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प्याज की गिरती कीमतों से परेशान किसान, महाराष्ट्र सरकार ने लगाई केंद्र से गुहार

सुशील मिश्र / मुंबई 09 15, 2022

प्याज की गिरती कीमतों के कारण महाराष्ट्र के किसान परेशान हैं। पिछले करीब चार महीनों से प्याज के दाम किसानों को रुला रहे हैं। सरकार की तरफ से खरीदारी बंद होने के कारण किसानों को औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचना पड़ रहा है। किसानों की परेशानी को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर प्याज पर शुल्क और टैक्स रिफंड माफी का लाभ बढ़ाने एवं अतिरिक्त प्याज खरीदने की मांग की है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल को लिखे पत्र में कहा है कि प्याज की कीमतों में गिरावट आने से प्याज किसानों को आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए नेफेड के माध्यम से और दो लाख मीट्रिक टन प्याज की खरीद कीमत स्थिरीकरण कोष (प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड) के माध्यम से की जाए। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि केंद्र सरकार ने भी निर्यात उत्पादों पर शुल्क और टैक्स माफी योजना के तहत लाभ को 2 फीसदी के बजाय 10 फीसदी तक बढ़ाने के राज्य सरकार के अनुरोध को भी खारिज कर दिया है। यदि आपका मंत्रालय इस योजना में 10 फीसदी तक लाभ प्रदान करता है तो इससे किसानों को लाभ होगा।

मुख्यमंत्री ने नेफेड से प्याज की मौजूदा खरीद को और 2 लाख मीट्रिक टन बढ़ाने का भी अनुरोध किया है। नेफेड इस साल अप्रैल से जून तक 2.38 लाख मीट्रिक टन प्याज पहले ही खरीद चुका है। दो लाख मीट्रिक टन और प्याज खरीदने से प्याज उत्पादकों को कीमत के मामले में राहत मिलेगी। वहीं पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए केंद्र सरकार ने 2022-23 सीजन के दौरान 2.50 लाख टन प्याज की खरीद की। गौरतलब है कि अप्रैल-जून के दौरान रबी की फसल में प्याज की कटाई भारत के प्याज उत्पादन का 65 फीसदी है और जो अक्टूबर-नवंबर में खरीफ फसल की कटाई तक उपभोक्ता की मांग को पूरा करती है।

महाराष्ट्र के करीब 15 लाख प्याज उत्पादक किसान इस साल कम दाम की चपेट में हैं। महाराष्ट्र राज्य कांदा उत्पादक शेतकरी संगठन में पुणे जिला के अध्यक्ष प्रमोद पानसरे ने कहा कि पिछले साल नेफेड के जरिए करीब 23-24 रुपये प्रति किलो प्याज खरीदा गया था, वही प्याज इस साल 10 से 12 रुपये प्रति किलो ही खरीदा गया है । नेफेड द्वारा प्याज के बाजार मूल्य को कम करने के कारण कारोबारियों को भी कम कीमत पर प्याज खरीदना पड़ा । महाराष्ट्र राज्य कांदा उत्पादक शेतकरी संगठन के संस्थापक अध्यक्ष भारत दिघोले का कहना है कि प्याज की उत्पादन लागत प्रति किलो 16 से 18 रुपये तक पहुंच रही है। लेकिन, प्याज का दाम औसतन 5-7 रुपये तक ही मिल रहा है ।
महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संघ ने इस संबंध में केंद्र सरकार को प्याज के निर्यात को बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास करने का अनुरोध किया है। प्याज के बंपर उत्पादन के बावजूद अधिक मात्रा में  प्याज  का निर्यात नहीं हो पाया। किसानों का कहना है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में प्राकृतिक आपदाओं के कारण कृषि को भारी नुकसान हुआ है। कृषि उपज की कीमतें आसमान छू गई हैं । वहां प्याज का भाव भी आसमान पर है । ऐसे समय में महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संगठन की मांग है कि केंद्र पाकिस्तान को अधिक से अधिक कृषि उपज और प्याज का निर्यात करे और देश के किसानों को राहत प्रदान करे।

महाराष्ट्र में प्याज मुख्य फसल है और देश के कुल सब्जी उत्पादन में इसकी 35 से 40 फीसदी हिस्सेदारी है।  मानसून के बेहतर रहने की वजह से  2021-22 में प्याज का उत्पादन 136.70 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पिछले सीजन की तुलना में 20 लाख मीट्रिक टन अधिक है। हालांकि बाजार में कीमतों में भारी गिरावट आने से प्याज किसानों में निराशा है। वहीं श्रीलंका में बिगड़ते आर्थिक हालात भी प्याज की कीमतों में गिरावट की एक वजह रही है।
 
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