बिजनेस स?टैंडर?ड - ऑ​प्टिकल फाइबर पर होगा 2.5 अरब डॉलर का निवेश
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Friday, December 09, 2022 03:41 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश?लेषण खबर

ऑ​प्टिकल फाइबर पर होगा 2.5 अरब डॉलर का निवेश

देश में 5जी, फाइबर-टु-होम, भारत नेट से 3-4 साल में मांग बढ़ेगी।
सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली September 28, 2022

ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) निर्माता फाइबर नेटवर्क की बढ़ती मांग को पूरा करने और 5जी सेवाओं के लिए वै​श्विक बाजारों तक पहुंच बनाने की तैयारी कर रहे हैं। दूरसंचार कंपनियों का मानना है कि वे अगले तीन-चार साल में भारत में ओएफसी पर 1.5-2.5 अरब डॉलर के बीच खर्च करेंगी। 5जी और फाइबर-टु-द होम (एफटीटीएच) फिक्स्ड ब्रॉडबैंड  की पेशकश की वजह से वै​श्विक मांग 2021 के 9.2 अरब डॉलर (50.2 करोड़ फाइबर किलोमटर) से बढ़कर 2024 तक 12 अरब डॉलर (61 करोड़ फाइबर किलोमटर) पर पहुंच जाएगी। 
ऑ​प्टिकल फाइबर कंपनियों का कहना है कि फाइबर के लिए मांग दोगुना से तीन गुना के बीच बढ़ेगी। मौजूदा समय में, यह 2 करोड़ फाइबर किलोमीटर के आसपास है और विश्लेषकों का मानना है कि इसमें करीब 50 प्रतिशत योगदान रिलायंस जियो का है। 
देश में प्रमुख तीन कंपनियों में शामिल स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज के प्रबंध निदेशक अंकित अग्रवाल का कहना है, ‘हमें भारत में मांग सालाना तीन गुना बढ़कर 6 करोड़ फाइबर किलोमीटर पर पहुंच जाने का अनुमान है और इसमें करीब आधा योगदान 5जी और फिक्स्ड एफटीटीएच ब्रॉडबैंड प्रदाताओं का रहने की संभावना है तथा 2.5 करोड़ फाइबर किलोमीटर  नेटवर्क सरकारी ठेकों से जुड़ा हो सकता है। वहीं चार साल में हमें करीब 24 करोड़ फाइबर किलोमीटर नेटवर्क का अनुमान है।’
अन्य बड़ी कंपनी एचएफसीएल ज्यादा सतर्क बनी हुई है। एचएफसीएल के चेयरमैन महिंद्रा नहेटा ने कहा, ‘हमारा मानना हैकि मांग दोगुना से ज्यादा बढ़कर 4.5 करोड़ फाइबर किलोमीटर हो जाएगी और इसमें दो-तिहाई योगदान 5जी टेलीकॉम ऑपरेटरों का रहेगा तथा शेष सरकार तथा अन्य से जुड़ा होगा।’
हालांकि वे सरकारी भारत नेट अनुबंधों के आकार को लेकर एकमत नहीं हैं, जिनके तहत 360,000 गांवों को तीन साल में इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य शामिल है और नहेटा तथा अग्रवाल, दोनों ही इसे लेकर सहमत हैं कि मांग में वृद्धि को पूरा करने के लिए पहले से ही पर्याप्त क्षमता मौजूद है। 
नहेटा ने कहा, ‘हमारे पास पर्याप्त क्षमता है। सभी कंपनियां मिलकर एक साल में 10 करोड़ फाइबर किलोमीटर नेटवर्क तैयार करने की क्षमता से संपन्न हैं। एचएफसीएल में हम अपनी क्षमता का लाभ उठा रहे हैं और घरेलू मांग वै​श्विक होगी, जहां एफटीटीएच के लिए अच्छी मांग है।’
विश्लेषकों का कहना है कि एचएफसीएल का लक्ष्य वै​श्विक बाजारों से अपना राजस्व दो साल में दोगुना करना है। कंपनी ने अपने उत्पादों की बिक्री के लिए 30 देशों में प्रवेश किया है, प्रमुख वै​श्विक बाजारों में आधारित टीम का गठन किया है और 400 ​करोड़ रुपये की विस्तार योजना पर काम कर रही है। 
Keyword: ऑप्टिकल फाइबर, फाइबर नेटवर्क, इंटरनेट, 5जी सेवा, ब्रॉडबैंड,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या दरों में वृद्धि का चक्र अब थम जाएगा
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.