बिजनेस स?टैंडर?ड - 'रे' की फिल्में निमाई के कैमरे से
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Thursday, December 08, 2022 09:36 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विशेष खबर

'रे' की फिल्में निमाई के कैमरे से
सत्यजीत रे की तस्वीरों से जुड़ा निमाई घोष का संग्रह दिल्ली के एक कला-संग्रहकर्ता ने हाल ही में खरीदा है।
किशोर सिंह /  August 03, 2009

'मैं आपको अपने घर नहीं बुला सकता', फोटोग्राफर निमाई घोष काफी उदास-निराश थे। उन्होंने मुझे फोन पर ही बताया, 'हर तरफ तस्वीरें हैं, टेबलों पर नेगेटिव फैले हुए हैं, कुर्सियों पर स्लाइड्स पड़े हैं, घर में कोई जगह नहीं है।'

75 वर्ष के निमाई ठीक नहीं है, लेकिन उनके लिए एक राहत की बात यह है कि हाल ही में उन्होंने निदेशक सत्यजीत रे के 25 साल के अपनी तस्वीरों के संग्रह को दिल्ली के कला-संग्रहकर्ता आशीष आनंद को बेच दिया है। कोलकाता में अपने घर पर मौजूद निमाई कहते हैं, 'कम से कम नेगेटिव तो बचेंगे। ... उनका ध्यान रखने के लिए और कोई नहीं है।'

घोष एक ऐसे फोटोग्राफर थे जो हमेशा आकस्मिक रहे हैं, भाग्यवश लड़खड़ाते हुए न सिर्फ उनका माध्यम बदल गया, बल्कि उन्हें अपने चुने हुए पेशे- अदाकारी, को छोड़ना भी पड़ा, लेकिन साथ ही वे रे से मिले और उनकी तस्वीरें लेने की कला भी निदेशक के सामने आ गई। 'जुनून, प्यार, इज्जत, मैंने उन्हें सब कुछ दिया।'

आज भी जब सत्यजीत रे को गुजरे हुए 17 साल बीत गए निमाई-दा अपनी आवाज की कंपकपी पर काबू नहीं रख पाएं। 1967 से जब वे रे कैम्प में शामिल हुए थे, तब से 1992 तक जब रे की मृत्यु से कुछ ही पहले उन्हें ऑस्कर का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला, घोष परछाई की तरह रे के साथ रहे।

वे याद कर कहते हैं, 'यह सब ऐसा था जैसे कि 25 साल की मदहोशी में हो रहा हो।' 'आज भी ऐसा लगता है कि मदहोशी हो। मैं हर समय उनके बारे में सोचता रहता हूं, हर समय उनकी कमी महसूस करता हूं।'

उस समय रे 'गोपी ग्याने बाघा बयने' की आउटडोर में शूटिंग कर रहे थे, जब अपने एक थिएटर दोस्त के साथ घोष शूटिंग देखने पहुंचे। उस समय वे फोटोग्राफी सीख रहे थे सो उन्होंने अपना कैनन 8क्यू एल17 कैमरा और 'दो कट-पीस स्टिल फिल्म' साथ रख लिए। शूटिंग के दौरान जब तक घोष वहां रहे वे काम करते हुए रे की तस्वीरें लेते रहे।

जब उन्होंने यह तस्वीरें अपने भाई को दिखाई तो, निमाई बताते हैं, 'उन्होंने मेरे पेट में मुक्का मारा और मेरा माथा चूम लिया।' अपने भाई की दुआओं के साथ घोष ने फोटोग्राफी में अपना कैरियर शुरू किया।

यह ऐसा कैरियर था जो सत्यजीत रे के साथ शुरू हुआ और कुछ का मानना है कि उन्हीं के साथ खत्म भी हो गया- हालांकि घोष पोट्रेट, बंगाली थिएटर और हाल पहले तक फोटोग्राफिंग आर्टिस्टों के अपने स्टुडियो में काम करते हुए कई बढ़िया तस्वीरें लेते रहे हैं।

लेकिन रे के करीब पहुंचने के बाद वे घोष से कभी दूर नहीं हुए। उन्होंने रे के सभी शूट कवर किए, वे उनके अनाधिकृत फोटोग्राफर बन गए थे और वे निदेशक से लेकर उनके अभिनेताओं और पात्रों के कैमियो शॉट देने के लिए भी हमेशा तैयार रहे।

