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हैथवे को मिली एफआईपीबी से मंजूरी
आशीष सिन्हा / नई दिल्ली November 09, 2009

विदेशी निवेश संवर्ध्दन बोर्ड (एफआईपीबी) ने हैथवे केबल ऐंड डेटाकॉम के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें केबल वितरण कंपनी ने अपने प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के बाद 16.65 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लाने की अनुमति मांगी थी।

एफआईपीबी को भेजे अपने प्रस्ताव में हैथवे ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के बाद कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी को मौजूदा स्तर 42.75 फीसदी से बढ़ाकर 42.99 फीसदी करने के लिए अनिवार्य मंजूरी की मांग की थी। कंपनी जल्द ही नए दो करोड़ इक्विटी शेयरों के साथ आईपीओ लाएगी, जिसका अंकित मूल्य 10 रुपये होगा।

कंपनी की योजना पूर्व-आईपीओ प्लेसमेंट में विदेशी निवेशकों से राशि एकत्र करना भी है। अभी इस कदम का अंतिम खाका तैयार नहीं हो पाया है। फिलहाल केबल वितरण कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी तक है। बोर्ड को भेजे अपने प्रस्ताव में हैथवे ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि उसके आईपीओ का 60 फीसदी विदेशी शेयरधारकों के खाते में जाएगा और 40 फीसदी भारतीय शेयरधारकों के खाते हैं।

इसके परिणामस्वरूप, आईपीओ के बाद, हो सकता है कि नए विदेशी निवेशकों (अकेले निवेशक और कंपनियों) की हैथवे में 12 फीसदी के लगभग हिस्सेदारी हो जाए, जबकि मौजूदा व्यक्तिगत विदेशी निवेशकों (लगभग 5 फीसदी) की हिस्सेदारी घट सकती है। हालांकि आईपीओ के बाद पूरी स्थिति में विदेशी शेयरधारकों की कंपनी में हिस्सेदारी 43 फीसदी हो सकती है, जो 42.75 फीसदी के मौजूदा स्तर से अधिक है।

हैथवे ने एफआईपीबी को बताया है कि आईपीओ के बाद और उसकी पूर्व-आईपीओ प्लेसमेंट से कंपनी में विदेशी शेयरधारकों की हिस्सेदारी एफडीआई की केबल वितरण क्षेत्र के लिए लागू सीमा 49 फीसदी से अधिक नहीं होगी।

अपने प्रस्ताव में कंपनी ने अपनी योजना के बारे में बताया है कि वह शेयरधारकों दोनों विदेशी और स्थानीय निवेशकों के पैटर्न पर दोबारा काम करेगी, जिसमें विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी थोड़ी सी ऊपर (42.75 फीसदी से आईपीओ के बाद 42.99 फीसदी) जाएगी, जबकि कंपनी में भारतीय हिस्सेदारी आईपीओ के बाद मामूली सी घटेगी। पूर्व-आईपीओ से पहले घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी 57.25 फीसदी से घटकर 57 फीसदी हो जाएगी।

Keyword: Hathway gets permission from FIPB,
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