बिजनेस स?टैंडर?ड - निर्यातकों ने कम सीमा शुल्क का किया आग्रह
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निर्यातकों ने कम सीमा शुल्क का किया आग्रह

श्रेया नंदी / नई दिल्ली 11 24, 2022

केंद्रीय बजट 2023-24 से पहले निर्यातकों ने गुरुवार को सरकार से राजकोषीय प्रोत्साहन प्रदान करने, कुछ उत्पादों पर सीमा शुल्क कम करने और निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए समर्थन मांगा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ-साथ वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक  बजट पूर्व वर्चुअल बैठक में, विदेशी विपणन के लिए निर्यातकों द्वारा किए गए व्यय पर 200 फीसदी कर कटौती और कर प्रोत्साहनों के विस्तार और निजी क्षेत्र के लिए बाजार को लाभ दिलाने के लिए एक वैश्विक भारतीय शिपिंग लाइन स्थापित करने जैसे कुछ कर लाभों की भी मांग की। 

भारतीय निर्यात संगठनों के संघ (फियो) ने कहा, ‘हम सरकार से निर्यात क्षेत्र में अतिरिक्त रोजगार प्रदान करने वाली इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह करेंगे। इस तरह की योजना से श्रमिकों को अनौपचारिक रोजगार से औपचारिक रोजगार की ओर जाने में भी मदद मिलेगी, जो सरकार की प्राथमिकता है।

निर्यात में वृद्धि और श्रमिकों में वृद्धि के जुड़वां मानदंडों के आधार पर प्रोत्साहन प्रदान किया जा सकता है ताकि एक ओर जहां निर्यात में वृद्धि हो, वहीं दूसरी ओर रोजगार गहन इकाइयों को भी बढ़ावा मिले।’यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बाहरी मांग कम हो रही है क्योंकि निर्यातक उच्च मुद्रास्फीति, मुद्रा अवमूल्यन और भू-राजनीतिक तनावों की वैश्विक विपरीत परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। अक्टूबर में दो साल में पहली बार भारत का माल निर्यात 16.65 फीसदी घटकर 29.78 अरब डॉलर रह गया।

आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर के दौरान 30 प्रमुख निर्यात वस्तुओं में से 24 ने संकुचन दिखाया। जबकि केवल छह - इलेक्ट्रॉनिक सामान, चावल, चाय, तिलहन, तिलहन और तंबाकू में वृद्धि देखी गई। प्रमुख जिंस समूहों जैसे इंजीनियरिंग सामान, रत्न और आभूषण, रसायन और रेडीमेड कपड़ों में संकुचन ने समग्र निर्यात को नीचे खींच लिया।

एक आधिकारिक बयान में फियो ने बाजार विकास सहायता (एमडीए) योजना के तहत 200 करोड़ रुपये का समर्थन मांगा है। इसने कहा, ‘आक्रामक विपणन के लिए पिछले वर्ष के निर्यात के न्यूनतम 0.5 फीसदी के कोष के साथ एक निर्यात विकास कोष के निर्माण की आवश्यकता है।’ साथ ही कहा कि छोटे व्यवसायों द्वारा निर्यात किए जाने वाले सामान के लिए एक विशेष योजना शुरू की जा सकती है। 

इसने अक्टूबर 2021 से पहले मौजूद सभी 410 टैरिफ लाइनों (व्यापक क्षेत्रों) के लिए निर्माता एमएसएमई को 5 फीसदी और 3 फीसदी के ब्याज समतुल्यीकरण (सब्सिडी) के लाभ की बहाली की भी मांग की, क्योंकि क्रेडिट की लागत पूर्व-कोविड स्तर को पार कर गई है। निर्यातकों ने कच्चे रेशम, रेशम के धागे, कच्चे कपास और तांबे के अयस्कों पर सीमा शुल्क कम करने का भी सुझाव दिया। 

ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी रिसर्च एंड एडवोकेसी ग्रुप, सीयूटीएस इंटरनैशनल के कार्यकारी निदेशक बिपुल चटर्जी ने कहा कि सेवाओं के निर्यात के विस्तार और विविधता के लिए एक लक्षित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। ऐसे नए बाजारों की पहचान करने की भी आवश्यकता है।

Keyword: केंद्रीय बजट, महंगाई, बजट, निर्यातकों,
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