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सरकार ने जारी की ग्रीन बॉन्ड की रूपरेखा

9 श्रेणी में परियोजनाओं के लिए मिलेगा धन
अरूप रायचौधरी / नई दिल्ली November 09, 2022

वित्त मंत्रालय की ओर से आज जारी नए ग्रीन बॉन्ड मसौदे के मुताबिक केंद्र सरकार 16,000 करोड़ रुपये की ग्रीन बॉन्ड पेशकश के माध्यम से इस साल 9 व्यापक श्रेणियों में परियोजनाओं और पहल का वित्तपोषण करेगी। ग्रीन बॉन्ड की प्राप्तियों को भारत की संचित निधि में जमा किया जाएगा। यह नियमित ट्रेजरी नीति की तर्ज पर होगा और इसे पात्र हरित परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

9 श्रेणियों में अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा कुशलता, स्वच्छ परिवहन, जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन, टिकाऊ जल एवं कचरा प्रबंधन, प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण, ग्रीन बिल्डिंग्स, प्राकृतिक संसाधनों व जमीन के इस्तेमाल का टिकाऊ प्रबंधन और स्थलीय एवं जलीय जैव विविधता संरक्षण शामिल है। परियोजनाओं में अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा सक्षम भवनों, सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण, जलवायु के अनुकूल बुनियादी ढांचे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, भूमि और समुद्री जैव विविधता परियोजनाओं के लिए बाढ़ एवं जलवायु चेतावनी व्यवस्था शामिल होंगी।

नियमित बॉन्डों की तरह इसका धन भी भारत की संचित निधि में जाएगा, उसके बाद उसे पात्र हरित परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इस मकसद से धन मुहैया कराने के लिए आवंटन और लेखांकन पारदर्शी और अलग बनाए गए खाते से होगा, जिसका संचालन वित्त मंत्रालय करेगा।’

पात्र परियोजनाओं के बारे में मुख्य आर्थिक सलाहकार की अध्यक्षता में बनी ग्रीन फाइनैंस वर्किंग कमेटी (जीडब्ल्यूएफसी) करेगी। जीएफडब्ल्यूसी की बैठक साल में कम से कम दो बार होगी, जो परियोजनाओं का मूल्यांकन एवं उनका चयन करेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘जीडब्ल्यूएफसी में परियोजना को लागू करने वाले विभाग, पर्यावरण मंत्रालय, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के बजट डिवीजन और इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस सचिवालय के सदस्य शामिल होंगे। 

जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त सदस्य भी समय समय पर शामिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा अन्य मंत्रालयों व सेक्टर के विशेषज्ञों से भी संपर्क किया जा सकता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि चुनी गई परियोजनाएं इस योजना के उद्देश्य के मुताबिक हैं।’ जीडब्ल्यूएफसी उन हरित परियोजनाओं की स्थिति को लेकर सालाना रिपोर्ट जारी करेगी, जिसका वित्तपोषण सरकार ने किया हो।

इस वित्तपोषण से जिन परियोजनाओं को बाहर रखा गया है, उनमें जीवाश्म ईंधन के नए या पुराने उत्खनन, उत्पादन एवं वितरण से संबंधित परियोजनाएं, परमाणु ऊर्जा उत्पादन, खुले में कचरा नष्ट करने, शराब, हथियार, तंबाकू, गेमिंग या पाम ऑयल उद्योग, संरक्षित क्षेत्रों से फीडस्टॉक का इस्तेमाल कर बायोमास से उर्जा उत्पादन करने वाली परियोजनाएं, जमीन भरने की परियोजनाएं और 25 मेगावॉट से ज्यादा क्षमता की पनबिजली परियोजनाएं शामिल हैं।

Keyword: वित्त मंत्रालय, ग्रीन बॉन्ड, कार्बन उत्सर्जन, अर्थव्यवस्था, सरकार, निवेशक, गैर-जीवाश्म ईंधन,,
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