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कर छूट के मसले पर रिटेलरों में मतभेद
बीएस संवाददाता / मुंबई/कोलकाता July 07, 2009

देश में कोल्ड चेन और कृषि उत्पादों के लिए गोदामों की स्थापना पर कर छूट को लेकर प्रमुख खाद्य एवं ग्रॉसरी रिटेलरों में मतभेद पैदा हो गया है।

जहां आरपीजी स्पेंसर्स और वधावन समूह के स्पिनक जैसे कुछ रिटेलरों का कहना है कि इससे उन्हें कोल्ड चेन में और अधिक निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा वहीं आदित्य बिड़ला रिटेल, फ्यूचर गु्रप जैसे अन्य स्टोरों का कहना है कि यह घोषणा देर से की गई है और इससे रिटेलरों की तुलना में ताजा उत्पाद और चिल्ड उत्पाद आपूर्तिकर्ताओं को मदद मिलेगी।

केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने व्यवसाय शुरू करने और कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए कोल्ड चेन, गोदाम इकाइयों के परिचालन पर निवेश-आधारित कर प्रोत्साहनों को बढ़ा दिया है। बजट में यह कदम ग्रामीण बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित किए जाने और ताजा उत्पादों को खराब होने से बचाने के लिए उठाया गया है।

आरपीजी समूह के एक अधिकारी ने कहा, 'कोल्ड स्टोरेज पर कर रियायत से कोल्ड स्टोर और अन्य जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में हमें और अधिक निवेश का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे उत्पादों को खराब होने से बचाने में मदद मिलेगी और बाजारों एवं उपभोक्ताओं तक कृषि उत्पादों का प्रवाह आसान होगा जिससे किसानों की आमदनी में भी इजाफा होगा और वे उत्पादों के खराब होने के भय से मुक्त होकर ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे।'

कोल्ड स्टोरों और गोदाम की सुविधाओं के अभाव में देश में खेतों से रिटेल स्टोरों तक लाए जाने के दौरान लगभग 40 फीसदी फल एवं सब्जियां सड़ जाते हैं। स्पाइनच के एक अधिकारी ने कहा, 'बजट में की गई इस घोषणा का दीर्घावधि असर पड़ेगा। फिलहाल आवागमन की वजह से ताजा उत्पादों का नुकसान काफी अधिक है और इस नुकसान का बोझ उपभोक्ता को भी ज्यादा कीमत देकर उठाना पड़ता है।'

हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह घोषणा कोल्ड चेन एवं माल भंडारण क्षेत्र में निवेश को बढ़ाए जाने के लिए पर्याप्त नहीं है। ओसीऐंडसी स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट्स के निदेशक नैमीष दवे ने कहा, 'चूंकि कोल्ड चेन एक एकीकृत व्यवसाय है और इसकी स्थापना करने वालों को कई अन्य सुविधाओं में निवेश करना होगा। लेकिन अगर उनके उत्पादों की मांग में इजाफा नहीं होता है तो वे ऐसी इकाइयों पर निवेश नहीं कर सकते।' 

रिटेलरों का कहना है कि सरकार को यह रियायत सभी तरह के गोदामों के लिए देनी चाहिए थी, क्योंकि रिटेलर आमतौर पर अपैरल और सामान्य वस्तुएं रखने के लिए गोदामों का इस्तेमाल करते हैं।

Keyword: Dispute between retailers on issue of tax exemption,
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