बिजनेस स?टैंडर?ड - खेल में डिजिटल विज्ञापन की जंग
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, December 07, 2022 08:49 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम खबर

खेल में डिजिटल विज्ञापन की जंग

विवेट सुजन पिंटो /  11 20, 2022

क्रिकेट भारत के लोगों के लिए भले ही एक धर्म बन गया हो लेकिन जब फीफा की बात आती है तो कई ब्रांड सक्रिय होकर इस पर अपना पूरा ध्यान लगा लेते हैं। हर चार वर्ष में होने वाले इस टूर्नामेंट की शुरुआत रविवार को हो गई और फुटबॉल देखने की बेचैनी लोगों के अंदर बढ़ती ही जा रही है। 

इस बार का टूर्नामेंट पिछले साल के मुकाबले थोड़ा अलग और मजेदार होने वाला है। ऐसा इसलिए कि वॉयकॉम18 इसका जियोसिनेमा ऐप पर ऑनलाइन और मुफ्त में प्रसारण करेगी। मीडिया इंडस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब कोई स्पोर्ट्स चैनल ऐसी किसी बड़ी इवेंट के लिए ऑनलाइन प्रसारण कर रहा है। लेकिन, ऐसा करने के कुछ कारण भी हैं। 

सीआईआई, केपीएमजी और इंडियन ब्रॉडकास्टिंग ऐंड डिजिटल फाउंडेशन ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की थी। जिसके मुताबिक, अगले चार वर्ष में डिजिटल स्पोर्ट्स प्रसारण से राजस्व में 22 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। वित्त वर्ष 2026 तक इससे प्राप्त राजस्व 4,360 करोड़ रुपये पहुंच जाएगा।

एक तरफ जहां टीवी के स्पोर्ट्स सेगमेंट से राजस्व सबसे अधिक रहेगा, इसकी वृद्धि की रफ्तार में कमी आ सकती है। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 तक इस सेगमेंट से 9,830 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा, जो कि अभी 7,050 करोड़ रुपये है। इसकी वृद्धि की रफ्तार अगले चार वर्ष में घटकर सात फीसदी सालाना हो जाएगी। वॉयकॉम18 के पास इस साल फीफा वर्ल्ड कप के लिए टेलीविजन और डिजिटल, दोनों माध्यमों से प्रसारण का अधिकार है। 

अधिकतर लोग आजकल ऑनलाइन माध्यमों से ही प्रसारण सुनना और देखना पसंद करते हैं। इसलिए फीफा वर्ल्ड कप का बिना किसी सब​स्क्रिप्शन शुल्क के ऑनलाइन प्रसारण उन लोगों को भी देखने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जो फुटबॉल के फैन पहले नहीं रहे हैं। अमूल की गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मुख्य संचालक अधिकारी जयेन मेहता ने कहा कि ऐसा होने से हम जैसे विज्ञापनदाताओं को काफी फायदा मिलेगा। 

वॉयकॉम स्पोर्ट्स के सीईओ अनिल जयराज ने कहा कि प्रसारक चाहते थे कि उपभोक्ताओं को आसानी से टूर्नामेंट देखने को मिल सके। और कंपनी का प्रयास दर्शकों और फैन तक टूर्नामेंट को लाइव दिखाना होगा, ताकि वे भी इसका पूरा आनंद उठा सकें। उद्योग के सूत्रों का कहना है कि वॉयकॉम18 फीफा विश्व कप के प्रसारण को मुफ्त करके लगभग 70 करोड़ इंटरनेट डिवाइस को लक्षित कर रहा है। 

जियोसिनेमा ऐप का अनुमान है कि इसके लाइफटाइम डाउनलोड 30 से 40 करोड़ होंगे। यह संख्या बढ़ने का अनुमान है क्योंकि अधिक लोग टूर्नामेंट को ऑनलाइन देखने के लिए ऐप डाउनलोड करना शुरू कर देंगे। वॉयकॉम जागरूकता पैदा करने के लिए प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में इस पहल का आक्रामक रूप से विज्ञापन भी कर रही है। बता दें कि जियोसिनेमा ऐप खेल, फिल्मों और मनोरंजन सामग्री को स्ट्रीम करता है। 

