भेज दिया, जिन्होंने कॉल ऑप्शन को कंपनी अधिनियम की धारा 111 ए के तहत अवैध करार दे दिया।

हालांकि उन्होंने कहा कि बची हुई हिस्सेदारी को बाजार कीमत पर बेचा जा सकता है। मामले से जुड़े व्यक्ति का कहना है, 'चूंकि कॉल ऑप्शन को बताए गए कंपनी अधिनियम में अवैध नहीं बताया गया है, इसलिए हो सकता है कि पीठ सरकार के पक्ष के खिलाफ अपना फैसला सुना दे।'

सरकार ने इसी अनुसार सचिवों की एक समिति को निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले किसी तरह मेल-मिलाप के तरीकों को खोजे। पिछले साल मई में, सचिव समिति ने गैर-सूचीबध्द कंपनी में हिस्सेदारी के लिए सही दाम तलाशने की सिफारिश की थी। इसमें सरकार को 10 फीसदी हिस्सेदारी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) में बेचने को कहा गया था।

Keyword: bharat aluminium company (balco), sterlite industries, supreme court, shareholders, vedanta group,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या सरकारी बैंकों में नई भर्तियों में आएगी तेजी
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.