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केंद्र ने मंत्रालयों से कहा, संपत्तियों की पहचान कर जल्द करें बेचने की तैयारी

रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले 7 महीने में सरकार एसेट को बेचकर सिर्फ 33,443 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा पाई है
बीएस वेब टीम / नई दिल्ली November 24, 2022

इस साल संपत्ति बेचकर सरकार बजट टारगेट से कम राजस्व जुटा पाई है। इसके चलते सरकार ने सभी मंत्रालयों और इसके विभागों को नई संपत्तियों की पहचान करने का निर्देश दिया है। Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार जुटाई गई संपत्तियों को जल्दी बेचकर आर्थिक मंदी से निपटना चाहती है। 

रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार जुटाई गई संपत्तियों को बेचकर पहले 7 महीनों में सिर्फ 33,443 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा पाई है, जबकि National Monetisation Pipeline के तहत सरकार का लक्ष्य मार्च में खत्म हो रहे इस वित्त वर्ष के अंत तक 1.6 लाख करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने की थी। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार  इस वित्त वर्ष में संपत्तियों को बेचकर अधिकतम 1.24 लाख करोड़ रुपये का राजस्व ही जुटा सकती है, जो बजट अनुमान के काफी करीब होगा।
 
मामले के जानकार एक विशेषज्ञ ने ET को बताया कि सरकार के कई मंत्रालय ऐसे हैं जो लक्ष्य ​को हासिल करने में असफल रहे हैं । सरकार ने उन्हें अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान करने या उसके बदले में कोई अन्य संपत्ति खोजने का निर्देश दिया है ताकि मुद्रीकरण (मोनेटाइजेशन) प्रक्रिया को तेजी से बढ़ाया जा सके। सरकार मंत्रालयों को उनका लक्ष्य ​ हासिल  करने में सहायता भी कर सकती है।
 
सूत्रों के मुताबिक, कुछ मंत्रालयों जैसे दूरसंचार, रेलवे और पेट्रोलियम ने अगले वित्तीय वर्ष तक संपत्ति मुद्रीकरण प्रक्रिया को टालने का निर्णय लिया है।

दूरसंचार मंत्रालय को 20,180 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जबकि यह अभी तक सिर्फ 4,700 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान कर पाई है। 

दूरसंचार मंत्रालय द्वारा संपत्ति मुद्रीकरण के लिए पहचानी गई संपत्तियों में BSNL के टावर भी शामिल हैं। मुद्रीकरण के लिए यह बोली इस वित्तीय वर्ष में शुरू होने की उम्मीद है लेकिन राजस्व केवल अगले वित्तीय वर्ष के दौरान आएगा।

रेलवे मंत्रालय की तरफ से भी मुद्रीकरण के टारगेट तक पहुंचना कठिन लग रहा है। रेलवे मंत्रालय को 3,00,00 करोड़ रुपये का टारगेट दिया गया था जबकि इसका राजस्व अनुमान लगभग 4,999 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाया है। इसके पास अन्य विकल्प के तौर पर गुड्स शेड, हिल रेल और स्टेडियम है जिसको यह मोनेटाइज कर सकती है। 

इसी तरह पेट्रोलियम मंत्रालय भी संपत्तियों की पहचान करने के मामले में काफी पीछे है। इस मंत्रालय को 9,176 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य दिया गया था लेकिन यह अभीतक सिर्फ 2,000 करोड़ रुपये का राजस्व ही जुटा पाया है।
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