बिजनेस स?टैंडर?ड - अगले एक महीने में होगी करीबन 32 लाख शादियां, 3.75 लाख करोड़ के कारोबार का अनुमान
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, December 02, 2022 09:16 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर?थव?यवस?था खबर

अगले एक महीने में होगी करीबन 32 लाख शादियां, 3.75 लाख करोड़ के कारोबार का अनुमान

देशभर में करीब 3.75 लाख करोड़ रुपये के कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है
बीएस रिपोर्टर / नई दिल्ली 11 08, 2022

देश में शहनाई की धुन सुनाई देने लगी है। अगले एक महीने में देशभर में करीब 32 लाख शादियां होगी जबकि मुंबई में 2.25 लाख नवदंपतियों के विवाह के अटूट बंधन में बधने का अनुमान है। इस दौरान देशभर में करीब 3.75 लाख करोड़ रुपये के कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसके लिए व्यापारियों ने खास तैयारियां की है। 

कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महाराष्ट्र प्रदेश के महामंत्री शंकर ठक्कर ने बताया इस वर्ष दिवाली के त्योहारी सीजन में हुए जोरदार व्यापार से उत्साहित होकर मुंबई सहित देश भर के व्यापारी अब शादी के सीजन की बिक्री में जुट गए हैं। 4 नवम्बर देव उठान एकादशी से 14 दिसम्बर तक लगभग 40 दिनों के शादियों का पहला चरण शुरू हो गया है जिसमें देश भर में लगभग 32 लाख शादियों होने का अनुमान है और इस सीजन में लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार होना आंका जा रहा है। पिछले वर्ष इस चरण में देश भर में लगभग 25 लाख शादियां हुई थी तथा लगभग 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार हुआ था। यह आँकड़ा कैट की रिसर्च शाखा कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा हाल ही में देश के कुछ शहरों में व्यापारियों एवं सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच कराये गये एक सर्वे के द्वारा लिया गया है । अकेले मुंबई में इस सीजन में लगभग 2.25 लाख से ज्यादा शादियों होने का अनुमान है जिससे मुंबई में ही लगभग 45 हज़ार करोड़ रुपए के व्यापार की सम्भावना है । 

कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुमान के मुताबिक अगले एक महीने के शादी के सीज़न में लगभग 6 लाख शादियों में प्रत्येक शादी में लगभग 3 लाख रुपए खर्च होंगे वहीं लगभग 10 लाख शादियों में प्रति शादी खर्च लगभग 5 लाख प्रति शादी होगा , 10 लाख शादियां जिनमें 10 लाख प्रति शादी, 5 लाख शादियां जिनमें 25 लाख प्रति शादी , 50 हज़ार शादियां जिनमें लगभग 50 लाख प्रति शादी एवं 50 हजार शादियां ऐसी होंगी जिनमें 1 करोड़ या उससे अधिक धन खर्च होगा। कुल मिलाकर इस एक महीने के शादी के सीजन में लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपये का धन प्रवाह बाज़ारों में इस वर्ष शादी की खरीदी के माध्यम से होना संभावित है । शादियों का दूसरा चरण 14 जनवरी मकर संक्रांति से शुरू होकर जुलाई,2023 तक चलेगा।

कैट की आध्यात्मिक एवं वैदिक ज्ञान कमेटी के चेयरमैन ज्योतिषाचार्य आचार्य दुर्गेश तारे ने बताया की तारों की गणना के अनुसार नवम्बर महीने में 20,21,24,25,27,29 एवं 30 नवम्बर तथा दिसंबर के महीने में 4,5,7,8,9, तथा 14 दिसंबर शादियां कराने के सबसे उपयुक्त दिन है । उसके पश्चात् एक महीने 14 जनवरी तक तारा डूब जाता है एवं फिर दोबारा 14 जनवरी से मांगलिक कार्य प्रारम्भ हो जाते हैं । सनातन धर्म के अलावा आर्यसमाज, सिख बंधु, पंजाबी बिरादरी, जैन समाज सहित देश में अन्य अनेक वर्ग हैं इन दिनों में शादी समारोह आयोजित करेंगे । 

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी भरतिया ने कहा की शादियों के सीजन के अच्छे व्यापार की संभावनाओं को देखते हुए देशभर के व्यापारियों ने व्यापक तैयारियां की हैं और दिवाली पर्व पर हुए रिकॉर्ड कारोबार से उपजे उत्साह को बाज़ारों में बरकरार रखने के सभी प्रबंध किये जा रहे हैं । उन्होंने बताया की प्रत्येक शादी का लगभग 20 प्रतिशत खर्च वधू एवं वरपक्ष को जाता है जबकि 80 प्रतिशत खर्च शादी को सम्पन्न कराने में काम करने वाली अन्य तीसरी एजेंसियों को जाता है, इसलिए शादियों का सीजन भी देश में एक बड़े व्यापार का रूप ले चुका है ।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया की शादियों के सीजन से पहले जहां घरों की मरम्मत, पेंट, फ़र्निशिंग, साज सज्जा आदि का व्यापार बड़ी मात्रा में होता है वहीं ख़ास तौर पर ज्वेलरी, साड़ियां,लहंगे -चुन्नी, रेडीमेड गारमेंट्स, कपड़े, फुटवियर, शादी एवं ग्रीटिंग कार्ड, ड्राई फ्रूट,मिठाइयां,फल, शादियों में इस्तेमाल होने वाला पूजा का सामान, फर्नीचर, किराना, गिफ्ट आइटम्स, खाद्यान,डेकोरेशन के आइटम्स, बिजली का उपयोगी सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा उपहार में देने वाली अनेक वस्तुओं आदि का व्यापार बड़ी मात्रा में प्रतिवर्ष होता है। 

कैट महानगर चेयरमैन रमणीक छेड़ा ने बताया की मुंबई सहित देश भर में बैंक्वेट हाल, होटल, खुले लॉन, फार्म हाउस, सरकारी सामुदायिक भवन,सार्वजनिक पार्क, रिहायशी कॉलोनियों में स्तिथ पार्क, क्लब एवं शादियों के लिए अन्य अनेक प्रकार के स्थान को भी बड़ा व्यापार मिलता है। प्रत्येक शादी में सामान की खरीदारी के अलावा अनेक प्रकार की सर्विस को भी बड़ा व्यापार मिलता हैं जिसमें टेंट डेकोरेटर, फूल की सजावट करने वाले लोग, क्राकरी, कैटरिंग सर्विस, ट्रेवल सर्विस, कैब सर्विस, स्वागत करने वाले प्रोफेशनल समूह, सब्जी विक्रेता, फोटोग्राफर, वीडियोग्राफर, बैंड-बाजा, शहनाई, आर्केस्ट्रा, डीजे, बारात के लिए घोड़े, बग्घी, लाइट वाले सहित अन्य अनेक प्रकार की सर्विस को भी बड़े पैमाने व्यापार मिलता है । विशेष रूप से पंडितों, शादी कराने वाले ज्ञानवान लोगों के लिए भी शादियों का सीजन एक बड़ी आमदनी का ज़रिया बन गया है वहीं इवेंट मैनज्मेंट एजेंसियों के लिए भी यह एक बड़े व्यापार के रूप में उभरा है।
 
Keyword: wedding season in india, weddings in india, marriages in india, wedding industry india, CAIT,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बीमा के लिए एक ही लाइसेंस से कंपनियों को होगा फायदा
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.