विज्ञापनदाताओं के लिए, यह सब ऐसे उपयुक्त समय पर आ रहा है जब कई लोग अपने पोर्टफोलियो में गैर-क्रिकेट खेल गतिविधियों की मांग कर रहे हैं। अमूल, जो क्रिकेट का एक बड़ा विज्ञापनदाता है, ने वॉयकॉम18 के टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फीफा विश्व कप के कई स्पांसर में से एक के रूप में हस्ताक्षर किए हैं।

मेहता ने कहा कि अमूल ने पुर्तगाल और अर्जेंटीना की फुटबॉल टीमों के साथ अपने क्षेत्रीय साझेदार के रूप में भी करार किया है, इसके तहत कंपनी फीफा वर्ल्ड कप में अपने विज्ञापनों के तौर पर फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी का उपयोग करेगी।  

मीडिया प्लानर्स और बायर्स के मुताबिक, अमूल के अलावा वॉयकॉम को महिंद्रा, वीजा, एएम/एनएस इंडिया, इंटेल और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) समेत 10 ब्रांड प्रायोजक  के तौर पर मिले हैं। फीफा के नेतृत्व वाले प्रायोजक भी हैं, जो टूर्नामेंट में अपनी मार्केटिंग गतिविधियों के साथ पूरी तरह से आगे बढ़ेंगे।

कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, बैजूस, जिसका 2022 विश्व कप के लिए फीफा के साथ गठजोड़ है, टूर्नामेंट के दौरान अपने वैश्विक ब्रांड ऐंबेसडर लियोनेल मेसी के साथ नई डिजिटल विज्ञापन फिल्में पेश करेगी। मेसी को हाल ही में बैजूस की 'एजुकेशन फॉर आल' के लिए ब्रांड ऐंबेसडर नियुक्त किया गया था, और टूर्नामेंट के दौरान भी यह देखने को मिलेगा। 

दूसरी ओर, फीफा के एक अन्य प्रायोजक वीवो विश्व कप के लिए वीवोगिवइटअशॉट नाम से अभियान करेगी, जबकि कोका-कोला ने अपनी टीमों के लिए फुटबॉल प्रशंसकों को खिलाड़ियों के प्रति सद्भावना दिखाने के लिए अपना वैश्विक अभियान, 'बिलीविंग इज मैजिक' लॉन्च किया है। 

मीडिया उद्योग के अधिकारियों के मुताबिक, इस साल फीफा विश्व कप पर विज्ञापन से कमाई करीब 300 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। चार साल पहले, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स ने फीफा विश्व कप के लिए विज्ञापन से कमाई के मामले में लगभग 200 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिसमें 15 विज्ञापनदाताओं को प्रायोजक के रूप में शामिल किया गया था।

मीडिया प्लानर्स के मुताबिक, इस साल फीफा वर्ल्ड कप से कमाई 4 से 4.5 लाख रुपये प्रति दस सेकंड आंकी गई है। वर्ष 2018 में टीवी द्वारा प्रसारण से कमाई 3 लाख रुपये प्रति 10 सेकंड थी। मीडिया प्लानर्स के मुताबिक, प्रायोजकता के लिए वॉयकॉम18 टेलीविजन और डिजिटल, दोनों को मिलाकर लगभग 10 से 35 करोड़ रुपये का सौदा कर रहा है। यह प्रायोजकता के प्रकार पर निर्भर करेगा कि कौन प्रायोजक कितने पैसे का भुगतान करेगा।
Keyword: क्रिकेट, फीफा, ब्रांड, खेल, डिजिटल विज्ञापन,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या देश में व्यापक तौर पर अपनाया जाएगा डिजिटल रुपया
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.