बिजनेस स?टैंडर?ड - बॉन्ड बाजार की बढ़ी चुनौतियां
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, November 27, 2022 11:36 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर?थव?यवस?था खबर

बॉन्ड बाजार की बढ़ी चुनौतियां

यूरोपीय संघ के वित्तीय बाजार नियामक के फैसले से घरेलू बॉन्ड बाजार में दिख रही बाधा
भास्कर दत्ता और समी मोडक / मुंबई, November 04, 2022

यूरोपीय संघ (ईयू) की वित्तीय बाजार  नियामक संस्था,यूरोपियन  सिक्योरिटीज ऐंड मार्केट अथॉरिटी (ईएसएमए) ने वित्तीय लेनदेन से जुड़ी छह भारतीय संस्थाओं की मान्यता रद्द कर दी है। ऐसी परिस्थिति में घरेलू बॉन्ड बाजार में बाधा जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ईएसएमए ने यह कदम तब उठाया जब भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय समाशोधन निगम (सीसीआईएल) के ऑडिट करने की मांग मानने से इनकार कर दिया था। 

ईएसएमए ने भारतीय नियामकों आरबीआई, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाएं केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) से सहयोग न मिलने की वजह से छह भारतीय क्लियरिंग निगमों की मान्यता खत्म कर दी है।

जिन छह केंद्रीय पक्षों (सीसीपी) की मान्यता ईएसएमए ने खत्म की है उनमें सीसीआईएल, भारतीय समाशोधन निगम लिमिटेड (आईसीसीए), एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड (एनएससीसीएल), मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज क्लियरिंग (एमसीएक्ससीसीएल), इंडिया  इंटरनैशनल क्लियरिंग कॉरपोरेशन (आईएफएससी) लिमिटेड (आईआईसीसी) और एनएसई आईएफएससी क्लियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनआईसीसीएल) शामिल हैं। इनमें सरकारी बॉन्ड और कुछ डेरिवेटिव के खरीद-फरोख्त से जुड़ा मंच सीसीआईएल,  आरबीआई के नियमन और दिशानिर्देशों के तहत काम करता है।

बाकी सभी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाएं केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) के तहत काम करते हैं। ईएसएमए का निर्णय 1 मई, 2023 से प्रभावी होगा। इस पूरे घटनाक्रम से वाकिफ एक सूत्र ने कहा, ‘बुनियादी रूप से यह सवाल ईएसएमए से जुड़ा है जो सीसीआईएल के डेटा के ऑडिट का अधिकार चाहता है। भारत का रुख यह है कि निगरानी के अधिकारी हमारे साथ होंगे। ईएसएमए घरेलू निकायों को यह बता सकता है कि वे किस तरह का आकलन करना चाहते हैं और वैसी सेवाएं मुहैया कराई जा सकती हैं।’

बैंक के सूत्रों ने कहा कि अगर आरबीआई और ईएसएमए किसी समझौते के स्तर पर नहीं पहुंचते हैं तब 1 मई, 2023 से डेरिवेटिव लेनदेन करने के लिए भारत में मौजूद यूरोपीय बैंकों के संचालन में बड़ी कठिनाई आ सकती है।

यूरोपीय बैंक भारत में एचएसबीसी, बीएनपी पारिबा, क्रेडिट एग्रीकोल, क्रेडिट सुइस, डॉयचे बैंक और सोसायते जेनेराली। ईएसएए के निर्णय का असर केवल डेरिवेटिव बाजार तक सीमित नहीं है बल्कि इससे अन्य लेनदेन भी प्रभावित हो सकते हैं।

एक विदेशी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘अमेरिका के बैंक सीसीआईएल पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग के स्वैप में मौजूद नहीं है क्योंकि अमेरिका के जिंस वायदा ट्रेडिंग आयोग (सीएफटीसी) ने सीसीआईएल को डेरिटेविट क्लियरिंग संगठन (डीसीओ) के तौर पर मान्यता नहीं दी है। यूरोपीय संघ अगर यूरोपीय बैंकों को भी इसमें शामिल करता है तब असर बेहद व्यापक होंगे।’

अधिकारी ने बताया, ‘ईएसएमए के फैसले के बाद लगभग 7-8 यूरोपीय बैंक इस पूरी प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे और डेरिवेटिव बाजार मुख्यतौर पर विदेशी बैंक से जुड़े हैं। यह बॉन्ड बाजार पर भी असर डालेगा। यदि डेरिवेटिव बाजार पर असर पड़ेगा तब नकदी के बाजार पर भी अनिवार्य रूप से असर पड़ेगा।’

भारत में मौजूद यूरोपीय बैंकों पर ईएसएमए के फैसले का असर यह होगा कि वे वित्तीय लेनदेन सीसीआईएल के जरिये पूरे नहीं कर सकेंगे। इससे बैंकों के बीच द्विपक्षीय लेनदेन की ही गुंजाइश रहेगी। ऐसे में क्लियरिंग हाउस लेनदेन में जो फायदे देती थी उसका नुकसान होगा। वित्तीय लेनदेन में सीसीआईएल को एक पक्ष के तौर पर शामिल न किए जाने का नतीजा यह होगा कि बेसल नियम के मुताबिक लेनदेन के लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी। 

Keyword: यूरोपीय संघ (ईयू), वित्तीय बाजार, आरबीआई,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या नियमों में संशोधन से बीमा क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.