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अदाणी लाएगी सबसे बड़ा एफपीओ!

समी मोडक / मुंबई 11 23, 2022

देश की सबसे अधिक मूल्यवान समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी इंटरप्राइजेज 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने के लिए फॉलो ऑन पब्लिक ऑफरिंग (एफपीओ) लाने की योजना बना रही है।  प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए गौतम अदाणी की कंपनी के बोर्ड की शुक्रवार को बैठक होगी। अगर अदाणी इंटरप्राइजेज वास्तव में 20,000 करोड़ रुपये का एफपीओ लॉन्च करने का फैसला करती है, तो यह देश का सबसे बड़ा एफपीओ होगा। वर्तमान में सबसे बड़ा एफपीओ लाने का रिकॉर्ड येस बैंक के नाम है। 

जुलाई 2020 में ऋणदाताओं ने अपनी पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एफपीओ के माध्यम से 15,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। एफपीओ सिर्फ 93 फीसदी सब्सक्रिप्शन हासिल करने में कामयाब रहा। अदाणी इंटरप्राइजेज का शेयर बुधवार को 3.4 फीसदी की गिरावट के साथ 3,897 रुपये पर बंद हुआ। आखिरी क्लोजिंग पर कंपनी का मूल्य 4.45 लाख करोड़ रुपये था। 

प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार शीर्ष 9 एफपीओ या तो ऋणदाताओं या सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसयू) द्वारा लाए गए हैं। बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि आयुर्वेद फर्म रुचि सोया ने इस साल की शुरुआत में 4,300 करोड़ रुपये का एफपीओ लॉन्च किया था, जो 10वां सबसे बड़ा एफपीओ था। 

बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों द्वारा निवेश जुटाने के लिए एफपीओ बहुत लोकप्रिय माध्यम नहीं है। कम नियामक अनुपालन को देखते हुए भारतीय कंपनियां पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) जैसे अधिक लचीले विकल्पों को तरजीह देती है।

एफपीओ में बाजार नियामक सेबी के पास कंपनी को ऑफर से संबंधित लंबे  दस्तावेज जमा करने होते हैं। इसके अलावा एफपीओ के लिए नियामक से हरी झंडी प्राप्त करने में दो महीने लग सकते हैं। क्यूआईपी पूंजी जुटाने का अपेक्षाकृत तेज तरीका है।

फिर एफपीओ ही क्यों ? 

निवेश बैंकरों ने कहा कि अदाणी इंटरप्राइजेज की एफपीओ को प्राथमिकता अधिक विविध शेयरधारिता के उद्देश्य से संचालित हो सकती है। केंद्रित शेयरधारिता के लिए समूह की अक्सर आलोचना की जाती है। क्यूआईपी करने का मतलब निश्चित संख्या में संस्थागत निवेशकों को शेयर जारी करना होगा।

इसकी तुलना में एफपीओ को न केवल संस्थागत निवेशकों बल्कि खुदरा, उच्च नेटवर्थ वाले व्यक्तियों और कॉरपोरेट्स से भी भागीदारी की आवश्यकता होती है। अदाणी इंटरप्राइजेज में सितंबर 2022 तक प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 72.63 फीसदी थी। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी में सक्रिय फ्री-फ्लोट 27.37 फीसदी से कम है।   

Keyword: अदाणी इंटरप्राइजेज, एफपीओ,
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