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उद्योगों का बजट में रोजगार सृजन, कर कटौती का सुझाव

अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली 11 21, 2022

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम के साथ आज बजट पूर्व परामर्श में विभिन्न उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि वित्त वर्ष 2023-24 के आम बजट में रोजगार सृजन और कराधान उपायों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका कहना है कि इससे व्यापक स्तर पर खपत बढ़ाने में मदद मिलेगी। 

उद्योग निकायों ने कहा कि हरित ऊर्जा और टिकाऊ बुनियादी ढांचा पहल के वित्तपोषण पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वैश्विक वृहद आर्थिक हालात की वजह से निजी क्षेत्र में पूंजीगत व्यय में पूरा सुधार नहीं दिख सकता है इसलिए उन्होंने केंद्र से बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए ज्यादा पूंजीगत व्यय जारी रखने का आग्रह किया। 

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष संजीव बजाज ने कहा, 'बाह्य परिस्थितियां कुछ समय तक प्रतिकूल बनी रह सकती हैं। ऐसे में हमें अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था का आधार बढ़ाना चाहिए और घरेलू मांग, समावेशन और वृद्धि के लिए रोजगार सृजन तथा विकास के नए क्षेत्र सृजित करने पर ध्यान देना चाहिए।' सीतारमण ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बुनियादी ढांचा क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन पहल से संबंधित दो बैठकें कीं।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष साकेत डालमिया ने कहा, ‘अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन बढ़ाने के लिए हमने कृषि बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश बढ़ाने के साथ कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में और सुधार का सुझाव दिया है।’ उद्योग निकायों ने वेतनभोगी वर्ग के लिए आयकर में कटौती करने की भी मांग की ताकि अर्थव्यवस्था में मांग और खपत को बढ़ावा मिल सके।

एसोचैम के अध्यक्ष सुमंत सिन्हा ने कहा, ‘घरेलू मांग को बढ़ाने और लोगों के हाथों में खर्च के लिए ज्यादा पैसों के लिए व्यक्तिगत आयकर में कटौती करनी चाहिए।’ सिन्हा ने कहा कि हाल में संपन्न कॉप27 और भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने के मद्देनजर इस बार का बजट ‘ग्रीन बजट’ होना चाहिए और इसमें टिकाऊ बुनियादी ढांचे का वित्तपोषण मुख्य एजेंडा होना चाहिए।

सीआईआई के बजाज ने कहा कि बजट में समाज के निचले तबके के कमजोर मांग को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए और आयकर के निचले कर दायरे में कटौती करनी चाहिए। इससे लोगों के हाथों में खर्च के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे और मुद्रास्फीति से लक्षित राहत देने में भी यह मददगार होगा।

Keyword: निर्मला सीतारमण, बजट पूर्व परामर्श,
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