निमाई दा की यादों में आज भी रे की यादें ताजी बनी हुई है, वे कहते हैं, 'सत्यजीत रे ने मुझे कभी नहीं कहा कि तस्वीरें अच्छी है या बुरी।' कभी-कभी वे तस्वीरें देखने के लिए कहते तो कभी वे  कहते 'बॉम्बा'। कई बार उन्होनें मुझे अमेरिकी पत्रिकाओं को तस्वीरें देने के कहा। वे मुझे जीवनी लेखक का फोटोग्राफर कहते थे।

जीवनी लेखन की सामग्री का कुछ हिस्सा किताब 'सत्यजीत रे : ए विजन ऑफ सिनेमा' में चला गया, जिसे एन्ड्रयू रॉबिन्सन ने लिखा था, जिसमें रे की खुद की ड्रॉइंग और घोष की 450 तस्वीरें शामिल थीं। 'सात साल तक मैं किताब तैयार कराने के लिए इधर-उधर भटकता रहा, लेकिन किसी ने मदद नहीं की।

एन्ड्रयू रॉबिन्सन ने अपनी जेब से एल42,000 भेजा- वे इसकी गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं करना चाहते थे।' भारत में किताब की कीमत लोगों की जेब पर भारी न पड़े, इसलिए रॉबिन्सन और घोष दोनों ने ही भारत में बिकने वाली किताबों पर मिलने वाली रॉयल्टी न लेने का प्रस्ताव रखा। उस समय घोष को अहसास हुआ कि उनके फोटोग्राफी संग्रह को बचाने की जरूरत है।

निमाई कहते हैं, 'मेरे पास विदेशों से कई प्रस्ताव आए, लेकिन मैं उन लोगों को नहीं जानता था और न ही यह जानता था कि वे नेगेटिव को कैसे संजोएंगे या क्या उन तस्वीरों तक लोगों की पहुंच होगी या नहीं। इसके अलावा लोग अभिनेता-अभिनेत्रियों को कैसे पहचानेंगे?'

तब दिल्ली आर्ट गैलेरी के आशीष आनंद ने उनके सामने अपना प्रस्ताव रखा, हालांकि इस बातचीत में तीन साल लग गए। निमाई-दा कहते हैं, 'मैं उन पर विश्वास करता हूं।... मुझे लगता है कि वे अपना वायदा पूरा करेंगे।'

दिल्ली में हौज खास गांव में गैलेरी के भूतल में जहां शोधकों की एक टीम भारतीय कला और खासतौर पर घोष के रे संग्रह पर दस्तावेज तैयार करने का काम कर रही है, जिसे लेकर सोमू शाही खासतौर पर उत्साहित हैं। अभी फिल्म निर्माण की बारीकियों को सीख रहे सोमू कला संग्रहकर्ता और जानकारी इकट्ठा करने वाले विशेषज्ञ प्रमोद कुमार केजी के दल का हिस्सा हैं।

घोष के 25 वर्ष पुराने संग्रह को तरतीब से लगाना काफी मेहनत भरा काम है। अगर उस दौर से रे की फिल्मों को मनोरंजन के लिहाज से देखा जाए तो अपने शॉट तैयार करते अभिनेताओं की तस्वीरें, या फिल्म के स्टील्स, को सही तरीके से सिल-सिलेवार लगाया जा सकता है, उनकी पहचान, उनकी दोहरी जांच और उन्हें क्रमांक अनुसार लगाने का काम कई बार सही राह दिखा सकता है।

जब यह दिल्ली पहुंचा था, संग्रह में 80,000 श्वेत-शाम नेगेटिव थे (और कुछ ही रंगीन स्लाइड और नेगेटिव भी) जो चार ट्रंकों में भरे पड़े थे। आनंद का कहना है, 'उम्मीद है कि किसी एक फोटोग्राफर की ओर से एक ही व्यक्ति पर संग्रहित यह सबसे बड़ा फोटोग्राफ संग्रह होगा।' आनंद ने इन नेगेटिव पर कॉपीराइट भी ले लिया है।

आनंद कहते हैं, 'निमाई-दा खुश थे कि यह सही हाथों में जा रहा है। मैंने उन्हें कहा था कि हम इन तस्वीरों के साथ-साथ उन सभी लोगों के साथ न्याय करेंगे, जिनकी तस्वीरें आपने ली हैं।'

Keyword: Film of 'Ray' from camera of Nimai,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दरों में वृद्धि का चक्र अब थम जाएगा
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.