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यूपीआई से लेनदेन पहली बार 7 अरब के पार पहुंचा

सुब्रत पांडा / मुंबई November 01, 2022

भारत के डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से अक्टूबर में 7 अरब से ज्यादा लेन-देन हुआ है। प्लेटफॉर्म शुरू किए जाने के बाद का यह उच्चतम स्तर है। त्योहारों के मौसम में व्यय बढ़ने के कारण इसमें तेजी रही है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर महीने में यूपीआई से 7.30 अरब लेन-देन हुआ, जिसकी कुल धनराशि 12.11 लाख करोड़ रुपये है। यह लेन देन के मूल्य के हिसाब से भी रिकॉर्ड स्तर है।

पिछले साल के समान महीने की तुलना में अक्टूबर में लेन-देन की मात्रा में 73 प्रतिशत, जबकि मूल्य में 57 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। महामारी संबंधी प्रतिबंधों के कुछ उतार चढ़ाव को छोड़ दें तो पिछले दो साल से यूपीआई से लेन-देन, मात्रा व मूल्य के हिसाब से बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था में रिकवरी और लोगों द्वारा रोजमर्रा के लेन-देन में डिजिटल स्वीकार्यता बढ़ने की वजह से इसमें तेजी आ रही है।

यूपीआई 2016 में लाया गया था, उसके बाद करीब 3 साल बाद अक्टूबर 2019 में लेन-देन की संख्या 1 अरब से ऊपर गई। लेकिन उसके बाद अगला एक अरब बढ़ने में एक साल से कम वक्त लगा और अक्टूबर 2020 में यूपीआई से 2 अरब से ज्यादा लेन-देन हुआ। उसके अगले 10 महीने में लेन-देन का आंकड़ा 3 अरब प्रति माह तक पहुंच गया।

 

इसके बाद भुगतान प्लेटफॉर्म पर लेन-देन की मात्रा सिर्फ 3 महीने में 3 अरब से 4 अरब प्रति माह पर पहुंच गई। अगले 6 महीने में लेन देन की मात्रा 4 अरब से 5 अरब पहुंची। वहीं 5 अरब से 6 अरब की यात्रा सिर्फ 4 माह में पूरी हुई। अगले 3 महीने में लेन देन की मात्रा 7 अरब प्रति माह पर पहुंच गई।

उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी की वजह से यूपीआई की देश में स्वीकार्यता बड़े पैमाने पर बढ़ी। यह भुगतान का सबसे तरजीही माध्यम बन गया। आंकड़ों से पता चलता है कि यूपीआई से लेनदेन महामारी बढ़ने के बाद से 488 प्रतिशत बढ़ा है।

वित्त वर्ष 23 में यूपीआई से 44.32 अरब लेन-देन हुआ है, जिसकी कुल राशि 75 लाख करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 22 में यूपीआई से 46 अरब से ज्यादा लेन-देन हुआ था, जिसकी राशि 84.17 लाख करोड़ रुपये थी। ज्यादा संभव है कि भुगतान प्लेटफॉर्म से वित्त वर्ष 23 में 8 महीने में लेन-देन की मात्रा वित्त वर्ष 22 में कुल लेन देन से ऊपर पहुंच जाएगी।

वित्त वर्ष 21 में कुल 22.28 अरब लेन-देन हुआ था, जिसका कुल मूल्य 41.04 लाख करोड़ रुपये था। यूपीआई का अगला लक्ष्य अगले 3 से 5 साल में प्रति दिन 1 अरब लेन-देन के लक्ष्य तक पहुंचना है। दिलचस्प है कि यूपीआई में पीयर-टु-मर्चेंट लेन-देन अब मात्रा के हिसाब से पीयर-टु-पीयर लेन-देन से आगे पहुंच चुका है।

Keyword: यूपीआई, लेन-देन, अक्टूबर,
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