बिजनेस स्टैंडर्ड - आई-बैंकरों ने आईपीओ से की धुआंधार कमाई
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, July 02, 2022 11:44 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

आई-बैंकरों ने आईपीओ से की धुआंधार कमाई

ऐश्ली कुटिन्हो / मुंबई June 01, 2022

पिछला वित्त वर्ष निवेश बैंकरों के लिए शानदार वर्ष रहा। बैंकरों के लिए बोनस पिछले साल में 200 प्रतिशत तक बढ़ा। सर्वाधिक कोष उगाही आईपीओ और रिकॉर्ड शुल्क इक्विटी पेशकशों के जरिये दर्ज किया गया।

ब्लूमबर्ग के आंकड़े के अनुसार, सिटी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, कोटक महिंद्रा बैंक, ऐक्सिस कैपिटल, और जेपी मॉर्गन वित्त वर्ष 2022 के लिए इक्विटी पूंजी बाजार निर्गमों के प्रबंधन के मामले में शीर्ष पांच निवेश बैंक थे।

एक वरिष्ठï बैंक अधिकारी ने पहचान गुप्त रखने के अनुरोध के साथ कहा, ‘यह बैंकिंग निवेश के लिए श्रेष्ठï वर्षों में से एक रहा और इस अवधि में बड़े आकार के सौदे दर्ज किए गए तथा सर्वाधिक ज्यादा राजस्व हासिल हुआ। यह आश्चर्यजनक नहीं है कि बोनस सभी क्षेत्रों में अच्छा रहा और यह शीर्ष प्रदर्शकों को सालाना भुगतान के 200 प्रतिशत तक मिला।’

वित्त वर्ष में आईपीओ के जरिये 1.12 लाख करोड़ रुपये की कोष उगाही दर्ज की गई। प्राइम डेटाबेस के आंकड़े से पता चलता है कि निवेश बैंकों ने आईपीओ, फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) के जरिये करीब 2,600 करोड़ रुपये की फीस हासिल की, जो पिछले चार वर्षों में हासिल संयुक्त शुल्क के मुकाबले ज्यादा है।

बोनस अक्सर किसी संबद्घ वर्ष में सौदे की गतिविधि के अनुरूप होता है और इसका भुगतान घरेलू बैंकों के लिए अप्रैल-मई में तथा विदेशी बैंकों के लिए जनवरी-फरवरी में किया जाता है। औसत तौर पर निवेश बैंकों को आईपीओ प्रबंधन के लिए शुल्क के तौर पर 2-3 प्रतिशत और पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) प्रबंधन के लिए 1.5-2 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। ये शुल्क निर्गम आकार और सौदे का प्रबंधन करने वाले बैंकरों की संख्या के आधार पर अलग अलग होते हैं।

वर्ष 2021 में औसत बोनस भुगतान बैंकरों के सालाना वेतन के 50-75 प्रतिशत के दायरे में रहा। उससे पहले के वर्ष में महामारी फैलने का प्रभाव 2019-20 के लिए बोनस भुगतान पर पड़ा, क्योंकि बैंकों ने नकदी अपने पास बनाए रखना उचित समझा और कोष उगाही का परिदृश्य अस्पष्टï था।

प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने कहा, ‘बोनस हासिल होने वाले शुल्क का हिस्सा हैं। पिछले वित्त वर्ष रिकॉर्ड संख्या में आईपीओ जारी किए गए और नए जमाने की कंपनियों ने बैंकरों को औसत शुल्क से ज्यादा का भुगतान किया।’

2021-22 में सबसे बड़ा आईपीओ वन 97 कम्युनिकेशंस था। पेटीएम की इस पैतृक कंपनी का आईपीओ 18,300 करोड़ रुपये का था। इसके बाद जोमैटो, स्टार हेल्थ, पीबी फिनटेक, सोना बीएलडब्ल्यू और एफएसएन ई-कॉमर्स जैसे बड़े आईपीओ आए थे। प्रमुख 6 आईपीओ में से चार नए जमाने की टेक्नोलॉजी कंपनियों से थे, जिन्होंने कुल मिलाकर 38,734 करोड़ रुपये जुटाए थे।  एक वरिष्ठï बैंकर ने नाम नहीं छापने के अनुरोध पर कहा, ‘पिछला वर्ष राजस्व सृजन के संदर्भ में काफी अच्छा था और ऐसे वर्ष में उन्हें लाभान्वित कर प्रतिभाओं को जोड़े रखना महत्वपूर्ण है, जब संगठन अच्छा प्रदर्शन करते हों।’

सौदों की संख्या में वृद्घि के बीच निवेश बैंकों द्वारा 2021 में नियुक्ति प्रक्रिया तेज हुई थी।

Keyword: आईपीओ, कमाई, निवेश बैंकर, कोष उगाही, रिकॉर्ड शुल्क, इक्विटी पेशकश,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

भारत के छोटे निवेशक इक्विटी पर हैं अंडरवेट

Investmentsवेलेंटिस एडवायजर्स के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक ज्योतिवर्द्धन जयपुरिया

ऊंची कपास कीमतों से टेक्सटाइल उद्योग हो रहा है प्रभावित

भारत केंद्रित फंड जुटा सकते हैं बड़ी पूंजी

विश्लेषकों को भा रहे डायनेमिक बॉन्ड फंड

बाजार हलचल

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.