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वितरकों को दे रहे आधा फीसदी
प्रवेश प्रभार पर पाबंदी के बाद फंड कंपनियों ने लिया यह निर्णय
बीएस संवाददाता / मुंबई August 28, 2009

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा प्रवेश प्रभार पर प्रतिबंध लगाए जाने से कुछ म्युचुअल फंड कंपनियां वितरकों की क्षतिपूर्ति के लिए कम से कम आधा फीसदी का भुगतान कर रही हैं।

कुछेक फंड कंपनियों तो एक प्रतिशत तक का भुगतान वितरकों को कर रही हैं। सेबी ने एक अगस्त से प्रवेश प्रभार पर पाबंदी लगा दी है और यह स्पष्ट कर दिया है कि वितरकों को एक दूसरे चेक से कमीशन का भुगतान किया जाएगा जिसकी राशि ग्राहक और वितरक आपसी बातचीत के जरिये तय करेंगे।

यह स्वीकार करते हुए कि इससे परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा, म्युचुअल फंड कंपनियों ने कहा कि वितरन नेटवर्क के जरिये निवेश प्राप्त करने के लिए इस तरीके को अपनाने के अतिरिक्त कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।

भारत में परिचालन कर रहे एक विदेशी म्युचुअल फंड के मुख्य कार्याधिकारी ने कहा कि केवल वहीं फंड कंपनियां आधा फीसदी से अधिक का भुगतान कर सकती हैं जिनकी लाभोत्पादकता अधिक है। हर कोई आधा फीसदी से अधिक का भुगतान नहीं कर सकता।

म्युचुअल फंड योजना के वितरकों ने बताया कि अपफ्रंट (अग्रिम के तौर पर शुल्क) भुगतान पहले से चली आ रही है। एक वितरक ने बताया, 'यद्यपि अपफ्रंड भुगतान इस बात पर निर्भर करता है फंड कंपनी कितनी मालदार है, औसत आधा फीसदी का है।'

एमके फाइनेंशियल सर्विसेज के बिजनेस प्रमुख (धन प्रबंधन) अखिलेश सिंह ने बताया, 'खास तौर से अगर निकासी प्रभार की अवधि घटा कर निवेश के पहले वर्ष के लिए कर दी जाए तो फिर ज्यादा उम्मीद नहीं बचती और कीमत निर्धारण पर दबाव रहेगा।'

एक जाने माने फंड हाउस के मुख्य विपणन अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'चूंकि हमारे कारोबार का 90 प्रतिशत वितरक नेटवर्क से आता है इसलिए जितना संभव हो सकता है हमें अपनी जेब से क्षतिपूर्ति करनी है।'

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के अध्यक्ष ए पी कुरियन ने कहा, 'वितरकों की क्षतिपूर्ति कैसे करनी है इस बारे में कोई सर्वसम्मत राय नहीं है। चूंकि विभिन्न फंड कंपनियों के बिजनेस मॉडल अलग-अलग है इसलिए यह हमने उन्हीं पर छोड़ दिया है कि इस मुद्दे को कैसे निपटाना है।'

मुख्य विपणन अधिकारी ने बताया, 'ऐसी परिस्थति में जब तक वितरकों का उत्साह नहीं बढ़ाया जाता है तब तक इस प्रतिस्पर्धी माहौल में टिके रहना मुश्किल है।' एक दूसरे फंड हाउस के मुख्य कार्याधिकारी ने बताया, 'हमने अपने वितरकों को सूचित कर दिया है कि हम एक प्रतिशत की ब्रोकरेज का भुगतान करेंगे।'

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