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सिंगल स्क्रीन की लौटेगी शान
उत्तर प्रदेश में एकल सिनेमा घर मालिकों को मिलेगा तोहफा
सिध्दार्थ कलहंस / लखनऊ December 02, 2009

मल्टीप्लेक्स मालिकों के लिए सहूलियतों का पिटारा खोलने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार एकल सिनेमा घरों के मालिकों पर नजरें इनायत करने जा रही है।

राय सरकार एकल सिनेमा घरों के मालिकों के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर उन्हें कई सुविधाएं देने जा रही है। प्रस्ताव के मुताबिक अब एकल सिनेमा घरों के मालिक अपने बंद पड़े सिनेमा घरों को शॉपिंग मॉल या बहु-उद्देश्यीय इमारतों में तबदील कर सकेंगे। हां मगर इसके लिए उनको सिनेमा घर चलाना जरूरी होगा।

एकल सिनेमा घरों के मालिकों को दी जाने वाली छूट में उन्हें अपने बड़े सिनेमा घरों को छोटे मगर सुविधा संपन्न थियेटर में बदलना होगा। बड़े सिनेमा घरों का मालिक अगर अपनी जमीन का इस्तेमाल व्यावसायिक उपयोग में लाना चाहते हैं तो उन्हें कम से कम 100 सीटों का एक छोटा थियेटर बनाना होगा।

एकल सिनेमा घरों के मालिक अपनी जमीन पर तीन छोटे थियेटर बना कर बाकी की जमीन पर शॉपिंग कॉम्पलेक्स, मॉल या बहु-उद्देश्यीय इमारत बना कर मुनाफा कमा सकेंगे। जल्दी ही इस आशय का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए लाया जा सकता है। गौरतलब है कि फिलवक्त उत्तर प्रदेश में मल्टीप्लेक्स बनाने वालों को मनोरंजन कर में 5 साल तक शत प्रतिशत की छूट मिलती है।

इसके अलावा सरकार ने स्टांप सहित और कई मामलों में भी मल्टीप्लेक्स बनाने वालों को छूट दे रखी है। एकल सिनेमा घरों के मालिकों की बहुत दिनों से सरकार से मांग थी कि उन्हें भी इसी तर्ज पर सुविधाएं दी जाएं जिससे उनका धंधा बचा रहे।

एकल सिनेमा घरों के मालिकों ने सरकार से अनुरक्षण शुल्क पर भी छूट मांगी थी जिस पर सरकार ने इस शुल्क को अलग से लेने के बजाए कुल शुल्क में ही समाहित कर दिया। गौरतलब है कि दर्शकों की घटती तादाद को देखते हुए कई सिनेमा घर उत्तर प्रदेश में बंद हो गए हैं और कई ऐसे भी हैं जो बंदी की कगार पर पहुंच चुके हैं।

राय सरकार की ओर से संचालित किया जा रहा चलचित्र निगम एक दशक पहले ही बंद हो चुका है। निगम सूबे भर में 47 सिनेमा घरों का संचालन करता था। खस्ताहाल हो चुके इन सिनेमा घरों को लेने के लिए कोई भी आगे नहीं आया था।

बीते पांच सालों में राय में 60 से यादा एकल सिनेमा घर बंद हो चुके हैं। राय सरकार ने एकल सिनेमा घरों को बहु-उद्देश्यीय इमारतों में बदलने की इजाजत नहीं दी थी। अब राय सरकार के इस प्रस्ताव के अमल में आने के बाद शायद एकल सिनेमा घरों की भी किस्मत चमक जाए।

एकल सिनेमा घर के मालिकों को मिलेंगी कई सुविधाएं
शॉपिंग मॉल में बदला जा सकेगा सिनेमा घरों को
मगर इन शॉपिंग मॉल्स में थियेटर होना अनिवार्य होगा
कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है प्रस्ताव
एकल सिनेमा घर मालिक काफी समय से कर रहे थे छूट की मांग
सिनेमा घरों में दर्शकों का पड़ रहा है टोटा
धंधा बचाने के लिए की थी छूट की मांग
नए प्रस्ताव से सिनेमा घरों का हो सकता है कायापलट

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