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उत्पाद, सीमा शुल्क संग्रह घटेगा!

बजट अनुमान से 80,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये कम प्रा​प्ति का अंदेशा
श्रीमी चौधरी / नई दिल्ली 10 31, 2022

पेट्रोल और डीजल सहित कुछ जिंसों पर शुल्क में कटौती से चालू वित्त वर्ष में केंद्र का उत्पाद और सीमा शुल्क संग्रह 80,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये से कम रह सकता है। वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में पिछले साल की समान अव​धि की तुलना में सीमा शुल्क संग्रह में 7 फीसदी और उत्पाद शुल्क में 19 फीसदी की कमी आई है। पहली छमाही में सकल कर राजस्व संग्रह 17.6 फीसदी बढ़ा है।      

लेखा महानियंत्रक की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-सितंबर के दौरान उत्पाद शुल्क से केंद्र सरकार को 1,39,874 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ जबकि पिछले साल की समान अव​धि में 1,71,684 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इसी तरह पहली छमाही में सीमा शुल्क संग्रह 86,267 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले समान अव​धि में 92,653 करोड़ रुपये रहा था। सरकार ने बजट में उत्पाद शुल्क मद में 3.35 लाख करोड़ रुपये और सीमा शुल्क मद में 2.13 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान लगाया था।

एक वरिष्ठ सरकारी अ​धिकारी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘उत्पाद शुल्क संग्रह में मुख्य रूप से डीजल की बिक्री का योगदान होता है, ऐसे में मई में पेट्रोल और डीजल पर उपकर घटाने से चालू वित्त वर्ष के अनुमान से इसमें स्पष्ट तौर पर कमी दिख सकती है। हालांकि सीमा शुल्क संग्रह में मौजूदा स्तर से कुछ सुधार हो सकता है जिससे संग्रह में कमी का अंतर थोड़ा कम हो सकता है।’

उन्होंने संकेत दिया कि सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क के रुझान से कुछ अप्रत्यक्ष कर संग्रह पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर  में वृद्धि जारी रह सकती है और यह संग्रह में कमी की भरपाई करने में सक्षम होगा। सितंबर में जीएसटी संग्रह लगातार सातवें महीने 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।

बैंक ऑफ बड़ौदा में मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘राजस्व के मोर्चे पर सकल कर संग्रह 17.6 फीसदी बढ़ा है जिसमें निगमित कर संग्रह में 21.7 फीसदी और व्य​क्तिगत आयकर संग्रह में 25.9 फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि सीमा और उत्पाद शुल्क संग्रह में कमी आई है, जिसने कुल कर संग्रह की वृद्धि की रफ्तार को कम किया है। यह रुझान जारी रह सकता है क्योंकि सरकार ईंधन पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने की इच्छुक नहीं है और वै​श्विक जिंसों के दामों में कमी और करयोग्य आयातित चीजों के मूल्य में भी कमी आएगी।’

सरकार ने 4 नवंबर, 2021 को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बाद 21 मई, 2022 को पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये प्रति लीटर शुल्क घटाने का ऐलान किया था।

Keyword: पेट्रोल, डीजल, उत्पाद और सीमा शुल्क,
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