बिजनेस स्टैंडर्ड - नए नियमों से एचएनआई के दांव में आएगा बदलाव
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, May 21, 2022 08:26 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

नए नियमों से एचएनआई के दांव में आएगा बदलाव

समी मोडक / मुंबई April 22, 2022

प्रमुख नियामकीय बदलावों से आईपीओ में अमीर लोगों के निवेश करने के तरीके में बदलाव आ सकता है। इस महीने की शुरुआत से आरबीआई ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा आईपीओ वित्त पोषण पर 1 करोड़ रुपये की सीमा लगाई है।

इससे अत्यधिक अभिदान स्तर में कमी आने का अनुमान है, क्योंकि शुरू में एनबीएफसी ने आईपीओ पर दांव लगाने के लिए लोगों को 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की उधारी दी। इसके अलावा, पूंजी बाजार नियामक सेबी ने 2 लाख रुपये और 20 लाख रुपये के बीच निवेश करने वाले लोगों के लिए नई उप-श्रेणी पेश की है। एचएनआई कोटे का एक-तिहाई ऐसे निवेशकों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। इस सेगमेंट में कई रिटेल आवेदन हासिल होने की संभावना है।


1 करोड़ रुपये की सीमा

अक्टूबर में आरबीआई ने ज्यादा सट्टेबाजी रोकने के प्रयास में आईपीओ के लिए कर्ज के संदर्भ में प्रति उधारकर्ता 1 करोड़ रुपये की सीमा घोषित की। यह नियम 1 अप्रैल को प्रभावी हुआ।

एनबीएफसी एचएनआई को करोड़ों रुपये उधार देकर पिछले साल की आईपीओ तेजी का लाभ उठाने में सक्षम रही थीं। उनका मकसद बड़े आईपीओ से पहले सात दिन के वाणिज्यिक पत्र जारी कर पूंजी जुटाना था। यह पूंजी 200-400 आधार अंक के अंतर को बरकरार रखकर उधार दी गई थी। ऋण लेने वाले कमाई करने में सफल रहे, क्योंकि सूचीबद्घता के दिन तेजी कई मामलों में उधारी लागत के बाद भी खरीद लागत को पार कर गई। हालांकि 1 करोड़ रुपये की सीमा के साथ आईपीओ के लिए उधारी बाजार काफी घटने का अनुमान है और इसका प्रभाव एनबीएफसी पर पड़ेगा।

एनबीएफसी का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि निवेशकों को पारिवारिक सदस्यों और दोस्तों से जुड़े कई खातों के जरिये आवेदन करना चाहिए। उनका यह भी मानना है कि आवेदनों में इजाफा होने से खासकर आईपीओ के लिए ऋण देने में संभावित कमी की भरपाई करने में आंशिक तौर पर मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, 'आरबीआई ने आईपीओ के लिए ऋण प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि शेयरों के खिलाफ ऋण पर कोई सीमा नहीं है। इसलिए एनबीएफसी उन निवेशकों को उधार देंगी जो अपनी प्रतिभूतियां गिरवी रखते हैं। इसके अलावा, 1 करोड़ रुपये की सीमा एनबीएफसी पर भी लागू होती है। ऐसे अन्य वित्तीय संस्थान हो सकते हैं जो एनबीएफसी के तौर पर पंजीकृत नहीं हैं।'


नई एचएनआई श्रेणी

सिर्फ कुछ एचएनआई ही उधारी हासिल करने और इस रकम को आईपीओ में लगाने में दक्ष हैं। सेबी के नियम में उन लोगों पर स्पष्ट रूप से जोर दिया गया है जो एचएनआई के तौर पर आईपीओ में 2 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश करते हैं। ज्यादा अभिदान मिलने का मतलब यह है कि 2 लाख और 10 लाख रुपये के बीच निवेश करने वाले लोगों को एचएनआई श्रेणी में मुश्किल से ही आवंटन मिलता है। ऐसे निवेशकों की मदद के लिए सेबी ने नई उप-श्रेणी पेश की है। जहां यह एक स्वागत योग्य कदम है, वहीं ऐसे निवेशकों के लिए आरक्षित शेयरों की संख्या कुल आईपीओ आकार का महज 5 प्रतिशत होगी, जबकि रिटेल यानी छोटे निवेशकों (जो 2 लाख रुपये से कम का निवेश करते हैं) के लिए यह 35 प्रतिशत है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि आईपीओ आकार का सिर्फ 15 प्रतिशत हिस्सा एचएनआई कोटा तैयार करता है।

Keyword: नए नियम, एचएनआई, दांव, नियामकीय बदलाव, आईपीओ, निवेश, एनबीएफसी, एचएनआई,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

एफपीआई ने मई में निकाले 6,400 करोड़ रुपये

Investmentsविदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने चालू महीने यानी मई के पहले चार

बाजार हलचल

ओ2सी व्यवसाय से आरआईएल को मिलेगी ताकत

वैश्विक चिंता से एफपीआई निकासी रह सकती बरकरार

एलआईसी के बाद डेल्हिवरी घटाएगी आईपीओ का आकार!

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.