बिजनेस स्टैंडर्ड - सेबी ने अब तक निपटाए 95 फीसदी मामले
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, December 06, 2021 08:20 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

सेबी ने अब तक निपटाए 95 फीसदी मामले
पलक शाह / मुंबई December 03, 2009

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार की अनियमितताओं से जुड़े लगभग 95 फीसदी मामलों की तहकीकात का काम पूरा कर लिया है।

पूंजी बाजार नियामक ने यह जानकारी अपनी सालाना रिपोर्ट में दी है और इसने कुल 1,288 मामलों की छानबीन में से कुल 1,223 मामलों की जांच को पूरा कर लिया है। सेबी ने तहकीकात करने के लिए जिम्मेदारी 1992-93 में ली थी।

सेबी के लिए सबसे विवादास्पद मामला 1993 का शेयर घोटाला था जिसमें शेयर दलाल हर्षद मेहता शामिल था और दूसरा सबसे विवादों भरा मामला 2001 का शेयर घोटाला था जिसमें केतन पारीख शामिल था। इन दोनों मामलों की वजह से ही सेबी अपने पूंजी बाजार नियमों में काफी तब्दीली लाने में सक्षम हो पाई।

वर्ष 2009 के सत्यम घोटाले के संदर्भ में सेबी ने यह कहा है कि जांच की प्रक्रि या जारी है, कुछ नीतिगत फैसले मसलन सूचीबद्ध कंपनियों के फाइनैंशियल स्टेटमेंट से जुड़े ऑडिटरों के कागजात और प्रमोटरों द्वारा गिरवी रखे गए शेयरों का खुलासा इस मसले के सामने आने के बाद आए हैं। हालांकि पिछले साल के मुकाबले वर्ष 2008-09 में नियामक द्वारा तहकीकात पूरा करने वाले मसलों की संख्या में कमी आई है।

सेबी ने वर्ष 2007-08 में 169 मामलों की तहकीकात की जबकि वर्ष 2008-09 में सेबी केवल 116 मामलों की जांच ही कर पाई। सेबी का कहना है कि वर्ष 2007-08 के दौरान वैसे बहुत मामले बचे हुए थे जिसकी काफी छानबीन इससे पहले वाले साल में पूरी कर दी गई थी। इन 116 मामलों में से 74 फीसदी मसले ऐसे थे जो बाजार में चालबाजी और शेयर की कीमतों के भाव बढ़ाने से जुड़े थे।

वर्ष 2008-09 के दौरान सेबी ने जांच के लिए 76 नए मामले लिए जिसमें बोर्ड ने यह पाया कि बाजार में धोखाधड़ी और शेयर की कीमतों को ज्यादा बढ़ाने से जुड़े थे। इस साल लगभग 68 फीसदी मामले बोर्ड ने अपनी स्वेच्छा से बाजार में धोखाधड़ी और शेयर की कीमतों को ज्यादा बढ़ाने से जुड़े मामले को लिया। जबकि पिछले साल सेबी ने ऐसे 50 फीसदी मामले स्वेच्छा से लिया था।

इसके अलावा भेदिया कारोबार, सार्वजनिक निर्गमों में अनियमितता, अधिग्रहण नियमों का उल्लंघन और दूसरी बाजार प्रक्रियाओं से जुड़े मामले भी होते हैं। बोर्ड ने निपटान शुल्क के जरिये 38.57 करोड़ रुपये जुटाए वहीं आईपीओ अनियमितता घोटाले के मामले में इसे 8.27 करोड़ रुपये मिले।

इसके 1,283 आवेदन कंसेन्ट के लिए और 107 आवेदन कंपाउंडिंग के लिए मिले। जिसमें से कंसेन्ट के तहत 482 आवेदन और कंपाउंडिंग के 58 आवेदन को सुलझा लिया गया है। बोर्ड ने साल के दौरान वैधानिक और प्रशासनिक शुल्कों से 94 लाख जुटाया।

घरेलू म्युचुअल फंड उद्योग पर लगाम कसने के अभियान के तहत सेबी ने 19 म्युचुअल फंडों को निवेशकों को 22 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए कहा क्योंकि उन्होंने वर्ष 2008-09 में निवेशकों को पैसा भेजने में देरी की। वहीं रिलायंस एमएफ  को 12.9 लाख रुपये का दंड शुल्क देना पड़ा।

सेबी का एक और कदम

बाजार प्रतिभागियों में अनुशासन और पारदर्शिता के उद्देश्य से सेबी ने गुरुवार को निवेशकों और शेयर ब्रोकरों के बीच होने वाले सौदों में कुछ चीजें अनिवार्य कर दी हैं। इससे ब्रोकरों को ग्राहकों के विरुध्द कार्रवाई करने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा।

एक परिपत्र में बाजार नियामक ने कहा है कि ब्रोकर को पंजीकरण से पहले ग्राहकों से एक समझौता करना चाहिए जिसमें निवेशक के वित्तीय जानकारी के दस्तावेज निश्चित रूप से शामिल होने चाहिए। अनिवार्य दस्तावेजों में मेंबर क्लाएंट एग्रीमेंट या सब-ब्रोकर के मामले में ट्राईपार्टाइल एग्रीमेंट, अपने ग्राहक को जानें फॉर्म और जोखिम प्रकटीकरण दस्तावेज शामिल है।

Keyword: SEBI, solved 95 cases, share agent harshad mehta, ketan parikh, financila statement, promoters,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

होल्डिंग कंपनियों पर निवेशकों का दांव

Investmentsबाजार में अच्छी तेजी के बीच कई होल्डिंग कंपनियों (होल्डको) के शेयर इस साल

मांग बढऩे से पिडिलाइट को मिल रही मदद

बाजार हलचल

तेजी के बावजूद रियल्टी क्षेत्र पर उत्साहित बाजार

रुपया और बॉन्ड में स्थिरता के आसार

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.