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अब आपका फोन करेगा बैंक के काम
वृष्टि बेनीवाल / नई दिल्ली November 25, 2009

टेलीकॉम कंपनियों जैसे एयरटेल और वोडाफोन के आउटलेट जल्द ही आपको वित्तीय सेवाएं जैसे फंड अंतरण या बिल का भुगतान, उपल्बध कराने की सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं।

ऐसा खास तौर से देश के उन हिस्सों में होगा जहां बैंकों की पहुंच कम या बिल्कुल नहीं है। सरकार ने इसके लिए उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालय समूह बनाया है जो मूलभूत वित्तीय सेवाओं के लिए बिना बैंक खाते को जोड़े मोबाइल आधारित भुगतान मॉडल पर विचार करेगा। इस सुविधा के तहत ग्राहक मोबाइल के जरिए सुदूर स्थित अपने परिजनों को पैसे भेज पाएंगे या एक बटन दबाने मात्र से अपने शॉपिंग बिल का भुगतान कर पाएंगे।

सरकार द्वारा गठित यह समूह अनुमति दिए जाने वाले लेन-देन को परिभाषित करेगा साथ ही इसकी वित्तीय सीमा, वेंडरों द्वारा पेश की जाने वाली गारंटी, इसमें शामिल होने वाली एजेंसियों की पात्रता, सेवा प्रदाता की भूमिका और उसकी जिम्मेदारी और उनके बीच सह-परिचालनीयता, रिजर्व बैंक के साथ उनके संबंध, जमा एवं लेनदेन की सुरक्षा और इस सेवा की भौगोलिक कवरेज जिसमें सीमा से सटे और संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं पर विचार करेगा।

यह समूह सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत गठित किया जाएगा और इसमें सचिव या गृह मंत्रालय, टेलीकॉम, वित्तीय सेवा, डाक, ग्रामीण विकास, योजना आयोग, यूआईडीएआई के शीर्ष अधिकारी और टेलीकॉम नियामक ट्रई तथा आरबीआई के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समूह जनवरी में कैबिनेट सेक्रेटरी को सौंपी जाने वाली अपनी रिपोर्ट में नियमों और विभिन्न शेयरधारकों की भूमिका का जिक्र करेगा।

कैबिनेट सचिव के समक्ष एक प्रस्तुतिकरण में आईटी मंत्रालय ने सुझाया कि मोबाइल से कम मूल्य के लेन-देन की अनुमति दी जानी चाहिए जिसमें बैंक लगभग नहीं के बराबर या बिल्कुल ही शामिल नहीं हों। इसने भविष्य में यूआईडी प्राधिकरण और मोबाइल परिचालकों के बीच दोतरफा संबंध बनाने का प्रस्ताव भी दिया।

इसने कहा कि 5,000 रुपये की अधिकतम लेन-देन की राशि को वित्तीय समावेशन के उद्देश्य को देखते हुए बढ़ाया जाना चाहिए। प्रस्तावित मॉडल केन्या के एम-पीईएसए जैसा ही है। इसके तहत ग्राहक बिना बैंक गए मोबाइल के जरिए पैसों का लेन-देन करते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक भी अगस्त 2009 में 'मोबाइल वैलट' के लिए दिशानिर्देश लेकर आया था।

भारत में 40 करोड़ लोगों के पास बैंक खाता है और 49 करोड़ लोगों के पास मोबाइल ग्राहक हैं और इसमें प्रत्येक महीने 100 से 120 लाख की बढ़ोतरी हो रही है। 49 करोड़ मोबाइल ग्राहकों में से आधे के पास बैंक खाता नहीं है। मोबाइल वित्तीय सेवा से इन्हें मदद मिलेगी।

Keyword: telecom companies, airtel, vodafone, financial services, mobile banking, RBI,
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