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फंसे कर्ज पर रणनीति बदल रहा एसबीआई

अभिजित लेले / मुंबई May 24, 2022

देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 500 करोड़ रुपये फंसा कर्ज वसूलने के लिए रणनीति बदलने की तैयारी की है। इस वित्त वर्ष में बैंक लघु और मझोले उद्यमों और खुदरा क्षेत्र के फंसे कर्ज के 'पूल' बिक्री पर विचार करेगा।

अब तक बैंक खाते के मुताबिक बिक्री करता रहा है। फंसे कर्ज की बिक्री के लिए दो मानक  हैं। पहला बड़े खाते, जिन्हें नवगठित नैशनल असेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) में डाला जाएगा और दूसरा गैर एनएआरसीएल पोर्टफोलियो है। इसमें बैंक 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये कर्ज बेचने को इच्छुक है।

एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गैर एनएआरसीएल की बिक्री से 35 से 40 प्रतिशत वसूली की उम्मीद है। व्यक्तिगत ऋण, एसएमई औऱ कृषि में कुल एनपीए मार्च 2022 के अंत तक 57,857 करोड़ रुपये है।

कुछ संपत्ति पुनर्गठन कंपनियां और विशेष स्थिति कोष पोर्टफोलियो के आधार पर खरीद पर विचार कर रही हैं, जिसमें खुदरा ग्राहकों के कर्ज और सूक्ष्म लघु और मझोले उद्यमों का कर्ज शामिल है।

बैंक इस पूल बिक्री में सक्रिय नहीं रहा है। अन्य बैंक व वित्त कंपनियां कम मूल्य के कर्ज के एनपीए को एकत्र कर उसकी बिक्री में सक्रिय रही हैं। बैंक शिक्षा ऋण के एनपीए की बिक्री नहीं करेगा।

वेतनभोगी लोगों का कर्ज है, जहां उधारी लेने वाला रोजगार में है, लेकिन पुनर्भुगतान नहीं कर पा रहा है। ऐसे कर्ज को चिह्नित किया जाएगा और उसे पूल में एआरसी को बेचा जाएगा। इस कवायद में 10,000 से 20,000 खुदरा या एसएमई कर्ज को चिह्नित कर उसे एक पूल में बेचने का विचार है। एआरसी और फंड नियमों के मुताबिक काम करेंगे और इसका मूल्यांकन कर बैंको से अधिग्रहण करेंगे। उसके बाद वे रिकवरी की प्रक्रिया में जुटेंगे। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि एआरसी या फंडों द्वारा वसूली की गतिविधियों पर नजर रखा जाएगा।

एसबीआई की संपत्ति गुणवत्ता के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। बैंक की सकल गैर निष्पादित संपत्ति (एनपीए) 31 मार्च, 2022 में 3.97 प्रतिशत रह गया, जो मार्च 2021 में 4.98 प्रतिशत था। बैंक का शुद्ध एनपीए मार्च 2022 में घटकर 1.02 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 1.5 प्रतिशत था। लोन लॉस प्रॉविजन्स तेजी से 67.10 प्रतिशत गिरकर वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में 3,262 करोड़ रुपये रह गया, जो वित्त वर्ष 21 की चौथी तिमाही में 9,914 करोड़ रुपये था। वहीं प्रॉविजन कवरेज रेश्यो (पीसीआर) सुधरकर मार्च  2022 में 90.2 प्रतिशत हो गया।

बैंक की एनपीए से रिकवरी और अपग्रेड्स वित्त वर्ष 22 में 21,437 करोड़ रुपये रहा, जो महामारी से प्रभावित वित्त वर्ष 21 में 17,632 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2020 में रिकवरी और अपग्रेड्स 25,781 करोड़ रुपये था।

एनपीए के अलावा बैंक ने 30,960 करोड़ रुपये कर्ज का पुनर्गठन किया है। इसमें खुदरा ग्राहकों के कर्ज, एसएई और कंपनियों (इसका कम हिस्सा है) के कर्ज शामिल हैं। वित्त वर्ष 2022 के परिणाम की घोषणा करते हुए एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा था कि पुनर्गठित ऋण के एवज में बैंक ने पर्याप्त आपातकालीन प्रावधान किए हैं, जिससे बही खाते को संभावित झटकों से बचाया जा सके।

Keyword: फंसे कर्ज, रणनीति, एसबीआई, भारतीय स्टेट बैंक, एनएआरसीएल,
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